Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 24:1 मत्ती 24:2 मत्ती 24:3 मत्ती 24:4 मत्ती 24:5 मत्ती 24:6 मत्ती 24:7 मत्ती 24:8 मत्ती 24:9 मत्ती 24:10 मत्ती 24:11 मत्ती 24:12 मत्ती 24:13 मत्ती 24:14 मत्ती 24:15 मत्ती 24:16 मत्ती 24:17 मत्ती 24:18 मत्ती 24:19 मत्ती 24:20 मत्ती 24:21 मत्ती 24:22 मत्ती 24:23 मत्ती 24:24 मत्ती 24:25 मत्ती 24:26 मत्ती 24:27 मत्ती 24:28 मत्ती 24:29 मत्ती 24:30 मत्ती 24:31 मत्ती 24:32 मत्ती 24:33 मत्ती 24:34 मत्ती 24:35 मत्ती 24:36 मत्ती 24:37 मत्ती 24:38 मत्ती 24:39 मत्ती 24:40 मत्ती 24:41 मत्ती 24:42 मत्ती 24:43 मत्ती 24:44 मत्ती 24:45 मत्ती 24:46 मत्ती 24:47 मत्ती 24:48 मत्ती 24:49 मत्ती 24:50 मत्ती 24:51



मत्ती 24:26 — जंगल में है या कोठरियों में हैं
यूहन्नी के मसीह के प्रवचन में यह पद येसू मुक्ति की तैयारी के संकेतों के बीच आता है। प्रवचन के इस भाग में वे स्पष्ट करते हैं कि आने वाले गलत प्रचारों के विरुद्ध सचेत रहने की आवश्यकता है। इस विशिष्ट वाक्यांश में प्रेरितों को सिखाया गया है कि यदि कोई कहे कि “देखो, वह जंगल में है” या “देखो, वह कोठरियों में हैं”, तो भक्त को उन चक्रव्यूहों में नहीं पड़ना चाहिए जो धोखे और भय को बढ़ाते हैं।
कहां से आता है यह संदेश, और यह क्या सिखाता है
यह वाक्य यूहन्ना-युग के पहले-सदी के वातावरण में एक चेतावनी है कि मसीह का नियंत्रण और उसकी उपस्थिति एक सार्वभौमिक, खुला घटित होता हुआ तथ्य है—पर वह हर जगह दिखाई नहीं देगा कि लोग एक-एक जगह देखकर उसे अनुभव कर लें। धार्मिक गुरु, दौलतशाही या किसी मनगढ़ंत संकेत के पीछे दौड़ना मसीह के असली आना को नहीं पकड़ पाएगा।
महत्वपूर्ण शब्द और छवियाँ
येसु सीधे कहते हैं: अगर प्रचारक कहें कि वह कहीं छिपे हैं, तो आपको उन जगहों पर नहीं जाना चाहिए—क्योंकि मसीह की पहचान वास्तविक, जागृत और हर जगह मौजूद है, न कि किसी विशेष फेकर के संकेतों में।
संबंधित बाइबल अंश
1) मत्ती 7:15‑16— झूठे भविष्यद्वक्ताओं के बारे में सावधान रहो; वे तुम्हारे चारों ओर कैसे दिखें, इसका परीक्षण करना चाहिए।
2) मत्ती 24:23‑25— तब भी यदि ये संकेत आयें, तो सच को discern करो, क्योंकि लाखों तरह के धोखे संभव हैं।
3) यूहन्ना 14:6— मसीह एकदम स्पष्ट है कि वह मार्ग, सत्य और जीवन है; उसके अलावा अन्य source से सच नहीं मिल सकता।
प्रेम और विश्वास का प्रत्यक्ष पाठ
इस वाक्य का प्रमुख संदेश व्यक्त करता है कि ईश्वर का सत्य खुले आकाश से नहीं छिपा है—बल्कि वह जीवित है, और वह विश्वस्तों के बीच अलग‑अलग रूपों में प्रकट होता है। चर्च के भीतर और बाहर दोनों जगह संदिग्ध प्रचार से सावधानी जरूरी है ताकि विश्वास में स्थिरता बनी रहे।
आज की अनुप्रयोगीय सीख
प्रायः मिलते उद्धरण (केवल प्रेसर्ग): Matthew Henry के पुराने लेखन से, “The Lord’s coming is not to be measured by outward appearances or by secret places,” तथा Albert Barnes/Adam Clarke के समांतर विवेक से, ध्वनि चेतावनी कि मसीह की उपस्थिति मानव निर्मित संकेतों पर निर्भर नहीं है।
संकेतित क्रॉस‑रेफरेंस
1) मत्ती 24:4–5 — इन समयों में यह पूर्वसूचना कि कोई भी प्रचारक पूर्व बताकर धोखा नहीं देगा।
2) मरकुस 13:21–23 — किसी को यह संकेत नहीं देना कि मसीह किसी विशेष स्थान पर होंगे; सचेत रहें।
3) लूका 17:23 — लोग कहेंगे, ‘देखो यहाँ है’ और ‘हाथ में मिलेंगे’; साहसपूर्वक सत्य पर टिके रहें।
यह संक्षेप उद्धारणात्मक पाठन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर की सच्चाई स्पष्ट, सशक्त और सार्वभौमिक है। धर्मगुरु, प्रचार और रहस्यमयी संकेतों के पीछे भागना बोध को भ्रमित कर सकता है; पर दैनिक विश्वास में येसु मसीह ही हमारे लिए स्पष्ट मार्ग है।