Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यशायाह 44:23 पर नया हिंदी व्याख्या-कथन
मुख्यमुख्य बिंदु: यहोवा के नेक काम और उद्धार की घोषणा ब्रह्मांड के सभी भागों को गान की प्रेरणा देती है; पृथ्वी से आकाश तक, सब कुछ याकूब के उद्धार-स्वरगान में सहभागी होते हैं, क्योंकि इस्राएल का महिमामय उद्धार ईश्वर के कार्य के द्वारा पाया गया है।
संदर्भ-संदर्भ: साहित्यिक पंरिवार एवं पाठ-संयोजन
यशायाह 44:23 में भगवान के उद्धार का कार्य सार्वजनिक आनंद और मौन नहीं बल्कि अलौकिक गान बन जाता है। इससे पूर्व के अध्यायों में मज़बूत निर्णायता और बंधनों से छुटकारे की आशा उभरती है; यहाँ यह उद्धार-संादेश ऐतिहासिक-युग की घटना के साथ साथ नीचे-ऊपर सभी सृष्टि तक फैला है। यह सूक्ति यह स्पष्ट करती है कि ईश्वर ने यहूदियों के पथ को बदल दिया है और उन पर महिमावान है; उद्धार का कारण मानव के बजाय परमेश्वर की कृपा है।
व्याख्या: पाठ की भाषा और अर्थ
„हे आकाश ऊँचे स्वर से गा, क्योंकि यहोवा ने यह काम किया है…“ का अर्थ है: आकाशगामी आभा अपने गान के माध्यम से यहोवा के उद्धार-कार्य की उद्घोषणा करें; पृथ्वी, पर्वत, वन—सब अपने स्वर खोल कर गाएं। यह भाग ब्रह्मांड-पूर्वक एकता के रूप में उद्धार-प्रभाव को प्रस्तुत करता है: सृष्टि का समर्पण, क्योंकि यहूदी-युग के बाद के आशीर्वाद और इस्राएल की मुक्ति हुई है।
पवित्र उद्धार की theological significance
यह उद्धार-गीत यह मानवीय प्रसन्नता और ईश्वर-उद्धार के साथ सृष्टि की मंगल-गाथा को जोड़ता है। यह बताता है कि परमेश्वर का उद्देश्य व्यक्तिगत और समुदायिक मुक्ति से आगे है—पूरे संसार के कल्याण के लिए। इस संदर्भ में यहूदी-यात्रा की विफलताओं के साथ साथ यीशु मसीह के पुनर्जनन-आगमन का प्रतीकात्मक प्रभाव भी निकलता है, जहां उद्धार का कार्य वह है जो सभी प्राणियों को भाल में उठाता है।
अन्य ग्रंथों के साथ cross-references
चरित्रगत और प्रैक्टिकल प्रश्न
सार-सार
यशायाह 44:23 हमें याद दिलाता है कि उद्धार का उद्देश्य न केवल एक समुदाय के भीतर सीमित है, बल्कि यह पूरी सृष्टि के लिए है। आकाश-प्रकाश, पृथ्वी-गहराई, पर्वत, वन—all sing for the Lord who has ransomed Israel. इस संदेश में हमने पाया कि ईश्वर का काम नैतिक-आनंद और वैश्विक प्रभाव के साथ है; यह उद्धार का चरित्र, उसे मानते हुए हर जगह गान-हृदय जागृत करे, और हमारे जीवन को भी इस विश्व-उद्धार के सहायक बनाये।
महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि उपलब्ध): मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बॉर्न्स, एडम क्लार्क के पूर्ण पाठों से उपलब्ध कथन नीचे दिए गए संक्षेपों में प्रयुक्त हैं; इनका उल्लेख केवल संकेत के रूप में किया गया है ताकि पाठक संबंधित हिस्सों के लिए क्षेत्रीय संकेत पा सकें।