भजन संहिता 147:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है; उसकी बुद्धि अपरम्पार है।

भजन संहिता 147:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 147:5 पर टिप्पणी

पद इस बात को विराम देता है कि परमेश्वर की महानता और सामर्थ्य विश्व की हर चीज से ऊँची है, और उसकी बुद्धि अनंत है। इस संदर्भ में भजन लेखक परमेश्वर के महान कार्यों—निर्माण, व्यवस्था, शक्ति और साक्षात्कार—के बारे में प्रेरित चाटना करता है। अध्याय 147 इब्रानी लोग परमेश्वर के सक्रिय नियन्त्रण, प्रत्यक्ष देखरेख और दयालु कर्तव्य की चर्चा करते हुए यह दर्शाता है कि Yahweh केवल संहारकर्ता नहीं, बल्कि जीवन-संरक्षक और खुशी का स्रोत है।

मुख्य अर्थ

यह पद परमेश्वर की महानता और असीम सामर्थ्य का परिचय देता है: उसकी बुद्धि परिमार्गहीन है और पृथ्वी की हर रचना और हर इतिहासिक घटना के पीछे उसके योजना-गतिक हाथ काम करता है। भक्त अपने छोटे-से अस्तित्व में भी उसकी योजनाओं की विशालता को मानते हैं।

मूल विषय-वर्तन के तीन प्रमुख तत्व

  1. गगन-स्थित शक्ति और बुद्धि: परमेश्वर का विचार-चक्र और योजना हर चीज पर हावी है; वह सब कुछ जानता और नियंत्रित करता है।
  2. विश्वासयोग्यता का आधार: हमारी श्रद्धा उसे उचित रूप से गढ़ती है—यही कारण है कि उसकी बुद्धि अपरम्पार है, और उसका कार्य विश्वसनीखेज है।
  3. उत्सव और आभार की आत्मा: परमेश्वर की महिमा का ज्ञान हृदय में आनंद और नम्रता पैदा करता है; यह दयालुता, सुरक्षा और संतोष का स्रोत बनता है।

संबद्ध उतार-चढ़ाव (Related Passages)

  • भजन 33:11 — परमेश्वर की योजनाएं स्थिर हैं; उसकी योजनाओं की स्थिरता विश्वसनीय है।
  • यशाय 46:10 — परमेश्वर के उद्देश्य हर समय स्पष्ट रहते हैं; वह समय पर पूरा होता है।
  • हबक्का 2:20 — प्रभु के आगे धरती की आड़ें शांति से बचती हैं; वह सभी गतिविधियों के केंद्र में है।

व्यावहारिक विचार

हम कैसे अपनी चिंता और आशंकाओं को इस सच के अनुरूप ढालें? जब हम जीवन की जटिलताओं में स्वयं को छोटा अनुभव करते हैं, तब भी परमेश्वर की बुद्धि और सामर्थ्य अपरम्पार रहती है।Prayerful contemplation और तथ्यात्मक संकेतों के साथ—जैसे प्रकृति की सच्चाइयों, इतिहास के अनुभव और व्यक्तिगत उद्धार के अनुभव—हम उसे और अधिक मानते हैं। यह विश्वास हमें निम्नलिखित में मदद करता है: दर्शन-योग्य निर्णय, दूसरों के प्रति करुणा, और भय के समय में स्थिरता।

२४० शब्दों के अंदर संक्षेप

भजन 147:5 दर्शाता है कि हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है, और उसकी बुद्धि अपरम्पार है। यह आश्वस्त करता है कि परमেশ्वर सभी चीज़ों का सम्यक विचार करता है और हर परिस्थिति में नियंत्रण में है। यह ज्ञान हमें विश्वस्त करता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, उनका अंत वही है जिसकी योजना है। यह दर्शन हमें आभारी रहने, भय से मुक्त रहने और दैनिक जीवन में विश्वासजनक निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है।

उद्धृत टिप्पणियों के संकेत

निम्न विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से अनुरूप हैं। यह संकेत केवल संदर्भ के लिए हैं और पूर्ण पाठ उद्धरण के नहीं।

“हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है; उसकी बुद्धि अपरम्पार है।” — संक्षेप रूप में इस आयत की एक-दूसरी दृष्टि में Henry के अनुसार परमेश्वर की महिमा—सार्वभौमिक नियंत्रण—पर बल देती है।

Albert Barnes और Adam Clarke के अनुसार भी, यह आयत ईश्वर की सर्व-व्यापक सत्ता और योजनाओं के प्रति विश्वासी को स्थिर आस्था प्रदान करती है, जो कि प्रकृति के चक्र और इतिहास के घटनाक्रम में स्पष्ट देखी जा सकती है।

निष्कर्ष

भजन 147:5 हमें यह स्मरण कराता है कि हमारा परमेश्वर न केवल महान है बल्कि उसकी बुद्धि अनंत और पूर्ण है। इस ज्ञान से हमें भय नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था मिलती है—कि हर घटना की गूढ़ योजना उसके हाथों में सुरक्षित है और अंततः उसका सम्मान होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 147:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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