भजन संहिता 104:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तूने उसको गहरे सागर से ढाँप दिया है जैसे वस्त्र से; जल पहाड़ों के ऊपर ठहर गया।

भजन संहिता 104:6 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 104:6 — Immediate Setting

तूने उसको गहरे सागर से ढाँप दिया है जैसे वस्त्र से; जल पहाड़ों के ऊपर ठहर गया।

इन वाक्यों में दिखती दिव्यता और विश्वास की सहज प्रतीति

यह पंक्ति परमेश्वर की सृष्टि-संरचना के एक महत्त्वपूर्ण चित्र को प्रस्तुत करता है: पृथ्वी को गहराई से ढाँपना और जल को महत्त्वपूर्ण सीमाओं से बांधना। भजनकार यह बताता है कि सृष्टिकर्ता ने समुद्र की गहराई को ऐसा ढांक दिया है जैसे वस्त्र, और जलों के उपर ठहरना एक स्थिरता और संरचना का संकेत देता है। यह दृश्य भगवान की प्रभु-शक्ति और उसकी व्यवस्था की अटलता को प्रदर्शित करता है—एक ऐसे सतत शासन के रूप में जहाँ जल-स्तर अपनी सीमा जानते हैं, ताकि मानव जीवन शांति से चल सके।

शब्दार्थ और चित्रकथा की स्पष्टता

• गहरे सागर से ढाँप दिया है: परमेश्वर ने समुद्र की गहराइयों को नियंत्रित किया है; यह चित्र परमेश्वर की सामर्थ्य और उनके पुराने सृजन-कार्य के अनुरूप है।

• वस्त्र से ढाँपना: एक विस्तृत, व्यापक बन्धन जैसा चित्र, जिसमें सारा समुद्र-गह्वर एक ढाँके हुए वस्त्र की तरह आडंबरित होता है, न कि अराजकता।

• जल पहाड़ों के ऊपर ठहर गया: जल का स्थिर रहना, एक किनारे-क्षितिज पर भी स्थिरता का संकेत देता है; प्राकृतिक अराजकता पर परमेश्वर की नियंत्रण-शक्ति का प्रमाण है।

पवित्र ग्रंथ से संबद्ध भाग

• पवित्र देवत्व की सत्ता की पुष्टि: अन्य जगहों पर परमेश्वर समुद्र और जल-शक्ति को अपने वश में मानते हैं, जैसे समुद्र के वेग को रोकना या उसे चलने से रोकना।

• रचना के क्रम की स्थिरता: यह दृश्य भक्ति-भजनकार के साथ गहरे रूप से जुड़ता है कि ईश्वर ने प्रकृति को एक व्यवस्थित क्रम में रखा है ताकि संसार में जीवन सुरक्षित रहे।

आज की प्रायोगिक सीख

• विश्वास में स्थिरता: संसारिक अशांति के बीच भी परमेश्वर की व्यवस्था पर भरोसा रखें। जल के उफान भी उसकी सीमाओं के भीतर रहते हैं; उसकी सत्ता के सामने भय भी शांत होते हैं।

• शांति और सुरक्षा के लिए आस्था: प्राकृतिक कठिनाइयों के समय परमेश्वर की नियंत्रण-शक्ति की याद दिलाती है कि वह हमारे जीवन के समुद्रों को भी निर्धारित मार्ग पर ले जाता है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में) और उनका संकल्प

  • यशायाह 40:12 – परमेश्वर की विशालता और जल-तत्वों पर अधिकार का चित्र।
  • हबक्कूक 3:2-18 – परमेश्वर के क्रोध और कृपा के बीच विश्वास बना रहने की प्रेरणा।
  • नीतिवचन 3:24 – डरे बिना सुस्ताने का आशीर्वाद, परमेश्वर की व्यवस्था में शांति।

इन संदर्भों में एक-ब्रह्म और प्रकृति की संरचना के प्रति भगवान की प्रभु-शक्ति का नवीनीकृत विश्वास मिलता है, जो भजनकारीय भाव से जुड़ा है।

एक साथ मिलकर समझना — समेकित सार

इस पद में परमेश्वर की रचना-प्रणाली के भीतर अधिकार और संरक्षण दिखते हैं। गहरे समुद्रों को ढाँपना और जल को ऊँचाइयों पर स्थिर रखना एक साथ परमेश्वर की क्रय-चाल, करुणा, और व्यवस्था का संकेत हैं। आज भी यह स्मरण कराता है कि कठिन समय में ईश्वर की सत्ता और बनावट के प्रति हमारी आस्था स्थिर रहे, क्योंकि वह हमारे संसार को शांतिपूर्ण ढंग से चलाते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 104:6 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 7:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 7:19 (HINIRV) »
जल पृथ्वी पर अत्यन्त बढ़ गया, यहाँ तक कि सारी धरती पर जितने बड़े-बड़े पहाड़ थे, सब डूब गए।

2 पतरस 3:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 पतरस 3:5 (HINIRV) »
वे तो जान-बूझकर यह भूल गए, कि परमेश्‍वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीनकाल से विद्यमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है (उत्प. 1:6-9)

उत्पत्ति 1:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 1:2 (HINIRV) »
पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्‍वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें