Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 23:1 2 शमूएल 23:2 2 शमूएल 23:3 2 शमूएल 23:4 2 शमूएल 23:5 2 शमूएल 23:6 2 शमूएल 23:7 2 शमूएल 23:8 2 शमूएल 23:9 2 शमूएल 23:10 2 शमूएल 23:11 2 शमूएल 23:12 2 शमूएल 23:13 2 शमूएल 23:14 2 शमूएल 23:15 2 शमूएल 23:16 2 शमूएल 23:17 2 शमूएल 23:18 2 शमूएल 23:19 2 शमूएल 23:20 2 शमूएल 23:21 2 शमूएल 23:22 2 शमूएल 23:23 2 शमूएल 23:24 2 शमूएल 23:25 2 शमूएल 23:26 2 शमूएल 23:27 2 शमूएल 23:28 2 शमूएल 23:29 2 शमूएल 23:30 2 शमूएल 23:31 2 शमूएल 23:32 2 शमूएल 23:33 2 शमूएल 23:34 2 शमूएल 23:35 2 शमूएल 23:36 2 शमूएल 23:37 2 शमूएल 23:38 2 शमूएल 23:39



सीधा अर्थ और प्रवेश
2 शमूएल 23:29 में पद एक विशिष्ट नातिकथा से संबंधित है: यह सूची में बानाह का पुत्र हेलेब, बिन्यामीनियों के गिबा नगर के रीबै का पुत्र इत्तै आदि के नाम देता है। यहाँ हमारे लिए यह स्पष्ट है कि फिरौन-नायक, वीर बालकों और यहूदी नेताओं की पंक्तियाँ विस्तार से मिलती हैं, जिससे छवि उभरती है कि कौन-कौन अपने-अपने स्थान पर विश्वस्त बने रहे।
पृष्ठभूमि संक्षेप
यह अध्याय दावीद के शासनकाल के अंतिम वीरों की सूची संकलन करता है—जो परमेश्वर के प्रति दृढ़ और सक्रिय योगदान देने वाले थे। 2 शमूएल की गाथा में शहादत या वीरता के रिकॉर्ड अधिकतर स्वतंत्र अध्यायों के अंत में मिलते हैं। विशिष्ट नाम, जैसे बिन्यामीनियों के गिबा नगर के रीबै का पुत्र इत्तै, दर्शाते हैं कि यह सूची परिवार-जन, क्षेत्र-निर्देशन, और सामाजिक संरचना के साथ जुड़ी हुई है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
- नातिकथा में हर नाम एक व्यक्तित्व का संकेत है—किसी के साहस, नीति, और परमेश्वर के प्रति निष्ठा का प्रतीक।
- 'रीबै का पुत्र' जैसी प्रमुख पहचान बताती है कि क्लानिक-वंश और जातीय-पहचान वीरों के चयन में भूमिका निभाते हैं।
- यह पद यह भी सुझाता है कि दावीद का शासन सुरक्षा और व्यवस्था के लिए मजबूत नेटवर्क पर निर्भर था—जो विभिन्न गुटों के प्रमुखों से बना था।
थीमैटिक बिंदु
क्रॉस-रेफरेंस (संकेतिक तुलनात्मक समाहार)
1) 2 शमूएल 23:1-2 – दावीद की वीर-यशस्वी सूची से प्रेरणा मिलती है कि किस प्रकार परमेश्वर के साथ कड़ी निष्ठा एक्शन में प्रकट होती है।
2) 1 शमूएल 14:6 – “यहोवा देवलों में से मार्ग दिखाता है” जैसा विश्वास, जब वीर निर्णय लेते हैं, तब वे परमेश्वर के मार्ग पर टिके रहते हैं।
3) व्यवस्थावस्था 15:1-2 – समुदाय की सुरक्षा के लिए नेतृत्व और सहायता का संयोजन कैसे कार्य कर सकता है, यह स्मरण कराता है।
संकेतित निष्कर्ष और व्यावहारिक शिक्षा
यह पद याद दिलाता है कि दावीद के समर्थक केवल सम्मानित नाम नहीं थे, बल्कि वे थे जो मुश्किल समय में सक्रिय कर्तव्य-पालन से परे जाकर समुदाय की सुरक्षा और आदर्श-जीवन के लिए जुटे रहे। हमारे लिए यही सीख है कि विश्वास-कार्य, निष्ठा और समुदाय-सम्बद्धता अब भी परमेश्वर की दृष्टि में महत्त्वपूर्ण हैं।