1 शमूएल 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि मैं तो उसको यह कहकर जता चुका हूँ, कि मैं उस अधर्म का दण्ड जिसे वह जानता है सदा के लिये उसके घर का न्याय करूँगा, क्योंकि उसके पुत्र आप श्रापित हुए हैं, और उसने उन्हें नहीं रोका।

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1 शमूएल 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 3:13 पर टिप्पणी – संदर्भ और significado

यह आयत पुराने नियम के समय के एक नयी दिशा के साथ जुड़ती है। शमूएल का प्रशिक्षण देवयोजना की रूपरेखा में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है: परमेश्वर भविष्यवाणी-संबंधी संदेशों के लिए उसे चुनते हैं, और यहाँ यह चेतावनी है कि परमेश्वर साधारण रूप से घर-परिवार के आचार-व्यवहार के अनुसार दण्ड देता है। आयत कहती है कि यह दण्ड अवश्य होगा क्योंकि होशियार पिता होने के बावजूद अगुआ ने अपने पुत्रों के अधर्म पर रोक नहीं लगाई, और इस कारण घर का न्याय अप्रत्याशित नहीं बल्कि पूर्वसूचित है।

केंद्रीय अर्थ

यह संदेश यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने चयनित दtts के प्रति जिम्मेदारी से दृष्टिकोण लेते हैं। एक नीतिगत चेतावनी के रूप में कहा गया कि अगर माता-पिता या प्रेरक अधिकारी पाप के रोकथाम में निष्क्रिय रहते हैं, तो दण्ड आने से नहीं बचेगा। यहाँ specifically यह कहा गया है कि परमेश्वर ने स्पष्ट कर दिया है कि घर के सदस्यों के अधर्म के लिए घरेलू न्याय आएगा, क्योंकि पिता-रूढ़ी ने शुश्रुषा नहीं दी।

प्रधान विषय

  • पितृत्व और उत्तरदायित्व: परिवार के संरक्षण के लिए नीतिगत भूमिका और चेतावनी कि निष्क्रियता के परिणाम ਕठोर होते हैं।
  • धर्म और दण्ड की सार: ईश्वर का न्याय घर-परिवार के स्तर पर भी क्रियाशील रहता है, जब सत्य के मार्ग में बाधा आती है।
  • भविष्यवाणी और पथप्रदर्शन: शमूएल के लिये देव-आह्वान एक नई शुरुआत है; यह उदाहरण देता है कि परमेश्वर कैसे चुने जाते हैं और कैसे उनके कर्तव्य निर्धारित होते हैं।

हमारे लिए प्रमुख विचार

- माता-पिता और नेताओं की जिम्मेदारी कितनी केंद्रीय है; अधर्म रोकने के लिए साहस और दृढ़ता चाहिए।
- ईश्वर की सचेतनता व्यक्तिगत और पारिवारिक दोनों स्तर पर लागू होती है; नैतिकता की चक्रवात में भी योजना स्पष्ट रहती है।
- एक सच्चे हृदय की भाषा वह है जो देव-कार्यो में प्रेरणा बनती है, न कि दबाव या डर से।

संदर्भ से सम्बन्ध

1) यह सच-संदेश एक समान विचार देता है कि व्यक्तिगत विश्वास-जीवन में कान्त-ध्वनि का आना और कर्तव्य-पालन अनिवार्य है (निर्देशन-संरेख)।

2) यह आयत परमेश्वर के न्याय के नियमों को परिवार के भीतर भी लागू बताती है, जो पुराने विधान के नैतिक ढांचे से मेल खाती है।

3) शमूएल के आने की तैयारी इस बात को रेखांकित करती है कि परमेश्वर कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी अपने उद्देश्य के अनुसार भविष्य बनाते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

आज के पाठक के लिए यह स्मरण कराता है कि परिवार में सत्य और नैतिकता को गले लगाना कितना आवश्यक है। यदि हम अपने घरों में अनुशासन, नैतिकता, और พระय के साथ मार्गदर्शन नहीं देते, तो परिणाम समय के साथ विपरीत हो सकता है। यह आयत प्रेरित करती है कि हम अपने प्रभाव-क्षेत्र में नैतिक निर्णयों के लिए स्पष्ट कदम उठाएं, और ईश्वर की योजना के अनुसार शिक्षा-संरचना बनाएं।

छोटे cross-reference-चिन्तन

- प्रेरित वचन और पवित्रता के महत्व के साथ, परिवार में नेतृत्व की जिम्मेदारी पर जो अन्य आयतें देती हैं; छोटा संदर्भ: बास-याचना के नियम, और पिता के प्रभाव के बारे में (cross-reference)—इनमें यह समझ आता है कि नेतृत्व क्या अपेक्षा करता है।

- अन्यथा आयतें जो पिता और पुत्रों के आचरण के साथ देव के न्याय को जोड़ती हैं; यह दिखाती हैं कि परमेश्वर भक्ति-निष्ठा को कैसे मापते हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

1 शमूएल 3:13 हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर अपने चयनित व्यक्तियों और उनके परिवेश के प्रति निष्ठा से कार्य करते हैं। यदि परिवार-नेतृत्व अधर्म रोकने में नाकाम रहे, तो देव-न्याय आ सकता है। शमूएल की बुलाहट उसी विश्वास की शुरुआत है कि परमेश्वर अपने लोगों को मार्गदर्शन और शुद्धता के साथ आगे बढ़ाते हैं, भले ही रास्ते कठिन क्यों न हों।

नोट: इस पाठ पर हिंदी पवित्र पुस्तक HINIRV के अनुकूल भाव-भाषा में, मैथ्यू हेन्की (Matthew Henry), अलबर्ट बार्न्स (Albert Barnes) और एडम क्लार्क (Adam Clarke) के सार्वजनिक-घोषित विचारों से प्रेरित संक्षेप रूपांतर समाविष्ट हैं; इनमें उनके प्रमुख निष्कर्षों के अनुसार एकीकृत साक्ष्य प्रस्तुत किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

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“जो माता या पिता को मुझसे अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं और जो बेटा या बेटी को मुझसे अधिक प्रिय जानता है, वह मेरे योग्य नहीं। (लूका 14:26)

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