भजन संहिता 14:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वे सब के सब भटक गए, वे सब भ्रष्ट हो गए; कोई सुकर्मी नहीं, एक भी नहीं। (रोमी. 3:10-11)

भजन संहिता 14:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 14:3 का स्पष्ट अर्थ

यह पद बताता है कि मनुष्यों की प्रकृति ने परमेश्वर से विगत रूप से दूरी बना ली है—हर कोई भ्रांत मार्ग पर है और Moral सद्गुणों से दूर है। पवित्र लेखन के अनुसार, सभी लोग भ्रष्ट हैं और एक भी सत्य चित्त नहीं जिसे “सुकर्मी” कहा जाए।

प्रसंगभूमि और पृष्ठभूमि

भजन 14 शास्त्र के एक दार्शनिक-यात्री अध्याय में आती है जहाँ गैर-यहीच सच्चाई उकेरी गई है कि बिना परमेश्वर के मार्ग दिखाए कोई भी नहीं रहता। रोमी 3:10-11 के उद्धरण के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि मानवता का नैतिक ढांचा पाप से जकड़ा है; इसी कारण आज्ञाओं के बजाय स्वार्थपूर्ण निर्णय अधिक प्रमुख होते हैं। इस संदर्भ में भजन लेखक परमेश्वर की खोज में मानवता की वास्तविक दशा प्रस्तुत करता है—किसी भी बहाने के बगैर, संगति की कमी और सत्य के अभाव के साथ।

Interpretive observations (व्याख्यात्मक विचार)

  • मानव प्रकृति की नश्वरता: सभी भटके हुए प्रतीत होते हैं और आत्मिक सुकर्मी की कमी है; यह केवल व्यक्तिगत दोष नहीं बल्कि एक व्यापक स्थिति है।
  • सत्य का अभाव बनाम उद्धार की आवश्यकता: जब सब भटकते हैं, तब परमेश्वर के मार्ग की आवश्यकता और चिंता अधिक स्पष्ट होती है।
  • निरपेक्ष निष्कर्ष: यह पंक्ति न सिर्फ दोषारोपण है, बल्कि परमेश्वर की नीति-न्याय की मांग पर बल देती है—यदि सब ने मार्ग भटका है, तो उद्धार का रास्ता परमेश्वर के उपदेश में ही निहित है।

एक संक्षिप्त थीमेटिक सूची

  1. मानवीय एकात्मता बनाम पाप की स्थिति
  2. सामाजिक और आध्यात्मिक भ्रष्टाचार का यथार्थ
  3. परमेश्वर की ओर लौटने की आवश्यकता

संबद्ध अंश (Cross-references) एवं उनके साथ संक्षिप्त स्पष्टीकरण

रोमी 3:10-11 — मनुष्यों के भीतर नैतिक कमी की सार्वभौमिकता को पुष्ट करता है; यह क्रिया-निष्कर्ष द्वारा पापग्रस्त स्थिति दर्शाता है।

भजन 53:3 — “सब भटका” की संबन्धित अनुभूति को समरूप करता है; एक ही धुरी पर मानवता का स्वरूप दिखता है।

यिर्मयाह 17:9 — हृदय की स्थिति को प्रकृति-से अधिक गहराई से दिखाता है; केवल परमेश्वर की निद्रा से निजात मिलती है।

प्रायोगिक निष्कर्ष (Practical takeaway)

जब हमारा मन “सुकर्मी” नहीं समझ पाता, तब हमें प्रार्थना और विश्वास के साथ परमेश्वर की देह-निर्देश की ओर लौटना चाहिए। जागरण-आवश्यकता यह है कि हम अपने हृदयों को सत्य के अनुसार ढालें, और अपने जीवन में दयालु, सत्य-निष्ठ कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए परमेश्वर की कृपा पर निर्भर रहें।

टिप्पणी स्रोतों से संकलित विचार हमारे पूर्व-उद्धरण-युक्त नहीं हैं, परन्तु ये बाइबल टिप्पणीकारों के सामान्य सार को समेकित करते हैं—मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के रचित दृष्टिकोणों का सन्निवेश एक संयुक्त सार बनाता है, जो हिन्दी पाठकों के लिए स्पष्ट और व्यवहार-उन्मुख है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 14:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 3:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 3:10 (HINIRV) »
जैसा लिखा है: “कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। (सभो. 7:20)

यशायाह 53:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 53:6 (HINIRV) »
हम तो सबके सब भेड़ों के समान भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना-अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभी के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया। (प्रेरि. 10:43, 1 पत. 2:25)

यशायाह 64:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 64:6 (HINIRV) »
हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं*, और हमारे धर्म के काम सब के सब मैले चिथड़ों के समान हैं। हम सब के सब पत्ते के समान मुर्झा जाते हैं, और हमारे अधर्म के कामों ने हमें वायु के समान उड़ा दिया है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें