भजन संहिता 10:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

कि अनाथ और पिसे हुए का न्याय करे, ताकि मनुष्य जो मिट्टी से बना है* फिर भय दिखाने न पाए।

भजन संहिता 10:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 10:18 — का अर्थ संक्षेप में

यह पद यह बताता है कि परमेश्वर दयालुता से अनाथ और पिसे हुए की सहायता करता है ताकि दबाव डालने वाला भय उनसे न दिखाए। यहाँ न्याय का मूल अनुरोध उन कमजोरों की सुरक्षा से जुड़ा है जो समाज में वंचित रहते हैं।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

भजन 10 एक आस्था-भरा प्रार्थना-पत्र है जहाँ कवि संसार की अन्यायपूर्ण स्थिति के बीच परमेश्वर के न्याय की मांग करता है। इस प्रवचनीय पंक्ति में कमजोरों की स्थिति को केंद्र में रखा गया है: अनाथ और पिसे हुए — वे जो सहायता के बिना दयालु शासन से वंचित हैं। यह न्याय का परमेश्वर-उन्मुख चित्र प्रस्तुत करता है कि राजा-देवालय नहीं, बल्कि प्रेम और अधिकार के साथ वह सत्ता संरक्षित कर सकता है ताकि कोई मिट्टी से बना व्यक्ति डर के कारण भय में न जीये।

व्याख्यात्मक बिंदु

  • अनाथ और पिसे हुए की निस्सहाय दशा पर प्रभु की चिन्ता: यह दृश्य बताता है कि परमेश्वर उन निर्दोषों को भी नहीं छोड़ते जिनकी सहायता समाज द्वारा मानी नहीं जाती।
  • न्याय की भूमिका: यहाँ न्याय से तात्पर्य केवल कानूनी निर्णय नहीं, बल्कि समाज के भीतर सुरक्षा, सम्मान और अवसर का पुनर्निर्माण है ताकि कमजोरों पर दबाव न बने।
  • भय से मुक्ति: जब ईश्वर न्याय करता है, तो पृथ्वी पर रहने वाले भी भयपूर्ण शासन या दमन से मुक्त रहते हैं।

संभव पाठिक संकेत ( Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke )

इन पुरानी व्याख्याओं के अनुसार यह पद प्रायः यह दिखाता है कि ईश्वरीय न्याय दबे-कुचले लोगों के पक्ष में है और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध प्रतिरक्षा देता है। यदि नोट किया जाए तो Henry, Barnes और Clarke की टिप्पणी इस बिंदु पर एक स्वर में सहमत हैं कि परमेश्वर का न्याय कमजोरों के लिए आश्रय है और दबाव डालना असत्य और अत्याचार है।

अनुसंगत संदर्भ

1) भजन 9:9 — प्रभु गिरावट में भी सहायता देता है और न्याय का मार्ग बनाता है।

2) भजन 82:3 — समाज के अन्याय के विरुद्ध न्याय की मांग का उद्घोष।

3) निराकरण के लिए इस्सा 1:17 — कमजोरों के साथ सचेत कदम उठाने की प्रेरणा।

त्वरित thematic सार

व्यावहारिक निष्कर्ष

हम प्रत्येक परिस्थिति में यह सोचें कि यदि हम समाज में कमजोरों के लिए सुरक्षा और सहायता बढ़ाते हैं, तो भय कम होगा और सामुदायिक निष्ठा मजबूत होगी। व्यक्तिगत नैतिकता वही है जो कमजोरों के पक्ष में कदम उठाए और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाए।

कथा-सीमा और क्रॉस-रेफरेंसेस

Related cross-references से यह स्पष्ट होता है कि न्याय और सुरक्षा एक सामाजिक आदर्श है जो हर काल में आवश्यक है। यह दिखाता है कि परमेश्वर का दिल और उसका विधान कमजोरों के साथ है।

ध्यान दें: इस उद्धरण में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पूर्ण वाक्यों के छोटा-सा निष्कासन प्रयुक्त हुआ है ताकि पूर्वोक प्रकाशन की पंक्तियाँ स्पष्ट रहें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 10:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

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