उत्पत्ति 1:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब परमेश्‍वर ने जो कुछ बनाया था, सबको देखा, तो क्या देखा, कि वह बहुत ही अच्छा है। तथा सांझ हुई फिर भोर हुआ। इस प्रकार छठवाँ दिन हो गया। (1 तीमु. 4:4)

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उत्पत्ति 1:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 1:31 — ठहराव और समापन की बेटी की बात

प्रथम अध्याय के आखिरी भाग में, दिन-प्रतिदिन की रचना-योजना के क्रम में, परमेश्वर ने जो कुछ बनाया था, उसे देखने के लिए एक क्षण ठहरते हैं। यह verse बताता है कि परमेश्वर ने हर चीज को देखा—जो कुछ भी निर्मित हुआ, उसके समस्त पहलुओं को समझ लिया गया—और पाया कि वह "बहुत ही अच्छा" है। इसके साथ ही दिन-रात्रि के चक्र के अंतिम भाग पर “भोर” और “शाम” का क्रम पूरा होता है, जिससे रचना का क्रम एक संतुष्ट और पूर्ण उद्देश्य की ओर अग्रसर होता है।

ईश्वर के बारे में पाठ से निकलने वाले संदेश

1) परमेश्वर की पूर्ण योजना और ठहराव: हर दिन की रचना के पलों में ईश्वर अपने कार्य को "देख" कर संतुष्ट होते हैं। यह दर्शाता है कि रचना एक सुव्यवस्थित, लक्ष्य-प्रधान, और सामंजस्यपूर्ण योजना का परिणाम है, न कि अकारण संघर्ष का पश्चात्ताप।

2) विश्वास और आस्था की दृष्टि: “बहुत ही अच्छा” कहना केवल वस्तुओं की सुंदरता नहीं है, बल्कि परमेश्वर के अंतर्निहित मानक का प्रतीक है—जो कुछ भी ईश्वर की योजना के अनुसार बनता है, वह नैतिक और आध्यात्मिक मानक पर भी उत्तम है।

महत्वपूर्ण शब्दावलियाँ और चित्र

  • बहुत ही अच्छा — यह न केवल सौंदर्य का बखान है, बल्कि पूर्णता, संतुष्टि, और ईश्वर की रचना-कार्य की असीमित प्रशंसा का संकेत है।
  • भोर और शाम — दिन के चक्र का क्रम, जिसमें हर दिन नयी कृपा और नई संभावना का उद्घाटन होता है।

अनुबंधित बातें: अन्य पाठ से संबद्ध संकेत

• 1 पतरस 4:10-11; ईश्वर के दिए उपहारों पर विश्वास के साथ उनकी महिमा को बांटना।

• रोमियों 12:2; नई सोच और प्रकृति-परिवर्तन, ताकि जीवन में परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बदलाव आये।

• कोलुसियों 1:16-17; वह सब कुछ जो होता है, वह क्रिएशन के कारण और मध्यम से है—समय की रचना की स्थिरता में ईश्वर की सच्चाई बनती है।

बाइबल के कुछ स्पष्ट उद्धरण से सहारा (फुटनोट शैली, केवल छोटा-सा अंश)

उल्लेखनीय पाठ-आधार: Matthew Henry और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन व्याख्यात्मक नोट्स में प्रमुख विचार आते हैं कि रचना का क्रम और पूर्णता ईश्वर की महिमा के दृढ़ प्रमाण हैं।

आज के संदर्भ में व्यावहारिक आवेदन

  • ईश्वर की रचना-योजना में विश्वास रखें: चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, हर रात के बाद भोर का आना संभव है—क्योंकि परमेश्वर ने क्रम और समृद्धि की रचना की है।
  • अपने जीवन को “बहुत ही अच्छा” बनाकर प्रस्तुत करें: अपने कर्म, विचार, और संबंधों में ईमानदारी, आत्मोत्सर्ग और प्रेम दिखाएं, ताकि आपके जीवन की रचना भी दैविक मानक के अनुसार पूर्णता की ओर बढ़े।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 1:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

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