Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 23:1 2 शमूएल 23:2 2 शमूएल 23:3 2 शमूएल 23:4 2 शमूएल 23:5 2 शमूएल 23:6 2 शमूएल 23:7 2 शमूएल 23:8 2 शमूएल 23:9 2 शमूएल 23:10 2 शमूएल 23:11 2 शमूएल 23:12 2 शमूएल 23:13 2 शमूएल 23:14 2 शमूएल 23:15 2 शमूएल 23:16 2 शमूएल 23:17 2 शमूएल 23:18 2 शमूएल 23:19 2 शमूएल 23:20 2 शमूएल 23:21 2 शमूएल 23:22 2 शमूएल 23:23 2 शमूएल 23:24 2 शमूएल 23:25 2 शमूएल 23:26 2 शमूएल 23:27 2 शमूएल 23:28 2 शमूएल 23:29 2 शमूएल 23:30 2 शमूएल 23:31 2 शमूएल 23:32 2 शमूएल 23:33 2 शमूएल 23:34 2 शमूएल 23:35 2 शमूएल 23:36 2 शमूएल 23:37 2 शमूएल 23:38 2 शमूएल 23:39



संदर्भगत संक्षिप्त व्याख्या — 2 शमूएल 23:24
यह पदDAVīd के वफादार योद्धाओं की सूची में आता है, जिन्हें “DAVīd के तीस” या विशेष योद्धा कहा गया है। यहाँ नामों का उल्लेख उस सैन्य नेतृत्व और प्रतिष्ठा की पुष्टि करता है जो DAVīd के समय में था। पद् के इस हिस्से में असाहेल और एल्हनान जैसे व्यक्तियों का संक्षेप में उल्लेख मिलता है—यह सूचित करता है कि वे DAVīd की सेवा में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते थे, और सूची पूरे सैन्य ढाँचे और वफादारी को दर्शाती है।
मुख्य अर्थ
आयात शाब्दिक रूप से एक नामों की सूची प्रस्तुत करता है; परंतु इसका व्यापक अर्थ यह है कि DAVīd के शासन में कई वफादार और बहादुर लोग थे जिनके योगदान को स्मरण किया गया। ये नाम सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि उस सामूहिक सुरक्षा और प्रशासन के प्रतीक हैं जो DAVīd के राज में बनी रही।
कुंजी विषय
संबंधित उद्धरण और सम्बन्ध
यहाँ कुछ संबंधित शास्त्री संदर्भ हैं जिनकी तुलना से अर्थ स्पष्ट होता है:
1) 1 एकह 11–12 में भी DAVīd के सैन्य नायकों और उनके पराक्रम का विवरण मिलता है; वहाँ विस्तार से उनके कृत्यों का वर्णन है, जो यहाँ के संक्षेप को संतुलित करता है।
2) 1 एकह 27 में DAVīd की समूहीकृत सैन्य व्यवस्था और परिचालन के संकेत मिलते हैं; यह दिखाता है कि सूची केवल मान्यता नहीं, बल्कि संगठन की अभिव्यक्ति भी है।
3) नीतिवचन 10:7 के समान विचार मिलता है — नाम और स्मृति व्यक्ति की प्रतिष्ठा और पीढ़ियों तक उसकी याद बनाए रखने का माध्यम हैं।
व्यावहारिक चिंतन
यह छोटा पद हमें सिखाता है कि सामुदायिक जीवन में व्यक्तिगत योगदानों को मान्यता मिलना आवश्यक है। चाहे सेवा सार्वजनिक हो या छिपी हुई, उसका उल्लेख आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनता है। हम भी अपनी जीवन-भूमिका और सेवाओं को संजीदगी से देखें और उन लोगों को याद रखें जिन्होंने समुदाय की भलाई में योगदान दिया।
शास्त्रीय टिप्पणी से संक्षिप्त संकेत
मैथ्यू हेनरी इस प्रकार के सूचीबद्ध स्थानों को यह याद दिलाने के रूप में देखते हैं कि ईश्वर और मानव दोनों ही निष्ठा और परिश्रम को देखते हैं; परन्तु यहाँ मैं किसी सेठ-शब्द या लंबी बारीक उद्धरण का प्रत्यक्ष उद्धरण नहीं दे रहा। अल्बर्ट बॉर्न्स और एडम क्लार्क भी समान रूप से इन नामों को DAVīd के प्रशासनिक और सैन्य ढाँचे के संकेत के रूप में बताते हैं। यदि किसी विशेष शाब्दिक उद्धरण की जरूरत हो तो वह अलग से उल्लेख किया जा सकता है।
संक्षिप्त समापन
2 शमूएल 23:24 का छोटा सा पदDAVīd के शासन के भीतर निष्ठा, संगठन और स्मृति के महत्व को संक्षेप में दर्शाता है। नाम भले ही संक्षिप्त हों, पर उनका प्रभाव उस समय की सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकताओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के रूप में बना रहता है।