Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
निर्गमन 2:1 निर्गमन 2:2 निर्गमन 2:3 निर्गमन 2:4 निर्गमन 2:5 निर्गमन 2:6 निर्गमन 2:7 निर्गमन 2:8 निर्गमन 2:9 निर्गमन 2:10 निर्गमन 2:11 निर्गमन 2:12 निर्गमन 2:13 निर्गमन 2:14 निर्गमन 2:15 निर्गमन 2:16 निर्गमन 2:17 निर्गमन 2:18 निर्गमन 2:19 निर्गमन 2:20 निर्गमन 2:21 निर्गमन 2:22 निर्गमन 2:23 निर्गमन 2:24 निर्गमन 2:25



वह स्त्री गर्भवती हुई और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ; और यह देखकर कि यह बालक सुन्दर है, उसे तीन महीने तक छिपा रखा। (निर्गमन 2:2, HINIRV)
सीधा अर्थ: इस वचन में मिस्र की हत्या से बचने के लिए मोशे के माता-पिता ने एक बालक को सुन्दर देखकर उसे छिपाने की योजना बनाई। यह बताता है कि बालक जीवन का वरदान है और माता-पिता की सावधानी, आस्था और समर्पण की मिसाल है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
निर्गमन के आरम्भिक अध्यायों में मिस्र की दासत्व व्यवस्था का प्रचलन दिखाया गया है, जहाँ יהוה के लोग दमन का सामना कर रहे थे। इस समय मोशे के जन्म के पीछे एक मिश्रित सामाजिक संघर्ष है—एक नये जीवन की आशा बनाम मौत का डर। माता-पिता ने कानून के विरुद्ध नहीं, परन्तु परमेश्वर के निर्देशन के अनुरोध में एक सुरक्षित मार्ग अपनाया। यह घटना यहूदियों के इतिहास में विश्वास की पहली प्रेरणा बनती है—छिपाकर भी जीवन की रक्षा संभव है जब परमेश्वर की योजना आगे बढ़ रही हो।
व्याख्यात्मक अवलोकन
कथन-संदेश (थीम)
अनुक्रम संबंधी क्रॉस-रेफरेंस
1) प्रेरित 7:20 — इस प्रकार की सीमा रेखाओं के संदर्भ में मोशे के जन्म से जुड़ी सुरक्षा और उद्धार का विचार बनता है।
2) इब्र 11:23 — विश्वास के कारण माता-पिता ने राज-नियमों के बावजूद जीवन की रक्षा के लिए कदम उठाए, जो आज भी विश्वास की शक्तिशाली मिसाल देता है।
3) अन्य संदर्भ के रूप में एक प्रेरक ग्रंथ जो parental care और divine providence की पुष्टि करते हैं, जीवन की कीमत और संरक्षित आशा को दर्शाते हैं।
पूर्व-अपेक्षित टिप्पणियाँ (संक्षेप)
इस वचन में माता-पिता का विवेक और बच्चों की सुरक्षा का मूल्य दिखता है। यहोवा के Logos के प्रति आस्था के साथ, परिवारजन के लिए भी एक शिक्षाप्रद मार्ग है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवन की रक्षा की जाए।
व्यावहारिक निष्कर्ष
परिवारों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा में सतर्क रहें और किन परिस्थितियों में स्थानीय नियमों के साथ-साथ परमेश्वर की योजना के अनुरूप कदम उठाने चाहिए, यह discern करें। आस्था और बुद्धिमत्ता का संतुलन रखना सदा आवश्यक है।
सूचनात्मक टिप्पणी: इस पंक्ति का मूल उद्देश्य हमें यह स्मरण दिलाता है कि भगवान अपने पर्वत-कार्य के लिए मानव जीवन को सुरक्षित रखने के उपाय देता है और विश्वासियों के भीतर जीवन-आशा को जगाए रखता है।