यहोशू 21:45 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जितनी भलाई की बातें यहोवा ने इस्राएल के घराने से कही थीं उनमें से कोई भी बात न छूटी; सब की सब पूरी हुईं।

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यहोशू 21:45 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहोशू 21:45 का संकल्पनात्मक अर्थ

पृष्ठभूमि में यह वचन यहोशू के काल में यहूदी समाज के लिए पूरी तरह पूर्ण निश्चय और वादा-पूर्ति को दर्शाता है। यहोशू के नेतृत्व में परमेश्वर ने ईश्वर-उन्मुख व्यवस्था बनाये रखी, ताकि यह्रएयल के घराने देर-सवेर बंधनों से मुक्त होकर अपनी-अपनी दिव्य निवास-स्थल में स्थापित हों। यह वचन बताता है कि परमेश्वर ने इस्राएल के सभी वादों को सच्चाई से पूरा किया है — भलाई, सुरक्षा, और भूमिका-भरोसा— तथा किसी भी दावे को नहीं छोड़ा गया।

मुख्य विचार

यह verse दर्शाता है कि परमेश्वर की इच्छा और वचन-सिद्धियाँ शाश्वत और पूरी तरह भरोसेमंत हैं। जितनी भी अच्छी बातों की उसने इस्राएल के घराने से कही थीं, उनमें से एक भी बात छूट नहीं गई; सभी पूरी हो गईं। यह न सिर्फ ऐतिहासिक सफलता का स्मरण है, बल्कि यह व्यवस्था-पूर्णतता और परमेश्वर के पालन-पोषण की पुष्टि है।

दो-तीन मूल विषय

  • ईश्वरीय वचन की सत्यता: परमेश्वर ने जो कहा, वही हुआ; यह विश्वास की ठोस नींव है, जो आज भी हमारे विश्वास के लिए प्रेरणा है।
  • याद और धन्यवाद: उन वादों को याद कर स्वयं को स्मरण कराना कि परमेश्वर ने अपने चेलों के लिए क्या किया।
  • उद्धार-निर्भरता: इस्राएल के इतिहास में यह दिखता है कि मानवीय प्रयासों के बावजूद सब कुछ परमेश्वर की कृपा से संभव हुआ।

कुल मिलाकर उपयोगी cross- संदर्भ

1) निर्भयता और विश्वास: व्यवस्थावाक्यों में परमेश्वर के वचनों की पुष्टि करते हैं कि वह अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करता है।

2) क़ायमी स्मरण: पवित्र इतिहास में बार-बार यहूदी लोग परमेश्वर के उद्धार-काल और वादे के अनुरूप जवाब देते हैं; इन घटनाओं से आज भी प्रेरणा मिलती है।

3) आस्था और समर्थन: विश्वासयोग्य समुदाय के लिए यह प्रेरक स्मरण है कि परमेश्वर की सहायता के बिना कुछ भी नहीं होता।

व्यावहारिक विचार

हम अपने जीवन में भी उनके वचनों पर टिके रहें जिनकी पूरी होने का भरोसा है। कठिन समय में परमेश्वर की सत्यता याद रखें, और प्रार्थना-आस्था से उनका पालन करें। यह verse हमें यह याद दिलाता है कि विश्वास में स्थिर रहने पर ईश्वर हमारी तरफ है और हर अच्छी बात पूरी होगी।

संक्षिप्त समापन

यहोशू 21:45 एक उत्साहजनक प्रतीक है— परमेश्वर ने इस्राएल के घराने से कही हर बात पूरी कर दी। हमारी आशा भी उसी निर्भरता पर टिकी होनी चाहिए कि परमेश्वर के वचन कभी खाली नहीं जाते; वे पूरे होते हैं।

कुछ संदर्भ-नोट्स

यदि आप इस verse के साथ Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त टिप्पणियाँ देखना चाहें, तो वे अक्सर यह बतातें हैं कि परमेश्वर की प्रजा के लिए वचन-पूर्ति एक विशेष संकेत है कि ईश्वर अपने पवित्र इतिहास में भरोसेमंद है। (याद रहे: इन टिप्पणीकारों की लाइनें विराम-चिह्न सहित छोटे उद्धरणात्मक अंश उपलब्ध हो सकते हैं; यहाँ मूल पाठ के पूर्ण उद्धरण नहीं दिए गए हैं।)

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहोशू 21:45 समानांतर पद और संबंधित वचन

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1 राजाओं 8:56 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 राजाओं 8:56 (HINIRV) »
“धन्य है यहोवा, जिस ने ठीक अपने कथन के अनुसार अपनी प्रजा इस्राएल को विश्राम दिया है, जितनी भलाई की बातें उसने अपने दास मूसा के द्वारा कही थीं, उनमें से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही।

यहोशू 23:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहोशू 23:14 (HINIRV) »
“सुनो, मैं तो अब सब संसारियों की गति पर जानेवाला हूँ, और तुम सब अपने-अपने हृदय और मन में जानते हो, कि जितनी भलाई की बातें हमारे परमेश्‍वर यहोवा ने हमारे विषय में कहीं उनमें से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही; वे सब की सब तुम पर घट गई हैं, उनमें से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही।

गिनती 23:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
गिनती 23:19 (HINIRV) »
परमेश्‍वर मनुष्य नहीं कि झूठ बोले, और न वह आदमी है कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उसने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उसे पूरा न करे? (रोम. 9:6-2, तीमु. 2:13)

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