1 शमूएल 3:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आँखें तो धुँधली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था,

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1 शमूएल 3:2 पद-दर-पद बाइबल टीका

पाठ का समापन: 1 शमूएल 3:2 (HINIRV)

तत्काल दृश्य: उस समय इली की आँखें धुँधली होने लगी थीं और वह अपने स्थान पर लेटा था। यह घटना तब है जब यिशाय की भूमि में धार्मिक नेतृत्व के क्षणभंगुर और निद्रा में पड़े हुए एक वृद्ध नेता के पास नई आवाजाही का आरम्भ हो सकता था।

ईश्वर के साथ संदर्भ और विश्वास का संदेश

यह पाठ एक ऐसे समय की ओर संकेत करता है जब भगवान का संदेश भविष्य के लिए तैयार हो रहा है, और एक अयोग्य देखरेख के भीतर भी ईश्वर अपनी योजना चलाते हैं। भले ही इली का स्वास्थ्य और जागरूकता कमजोर हो, परमेश्वर की योजना निर्बाध रूप से आगे बढ़ती है। इस दृश्य से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर किसी अधिकारी के योग्यता-योग से ऊपर है; वह उन लोगों के माध्यम से काम करते हैं जिनकी क्षमता क्षीण हो सकती है, ताकि उसकी महिमा स्पष्ट हो।

शब्दावली और रूपक स्पष्ट करना

- इली: उच्चकर्मी और आराधना-नेतृत्व का प्रतिनिधि, जिसकी आँखें धुँधी हो चली हैं, संकेत देती हैं कि वह शीलित नहीं है और क्षेत्रीय नेतृत्व में उसकी प्रभावशीलता कम हो चुकी है। यह एक विशेष प्रतीक है कि परमेश्वर कैसे अंधेरे में भी आवाज़ सुनकर उसके अनुरूप मार्ग दिखाने को तैयार रहता है।

- स्थान में लेटना: एक संरक्षित, परिभाषित स्थान पर विश्राम—जो कि व्यवस्था की सुरक्षा और व्यक्ति के विश्वासी जीवन के विराम का प्रतिरूप है। इसके साथ कथा यह दिखाती है कि जब मनुष्यों के भीतर चेतना क्षीण हो, तब भी ईश्वर की योजना निर्बाध गति से चलती है।

संदर्भित पाठ और विचार

इस दृश्य से जुड़े विचार अन्य भागों में स्पष्ट होते हैं जब भविष्य के दूतत्व और निदेश देते समय बालियोग के समय (यशायाह/यहिग) आदि में भी ईश्वर युवा-नेताओं को उठाते हैं। यह कथा यद्यपि छोटी है, परन्तु यह दिखाती है कि किस प्रकार परमेश्वर तंगहाल स्थिति से भी मार्ग प्रदान करते हैं।

आज के संदर्भ में लागू होने वाली बाताएँ

  • युवा और वृद्ध दोनों के लिए—ईश्वर अपनी योजना में उपयोग के लिए अनुभव या पूर्ण विश्‍वास नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में सहभागिता तलाशते हैं।
  • नेतृत्व में असफलताएँ होने पर भी विश्वास रखें: परमेश्वर की आवाज़ कभी-न-कभी स्पष्ट होती है और वह मार्ग दिखाते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस और संक्षिप्त संयोजन

कई बार पवित्र शास्तर में ‘आँखों की धुंधलाहट’ जैसे चित्र यह संकेत देते हैं कि शिष्टाचार और बुद्धि से ऊपर भी परमेश्वर की प्रेरणा पहुँची है। संदर्भों में से कुछ उल्लेखनीय विचार यह हैं:

- एक अवसर पर प्रभु विश्वासयोग्य सेवकों के माध्यम से मार्गदर्शन करते हैं, भले ही वे कमजोर क्यों न हों।

- ईश्वर की योजना मानव सीमा से परे चलती है और वह अपने चयनित लोगों को जागरूक करते हैं।

सार/coherence

संक्षेप में, यह दृश्य भगवान की सक्रिय योजना को रेखांकित करता है जिसमें वरिष्ठ नेतृत्व की सीमा के बावजूद भी वह नई आवाज़ को उभारते हैं। यह पाठ आज के विश्वासियों के लिए यह प्रेरणा देता है कि वे अपने कमजोर क्षणों में भी भरोसा रखें कि परमेश्वर अपना मार्ग दिखाते हैं और उनके लिए एक उद्देश्य निर्धारित रहते हैं।

टिप्पणियाँ उद्धृत टिप्पणीकारों से संक्षेप में (यदि उपलब्ध): 1) हार्न, 2) अलेक्ज़ेंडर क्लार्क जैसे पवित्र टीकाकारों के समानार्थी विचार—परमेश्वर की योजना में मानवीय क्षमताओं की सीमा बड़ी नहीं होती; 3) मैथ्यू हेनरी/ऐल्बर्ट बार्न्स/आदम क्लार्क के संकथन से संगत कोर विचार—ईश्वर का उद्धारकर्ता-कार्य निर्भर करता है, न कि मानवीय योग्यता पर।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 3:2 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 शमूएल 4:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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एली तो अठानवे वर्ष का था, और उसकी आँखें धुंधली पड़ गई थीं, और उसे कुछ सूझता न था।

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जब इसहाक बूढ़ा हो गया, और उसकी आँखें ऐसी धुंधली पड़ गईं कि उसको सूझता न था, तब उसने अपने जेठे पुत्र एसाव को बुलाकर कहा, “हे मेरे पुत्र,” उसने कहा, “क्या आज्ञा।”

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उसके पिता ने कहा, “नहीं, सुन, हे मेरे पुत्र, मैं इस बात को भली भाँति जानता हूँ यद्यपि इससे भी मनुष्यों की एक मण्डली उत्‍पन्‍न होगी, और यह भी महान हो जाएगा, तो भी इसका छोटा भाई इससे अधिक महान हो जाएगा, और उसके वंश से बहुत सी जातियाँ निकलेंगी।”

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