Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 23:1 2 शमूएल 23:2 2 शमूएल 23:3 2 शमूएल 23:4 2 शमूएल 23:5 2 शमूएल 23:6 2 शमूएल 23:7 2 शमूएल 23:8 2 शमूएल 23:9 2 शमूएल 23:10 2 शमूएल 23:11 2 शमूएल 23:12 2 शमूएल 23:13 2 शमूएल 23:14 2 शमूएल 23:15 2 शमूएल 23:16 2 शमूएल 23:17 2 शमूएल 23:18 2 शमूएल 23:19 2 शमूएल 23:20 2 शमूएल 23:21 2 शमूएल 23:22 2 शमूएल 23:23 2 शमूएल 23:24 2 शमूएल 23:25 2 शमूएल 23:26 2 शमूएल 23:27 2 शमूएल 23:28 2 शमूएल 23:29 2 शमूएल 23:30 2 शमूएल 23:31 2 शमूएल 23:32 2 शमूएल 23:33 2 शमूएल 23:34 2 शमूएल 23:35 2 शमूएल 23:36 2 शमूएल 23:37 2 शमूएल 23:38 2 शमूएल 23:39



यह अंश क्यों मायने रखता है
2 शमूएल 23:10- में दाऊद की वीरता और परमेश्वर की सहायता एक साथ उभरती है। कड़ा संघर्ष और दृढ़ प्रतिबद्धता के बीच यह दिखता है कि परमेश्वर के लोग कठिन समय में भी आत्मविश्वास से लड़ते हैं, और प्रभु की विजय से ही वास्तविक सफलता मिलती है। यह वाक्य हमें यह याद दिलाता है कि एकात्म प्रयास और परमेश्वर पर भरोसा रक्षा-युद्धों के दौरान निर्णायक बन सकता है।
मूल संदर्भ
यह पद दाऊद के सामर्थ्यशाली शूरवीरों में से एक के बारे में है, जिसने अत्यंत मेहनत और धैर्य के साथ शत्रु-पिशाचों के विरुद्ध लड़ाई लड़ी। गाथाओं में यह दिखता है कि शूरवीर अपने शरीर की शक्ति खत्म होने तक एकट्ठा खड़ा रहता है, और जब तलवार उसकी हथेली से चिपक जाती है, तो भी विजय परमेश्वर के नाम पर सुनिश्चित होती है। यहूदा के राजा के समय की यह घटना दाऊदी शूरवीरों के बीच की दृढ़ता और परमेश्वर के आशीर्वाद की मिसाल है।
मुख्य संदेश
पवित्र शास्त्रीय थीम्स
वह शूरवीर, पिश्तियों के खिलाफ अटूट संघर्ष और परमेश्वर के विजय की स्मृति—इनमें समन्वय है। यह सिखाता है कि जीवन में किसी भी परीक्षा के सामने अपने दृढ़ विश्वास और कर्म की ठोसता बनी रहे, चाहे सफलता कितनी ही कठिन क्यों न हो।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेत और तात्पर्य)
- इस्तिरता के समय धैर्य: यह बताता है कि संकट के बीच धैर्य से लड़ना सेफ्टी-गाइड है; अन्य जगहों पर भी धैर्य के गुण पर बल दिया गया है।
- परमेश्वर की विजय: युद्ध-कथाओं में परमेश्वर की सहायता से विजय मिलना सामान्य पाठ है; यह वाक्य उसकी कृपा और सामर्थ्य को स्मरण कराता है।
- एकता और नेतृत्व: एक वीर की कठोर मेहनत और उसके पीछे की सेना—यह समूह-युद्ध की सार भी दर्शाता है।
सूत्र-संयोजन: 2 पतरस 1:5-7 के अनुसार चरित्र-निर्माण
आत्म-विश्वास, धैर्य, और परिश्रम से चरित्र बनता है; यह संदर्भ उस प्रेरणा को याद दिलाता है कि संघर्ष में भी हम प्रभु के आशीर्वाद को याद रखें।
व्यावहारिक बिंदु
देवotional reflection
जब हाथ थक जाए और शत्रु ताकतवर लगे, तेरा विश्वास न डिगे। परमेश्वर की विजय एक पूरी परिवार की जीत है—धैर्य, एकता और ईमानदारी से जीने से उसे पाया जा सकता है। जैसे वही महान वीर दाऊद के साथ रहा, वैसा ही वचन हमारे जीवन के युद्धों में भी है: प्रभु के साथ मजबूती, तब लोंग-लोहा टूटेगा नहीं।
खास उद्धरण (यदि उपलब्ध)
मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के किसी स्पष्ट शाब्दिक अंश का सीधा टेक्स्ट यहाँ नहीं है; पर उनके विचारों के अनुरूप, यह पाठ दृढ़ धैर्य, परमेश्वर की सहायता और वीरता के मिलन को उभारता है—जिनका सार वे अपने लेखन में रखते हैं।