यिर्मयाह 33:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कसदियों से युद्ध करने को वे लोग आते तो हैं, परन्तु मैं क्रोध और जलजलाहट में आकर उनको मरवाऊँगा और उनकी लोथें उसी स्थान में भर दूँगा; क्योंकि उनकी दुष्टता के कारण मैंने इस नगर से मुख फेर लिया है।

पिछला पद
« यिर्मयाह 33:4

यिर्मयाह 33:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 33:5 का शाब्दिक पाठ और उसका गहरा अर्थ

कसदियों से युद्ध करने को वे लोग आते हैं, परन्तु मैं क्रोध और जलजलाहट में आकर उनको मरवाऊँगा और उनकी लोथें उसी स्थान में भर दूँगा; क्योंकि उनकी दुष्टता के कारण मैंने इस नगर से मुख फेर लिया है।

मुख्य interpretive point: परमेश्वर की यह चेतावनी एक ऐसी परिस्थिति को दर्शाती है जहाँ प्रतिशोध और न्याय दोनों एक साथ दिखते हैं—नुकसान पहुँचाने वाले शक्तियाँ यहाँ तक कि भीतर से टूटे हुए शहर पर भी शासन करती हैं, परन्तु परमेश्वर का उद्देश्य अपराध के परिणामस्वरूप क्रोध के साथ भी उन्नति, सुधार और फिर से उद्धार है। यिर्मयाह के संदर्भ में यह शास्त्र न सिर्फ दंड का तंत्र है, बल्कि परमेश्वर की दयालु योजना की भूमिका और लोगों को उनकी अविश्वासिता से लौटाने की पुकार भी है।

साहित्यिक प्रसंग और संरचना

यिर्मयाह 33 हरान-हालात में भी भविष्य के आश्वासन की गूंज देता है। यहाँ नगर पर आक्रमण की भयावहता, दुष्टता की बात और फिर भी ईश्वरीय संकल्प दिखते हैं—“लोथें भर दूँगा” जैसे कठोर शब्दों के माध्यम से न्याय की निश्चितता उजागर होती है। यह भाग कड़वी सच्चाई पर भी परमेश्वर के नियंत्रण को रेखांकित करता है: भले ही लोग प्रभु से मुख मोड़ लें, वह अपने उद्देश्य को अंत तक पूरा करते हैं।

धर्मशास्त्रीय महत्व

इस आयत में न्याय और दया का संतुलन स्पष्ट है। परमेश्वर अपना क्रोध उबलते जल की तरह दिखाते हैं, परन्तु वे एक ऐसी पनाह भी बनते हैं जहाँ फिर से व्यवस्था, संयम और उद्धार मिल सके। यह उद्धार आशा एक बार फिर से भविष्य में देश-जन की पुनर्स्थापना की ओर इशारा करता है।

अनुसंगति के बिंदु

  • दुष्टता पर कठोर दंड, ताकि लोग भयित हों और अध्यात्मिक परिवर्तन के लिए तड़ी का अवसर पाएँ।
  • परमेश्वर का संकेत कि युद्ध मानव निर्मित नहीं, बल्कि divine क्रिया है जो न्याय और पुनर्स्थापना को संभव बनाती है।
  • यह क्रोध भी एक क्षमा और नवीनीकरण की प्रक्रिया को प्रेरित करता है, ताकि भविष्य में न्याय के साथ प्रेम भी फिर से उभरे।

Cross-references (संकेतित संबंध) और संक्षेप व्याख्या

1) इतिहास में असफल शहरों का न्याय (प्रेरित नहीं) —ांतरिक संकेत: जब देश-जन अपने पाप से दूर नहीं होते, तो परमेश्वर सचेत करते हैं और दंड देकर सुधार की दिशा दिखाते हैं।

2) पुनःस्थापना की आशा (यिर्मयाह की अगली दृष्टि) — परमेश्वर भविष्य में मरम्मत और पुनःस्थापना का मार्ग खोलते हैं, जहाँ क्रोध के पश्चात विश्वास और राजा का राज्य उभरता है।

3) दया और न्याय का संगम — न्योंचित न्याय के साथ परमेश्वर की दयालुता भी काम करती है, ताकि लोग टूट-फूट से उठ कर पथ पर लौट आएं।

reflection questions (विचार हेतु प्रश्न)

  • क्या आप अपने जीवन के उस क्षेत्र को पहचानते हैं जहाँ प्रभु की चेतावनी चाहती है कि आप क्रमशः लौटें?
  • क्रोध के समय परमेश्वर के न्याय और उद्धार के बीच संतुलन को कैसे समझें?
  • क्या आप उन अवसरों पर ध्यान देते हैं जब कठिन घटनाएँ दिल को बदलने का अवसर बन जाती हैं?

निष्कर्ष

यिर्मयाह 33:5 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर के न्याय के साथ-साथ उसकी उद्धार की योजना भी निरंतर काम करती है। कठिनाई के समय डरना उचित है, परन्तु विश्वास रखें कि परमेश्वर के निर्णय स्वच्छ और लक्ष्य-सम्बन्धी हैं—दुष्टों के लिए दंड के साथ-साथ फिर से विश्वास और आध्यात्मिक पुनर्निर्माण का मार्ग भी खुला है।

महत्वपूर्ण उद्धरण (दोनों प्रसिद्ध पवित्र-वचन commentaries से क्रमशः, यदि उपलब्ध): - Matthew Henry: “...” - Albert Barnes: “...” - Adam Clarke: “...” नोट: ऊपर के उद्धरण केवल संकेत के रूप में हैं; पूर्ण पाठ को यहाँ उद्धृत नहीं किया गया है ताकि मूल भाव सुरक्षित रहे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 33:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 8:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 8:17 (HINIRV) »
मैं उस यहोवा की बाट जोहता रहूँगा जो अपने मुख को याकूब के घराने से छिपाये है, और मैं उसी पर आशा लगाए रहूँगा। (मीका. 3:4, भज. 27:14)

यिर्मयाह 21:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 21:4 (HINIRV) »
'इस्राएल का परमेश्‍वर यहोवा यह कहता है: देखो, युद्ध के जो हथियार तुम्हारे हाथों में है, जिनसे तुम बाबेल के राजा और शहरपनाह के बाहर घेरनेवाले कसदियों से लड़ रहे हो, उनको मैं लौटाकर इस नगर के बीच में इकट्ठा करूँगा;

यिर्मयाह 32:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 32:5 (HINIRV) »
और वह सिदकिय्याह को बाबेल में ले जाएगा, और जब तक मैं उसकी सुधि न लूँ, तब तक वह वहीं रहेगा, यहोवा की यह वाणी है। चाहे तुम लोग कसदियों से लड़ो भी, तो भी तुम्हारे लड़ने से कुछ बन न पड़ेगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें