भजन संहिता 118:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं न मरूँगा वरन् जीवित रहूँगा*, और परमेश्‍वर के कामों का वर्णन करता रहूँगा।

भजन संहिता 118:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 118:17 — संदर्भ और अर्थ

यह पद भजनकार के विश्वासपूर्ण आत्मविश्वास को दर्शाता है कि परमेश्वर के चरणों में रहने वाले लोग मृत्यु के भय से नहीं डरते; वे जीवन की प्रकृति और परमेश्वर के महान कार्यों का उत्सव मनाते हैं। विषम परिस्थितियों के बीच भी यह उद्घोषणा व्यक्त करता है कि जीवन का उद्देश्य परमेश्वर के कार्यों को उजागर करना है और उससे प्रेरित होकर जीना है।

मुख्य अर्थ

“मैं न मरूँगा वरन् जीवित रहूँगा, और परमेश्‍वर के कामों का वर्णन करता रहूँगा” एक ऐसी दृढ़ प्रतिबद्धता है जिसमें जीवन का उद्देश्य परमेश्वर की महिमा बताने और उसकी कृपा के चमत्कारों को साझा करने में है। नकारात्मक भय के बावजूद भजनकार ने जीवित रहने की इच्छा को परमेश्वर के महान कार्यों के उद्घाटन और प्रोत्साहन से जोड़ा है।

मुख्य विषय

  • जीवन का उद्देश्य: जीवन केवल सांस लेने तक सीमित नहीं, बल्कि परमेश्वर की महिमा और उसके कामों की घोषणा है।
  • विश्वास बनाम भय: कठिन परिस्थितियों में भय जीतना और विश्वास के कारण जीवित रहना—यह भक्त के भीतर के परिवर्तन को दिखाता है।
  • प्रशंसा और स्मरण: परमेश्वर के कार्यों को बार-बार याद करना और उसकी कृपा को साझा करना एक प्रेरणादायक चरित्र है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त अर्थ के साथ)

1) मिसाल के अनुसार जीवन का उद्देश्य परमेश्वर की महिमा में है—यशायाह/किर्सन में भी ऐसी उछलती धारा मिलती है कि विश्वासी जीवन हमारे प्रभु के कार्यों को दिखाने के लिए है।

2) भजन 34:1-3 जैसे शिर्षक: दयावान परमेश्वर की रक्षा और उद्धार की घोषणा में हमारे जीवन का उद्देश्य और उद्धार की याद के साथ जुड़ता है।

3) पवित्र-कार्य सामूहिक स्मरण: एक समुदाय के रूप में परमेश्वर के चमत्कारों को याद कर बोलना और साझा करना भरोसे को मजबूत करता है।

2–3 प्रमुख स्थिर बिंदु

- जीवन का लक्ष्य: मृत्यु के भय पर विजय पाकर जीवित रहना—यह विश्वास की दृढ़ता दिखाता है।

- परमेश्वर की महिमा का वर्णन: जीवन का उद्देश्य है कि हम उसकी महान कार्यों को लोगों तक पहुँचाएँ और उन्हें प्रोत्साहित करें।

व्यावहारिक चिंतन

अपने दैनिक अनुभवों में आप किन परिस्थितियों में मृत्यु-भय या निराशा का सामना करते हैं? इस पद की प्रेरणा से आप अपने जीवन को कैसे “परमेश्वर के कामों का वर्णन” बनाने के लिए पुनः समर्पित कर सकते हैं—यथा परिवार, कार्य-स्थल और समुदाय के भीतर एक ऐसी भाषा में जहाँ लोग प्रभु की कृपा को पहचानें?

संक्षिप्त समापन

यह वचन हमें बताता है कि जीवन की वास्तविकताओं का केन्द्र परमेश्वर का कार्य-प्रशंसा है। भय के बावजूद जीना केवल अस्तित्व नहीं है, बल्कि परमेश्वर के चमत्कारों को उजागर करना, उनकी कृपा को स्मरण करना और उसे दूसरों तक पहुँचाना है।

योग्य उद्धरण (महत्त्वपूर्ण टिप्पणियाँ)

इस उसे उद्धृत व्याख्याओं में मथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के स्पष्ट पाठ नहीं दिये गए हैं; उनके सामान्य फिटिंग विचार इस भावना को समर्थित करते हैं कि विश्वास जीवन की दिशा तय करता है और परमेश्वर के कार्यों की घोषणा बोझ नहीं बल्कि खुशी है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 118:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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