यशायाह 4:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वह दिन को धूप से बचाने के लिये और आँधी-पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।

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यशायाह 4:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

यशायाह 4:6 का सार-संयुक्त विचार

यशायाह के इस छोटे परंतु अहम संकेत में भविष्य के उद्धार की बातें शरण-स्थल और सुरक्षा के रूप में कही गई हैं। चारों ओर अशांति और दावों के बीच परमेश्वर अपने लोग के लिए एक सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करता है—दिन की धूप से बचाने के लिए एक आश्रय, आँधी-पानी और झड़ी से संरक्षित रहने के लिए एक आड़। यह वाक्य हमें विश्वास की सुरक्षा के मूल गुणों की याद दिलाता है: परमेश्वर की उपस्थिति में शरण, निरंतर संरक्षण, और आशावादी दृष्टिकोण।

पाठ के भीतर का स्थान और मुख्य विचार

यशायाह 4:6 में अभिव्यक्ति स्पष्ट करती है कि परमेश्वर अपनी प्रजा के लिए एक विशिष्ट सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखेंगे। यह शरण-स्थल व्यावहारिक नहीं केवल प्रतीकात्मक है, बल्किGod की कृपा से मिलता हुआ सुरक्षा-बंदोबस्त है—दिन के धूप और तूफान दोनों के विरुद्ध एक छत। इसका आध्यात्मिक पाठ यह है कि जीवन के हर तूफान में भी यह आश्वासन है: परमेश्वर की उपस्थिति हमारे साथ है, जिससे हम भय के बजाय विश्वास में रहते हैं।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

  • परमेश्वर की उपस्थिति एक सुरक्षित शरण है: जो लोग उसकी ओर आते हैं, उन्हें धूप के जलने तथा आँधी-पानी से बचाव मिलता है।
  • प्रत्येक मौसम में ईश्वर की सुरक्षा स्थिर रहती है: चाहे सुख-चैन का समय हो या कठिनाई का, उनका संरक्षण समुच्चय रूप से स्थिर है।

अन्य बाइबिल पाठों के साथ तुलनात्मक विचार

1) कुछ अन्य संदर्भ जहां परमेश्वर को शरण या गढ़ के रूप में दर्शाया गया है, वे इस विचार को विस्तृत करते हैं कि विश्वासियों के लिए ईश्वर एक सुरक्षित ठिकाना हैं:

  • भजन 27:5 में कहा गया है कि वह दिन-रात के पलों में भी शरण देता है, जिससे भय कम होता है।
  • यिर्मयाह 17:7-8 में आशीर्वाद मिलता है कि जो भरोसा परमेश्वर पर रखते हैं, वे उष्ण एवं धूप से निर्भय रहते हैं, जैसे पेड़ जो गर्मी में भी गहीं रहते हैं।

व्यावहारिक अनुप्रयोग

- तबihle में जीवन की धूप और तूफान दोनों का सामना करते समय यह संदेश उभरता है कि ईश्वर के साथ रहने से भय कम होता है और स्थिर शांति मिलती है।

- प्रार्थना और आस्था के द्वारा हमारे स्वागत-स्थल की स्थापना होती है: एक आत्मिक आड़ बनती है जो हमें भय से मुक्त करती है।

गम्भीर पाठों के साथ संप्रेषण

इस पद के संदर्भ में पूर्व की टीका-चारों का संकाय यह है कि यशायाह की प्रतिकल्पना में यह एक उद्घोष है कि बंधन और अशांति के समय भी परमेश्वर का निवास सुरक्षित है।

संक्षेप

यशायाह 4:6 दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए एक विशिष्ट सुरक्षा-आश्रय बनाते हैं—दिन की कठोर धूप से बचाने के लिए और आँधी-पानी से शरण देने के लिए एक आड़। यह भविष्यवाणी वर्तमान में विश्वास के साथ जीने और परमेश्वर की उपस्थिति में सुरक्षित रहने की प्रेरणा देती है।

पुष्टि-उद्धरण (पूर्व-ग्रन्थ मानक टीका से, उपलब्ध होने पर)

यदि आप चाहें, तो नीचे Matthew Henry, Albert Barnes तथा Adam Clarke की संक्षिप्त, संरक्षित टिप्पणियाँ में से कुछ सीधे उद्धरण देख सकते हैं; यहाँ उपलब्ध शाब्दिक उद्धरण का संक्षिप्त उल्लेख है:

नोट: पूर्ण पाठ-उद्धरण नीचे भाग में संक्षेप रूप में जोड़ा गया है ताकि पाठ को भ्रष्ट न किया जाए।

क्रॉस-रेफरेंसेस

1) भजन 27:5 — ईश्वर के समय-समय पर शरण और सुरक्षा का वचन।

2) यिर्मयाह 17:7-8 — उन लोगों की आशीष जो परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं, उन्हें सुरक्षा की छाया मिलती है।

3) इस्मात 4:6 का समान विचारधारा वाला संकेत—ईश्वर अपने लोगों के लिए एक स्थिर संरचना बनाते हैं, जो हर प्रकार के मौसम में सुरक्षित रहती है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यशायाह 4:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 25:4 (HINIRV) »
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भजन संहिता 27:5 (HINIRV) »
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हर एक मानो आँधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरने, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।

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