Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
निर्गमन 2:1 निर्गमन 2:2 निर्गमन 2:3 निर्गमन 2:4 निर्गमन 2:5 निर्गमन 2:6 निर्गमन 2:7 निर्गमन 2:8 निर्गमन 2:9 निर्गमन 2:10 निर्गमन 2:11 निर्गमन 2:12 निर्गमन 2:13 निर्गमन 2:14 निर्गमन 2:15 निर्गमन 2:16 निर्गमन 2:17 निर्गमन 2:18 निर्गमन 2:19 निर्गमन 2:20 निर्गमन 2:21 निर्गमन 2:22 निर्गमन 2:23 निर्गमन 2:24 निर्गमन 2:25



निर्गमन 2:24 पर दृष्टिकोण
इस पद में परमेश्वर का सुनना और अपने पवित्र वचनों की स्मृति द्वारा अगाध करुणा की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। मिस्र के दासत्व के वर्षों के भीतर इब्रानी जन समुदाय के लिए यह संदेश है कि प्रभु उनकी कराह सुनते हैं और अपने ऐतिहासिक वचनों के अनुसार उन्हें उद्धार का अवसर देते हैं। यह संयोजन, कराह एवं वाचा, दर्शाता है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के साथ गहन निष्ठा और समय पर साक्षात्कार करता है।
अध्याय के भीतर इस verse की स्थिति
निर्गमन के संदर्भ में इस verse से पहले मलिकों के दमन, मूर्तिपूजा और दासत्व की कठिनाइयाँ आती हैं। फिर प्रभु अपने लोगों की कराह सुनकर उनके निकट आते हैं, और उनके इतिहास की वाचा—अब्राहम, इसहाक, और याकूब के साथ बाँधी गई—यथार्थ के रूप में दृश्यमान होती है। यह संदेश है कि भगवान अपने लोगों के संकटों के समय स्मरणशील रहते हैं और उनके लिए क्रियात्मक योजना बनाते हैं।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेतक) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
1) प्रेरित 7:34: जहाँ यह लिंकिंग स्मरण कराता है कि परमेश्वर ने मोशे के समय भी अपनी वाचा के अनुसार कार्य किया।
2) उत्पत्ति 15:13–14: अब्राहम के समय से चलती वाचा की महत्ता और भविष्य की दासी-निवारण के संकेत।
3) यीशु के उद्धार की योजना तक का संकेत: परमेश्वर की वाचा और कराह, उनके तात्कालिक उद्धार से आगे विश्व के लिए अनुग्रह का मार्ग खोलती है।
व्यवहारिक अनुप्रयोग
- कठिन समय में निराश न हों; प्रभु आपके कराह को सुनते हैं और उनकी योजना आपके लिए है।
- वाचा के प्रति विश्वास बनाए रखें: परमेश्वर ने पूर्ववर्ती पीढ़ियों के साथ जो किया, वही आज भी कर सकते हैं।
- आश्रय और धैर्य: उद्धार के समयावधि के अनुसार परमेश्वर की गति अलग हो सकती है; विश्वास यही कि वह न्यायपूर्ण और दयालु है।
संक्षेप
निर्गमन 2:24 यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर उन लोगों की कराह सुनते हैं और उनके इतिहास के साथ जुड़ी अपनी वाचा को स्मरण रखते हैं। यह एक ऐसी प्रेरणा है जो विश्वासियों को यह सिखाती है कि कठिनाइयों के बीच भी ईश्वर की सुसंगत योजना व्यापक है, और उद्धार का समय उसकी धैर्यपूर्ण वचन के अनुरूप आएगा।
पुराने टिप्पणीकारों से संकलन जो सीधे उद्धरण देते हैं
Matthew Henry: “...God heard their groaning, and remembered his covenant.”
Albert Barnes: “God hears the groanings of his people and remembers his covenant.”
Adam Clarke: “God’s ear was not deaf to their sighs, nor his memory useless of his covenant.”
नीचे दिए गए पाठ-स्रोतों के संदर्भ केवल संदर्भार्थ हैं और पूर्ण उपशमाओं के लिए नहीं उद्धृत हैं।