भजन संहिता 104:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उसमें अनगिनत जलचर जीव-जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।

भजन संहिता 104:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

यही संदेश: समुद्र विशाल है और उसमें अनगिनत जलचर जीव-जन्तु भरे पड़े हैं

भजन संहिता 104:25 से हमारा पहला स्पष्ट अर्थ यही निकलता है कि परमेश्वर ने सृष्टि के विशाल आकाश-समुद्र को इतनी गहराई और विविधता से रचा है कि वहां जीव-जगत की अनगिनत संरचना मौजूद है। यह तथ्य उसकी प्रभु-क्रिया की व्यापकता और हर प्राणी के लिए उसकी देखभाल की गारंटी को स्मरण कराता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह भजन परमेश्वर के सृजन-कार्य की महिमा के बारे में है—पृथ्वी, आकाश, समुद्र और उनके भीतर की हर चीज की निर्देशिका वही है। संख्याओं और वर्णनों के माध्यम से डूबे नहीं, बल्कि उसकी प्रचंड सामर्थ्य, देखरेख और विभाग-निर्णय का स्तुतिगान किया गया है। समुद्र को अक्सर अस्थिरता और भय का स्रोत माना गया है, पर यहाँ वह परमेश्वर के सृजन-कार्यक्षेत्र का सुंदर दृश्य बन जाता है: विशाल, गहरा और जीवन से भरा।

interpretive observations

  • आकार-प्रकृति: समुद्र “बड़ा और बहुत ही चौड़ा” है; आकार के विस्तार से परमेश्वर की व्यवस्था और शक्ति उभरेगी।
  • जीव-जन्तु की विविधता: जलचर जीव-जन्तु की अनगिनतता दर्शाती है कि जीवन की कीर्तिमानिता और çeşitlilik उसकी योजना का एक भाग है।
  • निर्माता-विश्वास: यह पंक्ति सृष्ट Creator की देखरेख में जीवन की सुरक्षा और नियंत्रण का संदेश देती है; परमेश्वर उन जलचर के साथ-साथ मानव के लिए भी नियम तय करता है।

मुख्य विचारों का संकलन

  1. परमेश्वर की व्यापक सत्ता: समुद्र विशाल, उसका जलग्रहण और जीवन-धारा उसकी सृष्टि-नीति का अभिन्न भाग है।
  2. जीवन की विविधता और संरचना: जलचर प्राणि-जाति की बहुलता उसकी व्यवस्था के संपन्न होने का संकेत है।
  3. आस्था का अभिनंदन: प्रकृति के इस विशाल दृश्य के माध्यम से भक्त परमेश्वर की महिमा में बढ़ती भक्ति व्यक्त करे।

पवित्र शास्त्र से 3 संबंधी संदर्भ

1) उत्पत्ति 1:21— परमेश्वर ने जलचर जीवों की रचना की; इसका संकेत इसी समृद्ध जीवन-प्रकृति को पूरक करता है।

2) भज 104:24— तेरी दिशाओं में पृथ्वी के सारे कार्य सफल होते हैं; एक ही परमेश्वर की बुद्धिमत्ता का व्यापक प्रदर्शन।

3) योब 38:10-11— परमेश्वर ने गहराई की सीमाएं निर्धारित कीं; जल-जीवन की व्यवस्था उसी के आदेश से चलती है।

संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway

  • जीवन के विविध रंगों को कुरआन-शास्त्र के साथ जुड़कर सम्मान दें—हमारी दुनिया में परमेश्वर की देखरेख स्पष्ट है।
  • आत्मिक भय के समय प्रकृति के इस विशाल दृश्य को स्मरण करें—ताकत से नहीं, भरोसे और नम्रता के साथ जीना सीखें।

हेडिंगों के भीतर, टिप्पणीकार मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के विचारों से मिलते-जुलते बिंदु आवश्यक रूप से अनुकूलित रूप से एकीकृत किये गये हैं, ताकि पाठक एक सहज, सजीव व्याख्या पाएं। अगर आप इन पैग़ामों के शाब्दिक उद्धरण चाहते हैं, तो वे नीचे के छोटे मौलिक नोटों में छपे हैं।

नोट: नीचे उद्धरण-रेखा केवल परंपरागत टिप्पणियों के संदर्भ में हैं; पूर्ण पाठ उद्धरण के लिए स्रोत देखें।

मैट्यू हेनरी से एक विचार: "The earth is full of thy riches"—इस प्रकार पृथ्वी की विशालता परमेश्वर की कृपा का प्रमाण है।

ऐल्बर्ट बार्न्स ने लिखा: यह बताता है कि परमेश्वर अनगिनत जीवों के साथ जीवन-परिस्थितियों की व्यवस्था को बखूबी नियंत्रित करता है।

ऐडम क्लार्क का सार: जल-जीवन की रचना और क्रम परमेश्वर की शक्ति के संकेत हैं और यह भक्त को उसकी महानता पर मोहित करता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 104:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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स्वर्ग और पृथ्वी उसकी स्तुति करें, और समुद्र अपने सब जीव जन्तुओं समेत उसकी स्तुति करे।

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फिर परमेश्‍वर ने कहा, “जल जीवित प्राणियों से बहुत ही भर जाए, और पक्षी पृथ्वी के ऊपर आकाश के अन्तर में उड़ें।”

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और परमेश्‍वर ने उनको आशीष दी; और उनसे कहा, “फूलो-फलो, और पृथ्वी में भर जाओ, और उसको अपने वश में कर लो; और समुंद्र की मछलियों, तथा आकाश के पक्षियों, और पृथ्वी पर रेंगनेवाले सब जन्तुओं पर अधिकार रखो।”

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