Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यिर्मयाह 1 यिर्मयाह 2 यिर्मयाह 3 यिर्मयाह 4 यिर्मयाह 5 यिर्मयाह 6 यिर्मयाह 7 यिर्मयाह 8 यिर्मयाह 9 यिर्मयाह 10 यिर्मयाह 11 यिर्मयाह 12 यिर्मयाह 13 यिर्मयाह 14 यिर्मयाह 15 यिर्मयाह 16 यिर्मयाह 17 यिर्मयाह 18 यिर्मयाह 19 यिर्मयाह 20 यिर्मयाह 21 यिर्मयाह 22 यिर्मयाह 23 यिर्मयाह 24 यिर्मयाह 25 यिर्मयाह 26 यिर्मयाह 27 यिर्मयाह 28 यिर्मयाह 29 यिर्मयाह 30 यिर्मयाह 31 यिर्मयाह 32 यिर्मयाह 33 यिर्मयाह 34 यिर्मयाह 35 यिर्मयाह 36 यिर्मयाह 37 यिर्मयाह 38 यिर्मयाह 39 यिर्मयाह 40 यिर्मयाह 41 यिर्मयाह 42 यिर्मयाह 43 यिर्मयाह 44 यिर्मयाह 45 यिर्मयाह 46 यिर्मयाह 47 यिर्मयाह 48 यिर्मयाह 49 यिर्मयाह 50 यिर्मयाह 51 यिर्मयाह 52Verse
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यिर्मयाह 23:13 — संदर्भ का परिचय और पाठ का संदेशन
यिर्मयाह 23:13 में मूर्तिपूजक और कपटभरी भविष्यकथा करने वाले दुष्ट नबियों का चित्र है। यहाँ परमेश्वर के विरुद्ध बोलने वाले असत्यदर्शनों की पहचान का एक गंभीर उदाहरण प्रस्तुत है, जहाँ शोमरोन के भविष्यद्वक्ताओं ने बाल के नाम से भविष्यवाणी कर इस्राइल को भ्रमित किया। इस संदर्भ में नबी यिर्मयाह एक ताजा चेतावनी देता है: असत्य व भविष्यवाणी के नाम पर लोगों को भटकाने वाले नबियों से सावधान रहो।
ईश्वर की प्रकृति और अभ्यास के बारे में पाठ से मिलने वाला संकेत
यह अंश स्पष्ट करता है कि सत्य और मिथ्या भविष्यवाणी का फर्क परमेश्वर के अनुरूप जीवन के भीतर देखा जाता है। जो लोग परमेश्वर के उद्देश्य और वचनों के अनुरूप चले, वे सत्य को पहचानते हैं; जो लोग अन्य देवताओं या मनचाही भविष्यकथाओं की राह लेते हैं, वे जन-कल्याण के विपरीत खड़े होते हैं। ईश्वर अपने लोगों को सुरक्षा और मार्गदर्शक प्रकाश देने के लिए नबियों को भेजते हैं, परन्तु वे जो अपनी इच्छाओं से बाज नहीं आते, वे भटकाव पैदा करते हैं।
पद के प्रमुख शब्दों का संकल्पनात्मक स्पष्टीकरण
कहाँ से प्रेरणा: अन्य पूर्ववक्र और साफ-साफ संदर्भ
इस पाठ के विचारों से जुड़े चर्चित टिप्पणियाँ देखने के लिए नीचे दी गई क्रॉस-रेफरेंसेस पर ध्यान दें:
इन क्रॉस-रेफरेंसेस में यह संकेत मिलता है कि नबियों का मानदंड परमेश्वर की विश्वसनीयता, सत्य और करुणा पर टिके रहना चाहिए, न कि स्वार्थी कल्पनाओं पर।
पहचान और उपचार योग्य पाठ-आधार पर आधुनिक अनुप्रयोग
आज भी समुदाय और विश्वासियों के सम्मुख यह प्रश्न बरकार है: कैसे भिन्न करें कि कौन-सी शिक्षाएं सच हैं और कौन-सी बनावटी? उत्तर सरल नहीं, पर यह है कि किसी भी बोलने वाले के साथ उनकी कार्य-रीति, परिणाम और आध्यात्मिक फल का मूल्यांकन करें। यदि शिक्षा परमेश्वर के चरित्र—पवित्रता, न्याय, दया—के अनुरूप नहीं है, तो उसे दुर्बल मानें। साथ ही, दायित्वपूर्ण नतीजे के साथ क्रोध, छिपी-धोखाधड़ी और सामाजिक हानि से बचना चाहिए।
2-3 प्रभावी क्रॉस-रेफरेंसेस के साथ संक्षिप्त निरीक्षण
- यिर्मयाह 14:14: असत्य नबी कौन होते हैं और वे लोगों को कैसे छलते हैं, इस पर चेतावनी देता है।
- यिर्मयाह 29:8-9: सत्य नबियों की पहचान कैसे करें—उनके संदेश में परमेश्वर की इच्छा और शांति की दिशा हो।
- मत्ती 7:15-16: कपटी नबी कैसे पहचाने जाएं, फल देख कर।
चलते-फिरते जीवन के लिए मुख्य निष्कर्ष
इस वचन् से प्रेरित एक स्पष्ट सीख है: परमेश्वर के नाम पर होने वाले शब्दों की जाँच शास्त्र और चरित्र से करनी चाहिए। यदि भविष्यवाणी समाज को अहित पहुँचाती है, मार्गदर्शन नहीं देती, या दमन परस्त हो, तो वह वास्तविक नहीं। परमेश्वर का उद्देश्य है कि उसकी प्रजा सच के प्रकाश में जीए और भटकाव से बचे।
आपतकालीन परामर्श: सतर्क रहें, tekenen देखें—तथा यदि किसी शिक्षण से मानव-स्वार्थ या दिखावटी प्रभाव साफ दिखे, तो उसे समुदाय के सामने विचार-विमर्श के लिए रखा जाए।
एजेंडा-विशेष उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे प्रचलित पवित्र-टिप्पणीकारों के विचार यहाँ संक्षेप में सम्मिलित हैं, जिनमें से कुछ सीधे शब्दों के स्थान पर उनके पूर्ववर्ती सोच का सार प्रस्तुत किया गया है।
उद्धृत उपादान: केवल नीचे के स्पष्ट शब्द-कोश में उनके विशेष और संक्षिप्त कथनों को उद्धृत किया जा सकता है, जो पाठ के उद्देश्य को संतुलित रखते हैं।