यिर्मयाह 9:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और यहोवा ने कहा, “क्योंकि उन्होंने मेरी व्यवस्था को जो मैंने उनके आगे रखी थी छोड़ दिया; और न मेरी बात मानी और न उसके अनुसार चले हैं,

पिछला पद
« यिर्मयाह 9:12

यिर्मयाह 9:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 9:13 का सीधा अर्थ

यहोवा कहता है कि उसने इनके सामने जो नियम-निर्देश रखे थे, वे उन्होंने छोड़े; उनकी बात न मानी और न उन रास्तों पर चले—इसलिए विपत्ति आयी है। सरल शब्दों में: ईश्वर के निर्देशों से उनका टकराव हुआ, और परिणामस्वरूप निराशा और दंड ने आघात किया।

पश्चिम संदर्भ-भूमिका

यिर्मयाह का यह भाग बुरे अवयवों के कारण इस्राएल के आत्म-प्रकटन का दृश्य प्रस्तुत करता है। युद्ध, दंड और भाग्य के संदेश में नीतिगत-चेतावनियाँ स्पष्ट हैं: परमेश्वर की व्यवस्था मानना उनकी सुरक्षा है, और उसका पलटना ही विपत्ति का कारण बनता है। यिर्मयह भविष्यवक्ता के रूप में इस समय के नैतिक-धार्मिक ढांचे को उजागर करते हैं कि प्रचलित आचरण, सिद्धान्तों से दूर होते ही टूट-फूट हो सकती है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • ईश्वर की व्यवस्था का उल्लंघन: लोक चेतावनियों के बावजूद, वे नियमों को छोड़ते हैं, दायित्वों को नहीं निभाते।
  • पथ से विचलन के परिणाम: नियमों से दूरी बाहरी विनाश के साथ जुड़ती है, आंतरिक नैतिक विवेक भी मंद पड़ता है।
  • नियत-उद्धार की ओर नहीं पलटना: कई बार लोग आत्म-तिरस्कार में पढ़ जाते हैं; परिणामस्वरूप दंड और संकट अधिक गहराते हैं।

2-3 ठोस विषय-वस्तुएँ

  • आज्ञा-पालन की आवश्यकता: अधिकारों के साथ प्रेम और विश्वास जुड़ना चाहिए—तब ही जीवन-जीवन्तता रहती है।
  • नैतिक चेतावनी के पीछे ईश्वरीय धैर्य: परमेश्वर बार-बार पुकारते हैं, परन्तु अवहेलना गहरा असर डालती है।
  • आस्था बनाम परंपरा: केवल रीति-रिवाज नहीं, परिशुद्ध आचरण और हृदय की प्रतिक्रिया जरूरी है।

संलग्न क्रॉस-रेफरेंस और उनका छोटा स्पष्टीकरण

यिर्मयाह 9:24 के साथ विचार-विमर्श: जो अपने नाम के पीछे ज्ञान, कृपा, न्याय और दया को पहचानता है, वही जीवन पाता है; यह उद्धार की दिशा है, न कि दिखावे की।

यिर्मयाह 7:23-24 का संदर्भ: परमेश्वर की आज्ञा मानना ही सच्चे जीवन की कुंजी है; उनके मार्ग न मानना उद्धार के मार्ग से विचलन है।

हबक्कुक 2:3-4 की प्रेरणा: विश्वास के साथ दृढ़ता चाहिए, ताकि समय पर ईश्वर के वचन सिद्ध हों—अव्यभिचारी हृदय वही जीवन धारण करता है।

पूर्ववर्ती दार्शनिक-टीका से संकलित संक्षेप

हेन्री, बर्न्स और क्लार्क के समकालीन-नीलंबित टिप्पणियों में समाहित विचार: दायित्व के पालन में ईश्वर की निष्ठा एक सुरक्षा-स्तंभ है; जब लोग उसके नियमों से विमुख होते हैं, तब उनके जीवन में क्रमिक पतन आता है। छोटे-छोटे कदमों से rzec obedience विखंडित हो सकता है, परन्तु पूर्ण समर्पण से ही आशीष मिलती है।

कथनात्मक निष्कर्ष

इस पथभ्रष्टि के बीच, आज भी ईश्वर की व्यवस्था पर टिके रहना ही वास्तविक जीवन-रक्षक है। यहूदा-इस्राएल के इतिहास से मिली शिक्षा यही है कि डायरेक्ट मार्गदर्शन को मानना चाहिए, न कि उसे अनदेखा करना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 9:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 इतिहास 7:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 इतिहास 7:19 (HINIRV) »
परन्तु यदि तुम लोग फिरो, और मेरी विधियों और आज्ञाओं को जो मैंने तुमको दी हैं त्यागो, और जाकर पराये देवताओं की उपासना करो और उन्हें दण्डवत् करो,

यिर्मयाह 22:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 22:9 (HINIRV) »
तब लोग कहेंगे, 'इसका कारण यह है कि उन्होंने अपने परमेश्‍वर यहोवा की वाचा को तोड़कर दूसरे देवताओं को दण्डवत् की और उनकी उपासना भी की।'”

एज्रा 9:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
एज्रा 9:10 (HINIRV) »
“अब हे हमारे परमेश्‍वर, इसके बाद हम क्या कहें, यही कि हमने तेरी उन आज्ञाओं को तोड़ दिया है, (दानी. 9:5,10,11)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें