मत्ती 24:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और राज्य का यह सुसमाचार सारे जगत में प्रचार* किया जाएगा, कि सब जातियों पर गवाही हो, तब अन्त आ जाएगा।

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मत्ती 24:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

मत्ती 24:14 का तात्पर्य और अर्थ

परिशिष्ट और पृष्ठभूमि: यह वाक्य यीशु के हालिया भविष्यवाणी-पाठ का हिस्सा है जहाँ वह शिष्य-समूह को बतला रहे हैं कि अंत की प्रतीक्षा करते समय पहले क्या होना चाहिए। वह बतातें हैं कि प्रभु की राज्य-यात्रा का संदेश संसार के हर कोने तक फैलेगा और उसके बाद ही अंत आएगा। यह संदर्भ हमें यह सीख देता है कि प्रेरित-उत्तरण और अंत के समय की चक्रीय योजना कैसे संचालित होती है—ईमानदार संदेश का फैलना और जातियों पर गवाही होना अंत का चिह्न बनेगा।

ईश्वर पर विश्वास और वर्तमान जीवन पर इसका प्रभाव

यह पाठ बताते हैं कि प्रभु के राज्य का संदेश विश्वव्यापी होना चाहिए और यह को-कार्य विश्वास के लिए प्रेरणा है। परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार सभी जातियों तक पहुँच चाहते हैं; गवाही का उद्देश्य न केवल ज्ञान देना है, बल्कि एक व्यक्तिगत प्रवेश द्वार बनना है जो लोगों को प्रत्युज्जीवन में बुलाता है।

मुख्य शब्द और चित्र

सुसमाचार—यानी धार्मिक, उद्धारपूर्ण समाचार जो परमेश्वर के राज्य के योग्यताओं को स्पष्ट करता है। सब जातियों पर गवाही—यही घोषणा विश्व-स्तर पर फैलने की योजना है, न कि एक क्षेत्र तक सीमित।

अन्य सुधी दृष्टांत (Cross-references)

  • मरकुस 13:10 — संसार में पहले सुसमाचार का प्रचार सभी जातियों तक होना चाहिए; यह पाठ मत्ती 24 के साथ एक पारस्परिक पूरक है। इस Verbindung से समझ आता है कि प्रचार-कार्य की क्रमिकता एक निर्णायक कदम है।
  • यूहन्ना 12:32 — “मैं सभी की ओर खिंचूँगा” यह दर्शाता है कि प्रत्यक्ष रूप से प्रेरित-कार्य सभी के लिए खुला है; प्रकाशनपूर्ण प्रचार से अंधेरे में लोग रोशनी पाते हैं।
  • कुलुस्सियों 1:23 — यदि आप दृढ़ता से स्थिर रहें और विश्वास में दृढ़ रहें, तो विश्व-प्रचार के सम्वाद का भाग बनना संभव है। यह गवाही के संदेश की स्थिरता पर बल देता है।

रचना-समीक्षा: पुराने दार्शनिक-आलेख से प्रेरणा

थोड़ा-बहुत प्रकाश: मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संकलनों से यह कहा गया है कि बचपन से ही ईश्वर की योजना में विश्वव्यापी संदेश का प्रवेश है, और यह क्रम उस समय तक जारी रहेगा जब तक हर कोना सुन न ले। (उद्धरण संकेत के लिए: “...”, यदि उपलब्ध हो) इन विचारों में से एक सामान्य निष्कर्ष निकलता है कि यह संदेश सार्वभौमिक है और प्रत्येक जाति के लिए खुला है; साथ ही यह भी ध्यान देता है कि अंतिम निर्णयन परमेश्वर के समय पर निर्भर है।

आज के जीवन पर लागू किया जाना

1) व्यक्तिगत भागीदारी: लोगों तक सुसमाचार पहुँचाने में हर विश्वासयोग्य व्यक्ति की भूमिका।

2) समुदायिक सहयोग: स्थानीय चर्च और मिशन-कार्य मिलकर संचार-यात्रा को तेज करते हैं ताकि प्रत्येक जाति तक गैर-केवल शब्द बल्कि वास्तविक बदलाव पहुँचे।

3) धैर्य और उम्मीद: यह घोषणा एक क्रमिक योजना है; अंत तब आएगा जब विश्व-प्रचार के यह आह्वान पूरा होगा।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

मत्ती 24:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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फिर मैंने एक और स्वर्गदूत को आकाश के बीच में उड़ते हुए देखा जिसके पास पृथ्वी पर के रहनेवालों की हर एक जाति, कुल, भाषा, और लोगों को सुनाने के लिये सनातन सुसमाचार था।

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रोमियों 10:18 (HINIRV) »
परन्तु मैं कहता हूँ, “क्या उन्होंने नहीं सुना?” सुना तो सही क्योंकि लिखा है, “उनके स्वर सारी पृथ्वी पर, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुँच गए हैं।” (भज. 19:4)

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रोमियों 16:25 (HINIRV) »
अब जो तुम को मेरे सुसमाचार अर्थात् यीशु मसीह के विषय के प्रचार के अनुसार स्थिर कर सकता है, उस भेद* के प्रकाश के अनुसार जो सनातन से छिपा रहा।

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