मत्ती 24:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जाति पर जाति, और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, और जगह-जगह अकाल पड़ेंगे, और भूकम्प होंगे।

पिछला पद
« मत्ती 24:6
अगला पद
मत्ती 24:8 »

मत्ती 24:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 24:7 — immediate setting

यह पद यीशु के अंतिम समय के संकेतों के discourse का भाग है, जिसमें वह अपने शिष्यगण को बताता है कि आखिर समय कैसे व्यवहार होगा। हालाँकि लोगों के बीच अशांति और दुख बढ़ेंगे, यीशु स्पष्ट करते हैं कि घटनाएं क्रम में घटेंगी—जातियाँ, राज्य-चढ़ाइयाँ, अकाल और प्रकोप—पर ये सब एक बड़ा लक्ष्य की ओर इशारा करते हैं: ईश्वर की योजना और दुनिया के अंत की तैयारी।

ईश्वरीय योजना में विश्वास का संकेत

इस उपदेश के भीतर परमेश्वर के नियंत्रण की पुष्टि मिलती है। भयावह घटनाओं के बीच भी विश्वासियों के लिए आशा का स्रोत बना रहता है—क्योंकि घटनाओं का यह क्रम अंतिम योजनाओं के घोषणापत्र की तरफ इशारा करता है। यह पंक्ति दर्शाती है कि इतिहास एक ईश्वर-निर्दिष्ट मार्ग पर चल रहा है, जिसमें प्रताड़ना और परेशानी भी एक समय पर समाप्त होकर परम सत्ता के उद्धार में परिणत होते हैं।

शब्दों की व्याख्या

  • जाति पर जाति: संघर्ष, विरोध और सामाजिक-विभाजन की गवाही देता है, जो मानव पतन का प्रभाव है।
  • राज्य पर राज्य: राजनीतिक अस्थिरता और सत्ता-परिवर्तन को दर्शाता है; यह बताता है कि मानवीय राज्य-व्यवस्था सीमित है, पर परमेश्वर के नियोजन के भीतर है।
  • अकाल और भूकम्प: प्रकृति-दुर्घटनाएं और सामाजिक अभाव—जो इस कलियुग के ठहराव और पुनर्स्थापना की प्रतीक हैं।

Cross-reference और उनके संबंध

- लूका 21:11 में पृथ्वी-आकस्मिक प्रभाव और चिह्नों की चर्चा; यह बताता है कि यीशु के आने के पूर्व विश्व-चिह्न विश्वसनीय प्रतीक हैं।
- मत्ती 13:25-30 में बुरे जालियों के बीच अच्छे बीज की सुरक्षा; यहाँ स्पष्ट होता है कि दुष्ट तत्त्व समय-समय पर चैलेंज देते हैं, पर परमेश्वर के उद्देश्य स्थिर रहते हैं।
- रोम 8:22-23 में पाप और गिरावट के कारण धरती की पीड़ा; यह बताता है कि Creation अभी भी उद्धार की पूरी सोनचिरैया की प्रतीक्षा कर रहा है।

इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि दुख और अस्थिरता अंतता नहीं, बल्कि वैश्विक परिवर्तन के पूर्वप्रस्थान हैं, जिनमें विश्वासियों को स्थिर आस्था की आवश्यकता रहती है।

प्रयोगात्मक दृष्टिकोण—आज के लिए

- धैर्य और जागरूकता: सामाजिक-राजनीतिक अशांति के समय भी चर्च और व्यक्ति भरोसे के साथ आस्था बनाए रखें।

- न्याय और करुणा: खतरों के बीच एक-दूसरे की मदद करना, अनाथों व निर्धनों के प्रति संवेदना उजागर करना चाहिए।

- आशा की दृष्टि: यह शोचनीय घटनाओं के बावजूद एक परमेश्वर की योजना की याद दिलाता है कि अंत में न्याय और नई सृष्टि आएगी।

एतिहासिक-तालीमी उद्धरण (संक्षेप)

मूले टिप्पणीकारों के संकेतों के अनुसार, यह पाठ दिखाता है कि ऐतिहासिक विपत्तियाँ समय-समय पर होती रहीं, पर विश्वासियों के लिए प्रत्यक्ष उद्धार और परमेश्वर के सिंहासन का स्थायित्व है।

नोट: नीचे उद्धृत कोई भी प्रत्यक्ष वाक्य Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के समानरूप से संक्षेपित रूप में प्रयोग हुआ है; पूर्ण टेक्स्ट उद्धरण यहां नहीं दिया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 24:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रकाशितवाक्य 6:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रकाशितवाक्य 6:8 (HINIRV) »
मैंने दृष्टि की, और एक पीला घोड़ा है; और उसके सवार का नाम मृत्यु है; और अधोलोक उसके पीछे-पीछे है और उन्हें पृथ्वी की एक चौथाई पर यह अधिकार दिया गया, कि तलवार, और अकाल, और मरी, और पृथ्वी के वन-पशुओं के द्वारा लोगों को मार डालें। (यिर्म. 15:2-3)

लूका 21:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
लूका 21:11 (HINIRV) »
और बड़े-बड़े भूकम्प होंगे, और जगह-जगह अकाल और महामारियाँ पड़ेंगी, और आकाश में भयंकर बातें और बड़े-बड़े चिन्ह प्रगट होंगे।

यशायाह 19:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 19:2 (HINIRV) »
और मैं मिस्रियों को एक दूसरे के विरुद्ध उभारूँगा, और वे आपस में लड़ेंगे, प्रत्येक अपने भाई से और हर एक अपने पड़ोसी से लड़ेगा, नगर-नगर में और राज्य-राज्य में युद्ध छिड़ेंगा; (मत्ती 10:21,36)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें