Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 23:1 2 शमूएल 23:2 2 शमूएल 23:3 2 शमूएल 23:4 2 शमूएल 23:5 2 शमूएल 23:6 2 शमूएल 23:7 2 शमूएल 23:8 2 शमूएल 23:9 2 शमूएल 23:10 2 शमूएल 23:11 2 शमूएल 23:12 2 शमूएल 23:13 2 शमूएल 23:14 2 शमूएल 23:15 2 शमूएल 23:16 2 शमूएल 23:17 2 शमूएल 23:18 2 शमूएल 23:19 2 शमूएल 23:20 2 शमूएल 23:21 2 शमूएल 23:22 2 शमूएल 23:23 2 शमूएल 23:24 2 शमूएल 23:25 2 शमूएल 23:26 2 शमूएल 23:27 2 शमूएल 23:28 2 शमूएल 23:29 2 शमूएल 23:30 2 शमूएल 23:31 2 शमूएल 23:32 2 शमूएल 23:33 2 शमूएल 23:34 2 शमूएल 23:35 2 शमूएल 23:36 2 शमूएल 23:37 2 शमूएल 23:38 2 शमूएल 23:39



2 शमूएल 23:20 — immediate setting andृत
यह पद शमूएल की दूसरी किताब के अन्तिम भाग से है, जहाँ प्यारे सामर्थ्य के सैनिकों की सूची और राजा डेरविंग की वीरगाथाएँ सामने आती हैं। बनायाह, यहोयादा का पुत्र, एक ऐसे समय का प्रतीक है जब यहूदा की अत्यंत भारी परीक्षाओं के बीच निष्ठा और साहस के विरले उदाहरण उभरते हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाला संदेश
इस पद में ईश्वर की सुरक्षा तथा शत्रुओं पर विजय की प्रेरणा दिखाई देती है। बनायाह के साहस की कथा यह दर्शाती है कि परमेश्वर उन चुनिंदा लोगों पर सहायता बरसाता है जो साहस के साथ उसकी योजना में भाग लेते हैं। यह वीरता केवल शौर्य नहीं, बल्कि परमेश्वर की दिव्य प्रेरणा पर निर्भर विश्वास का परिणाम है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
관련 पद
यह कहानी शास्त्र में वीरों के चयन और परमेश्वर की सहायता के सिद्धान्तों से जुड़ी है। नीचे दिए दो cross-reference संकेत हैं, जिनसे पाठक समझ पाते हैं कि बहादुरी और ईश्वरीय सहायता कितने गहरे से जुड़े हैं:
महत्वपूर्ण शब्दावलियों की संक्षिप्त व्याख्या
बनायाह की कथा में “वीर” बनने की प्रेरणा एकेश्वरवादी धारा के साथ जुड़ी है—क्योंकि यह वीरता परमेश्वर की सहायता से जन्मती है, न कि मनुष्यों के बल से। भय के समय भी ईश्वर की दिशा में स्थिर रहने से कार्य संभव होते हैं।
आज के संदर्भ में पाठ की व्यवहारिक शिक्षा
सार
यहोयादा के पुत्र बनायाह की यह प्रेरक कथा हमें यह स्मरण कराती है कि परमेश्वर अपने लोगों के भीतर ऐसी शक्तियाँ उन्नत करता है जो अत्याचार के सामने भी सत्य, साहस और संरक्षण देते हैं। संकटकाल में भी faithfulness का चयन करना ही असली वीरता है, और यही संदेश इस वाक्य का मूल केंद्र है।