Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरूत 1:5 बाइबल पद की व्याख्या
रूत 1:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब महलोन और किल्योन दोनों मर गए, तब नाओमी अपने दोनों पुत्रों और पति से वंचित हो गई।
रूत 1:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रूत 1:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 32:39 (HINIRV) »
“इसलिए अब तुम देख लो कि मैं ही वह हूँ, और मेरे संग कोई देवता नहीं; मैं ही मार डालता, और मैं जिलाता भी हूँ; मैं ही घायल करता, और मैं ही चंगा भी करता हूँ; और मेरे हाथ से कोई नहीं छुड़ा सकता।

भजन संहिता 89:30 (HINIRV) »
यदि उसके वंश के लोग मेरी व्यवस्था को छोड़ें और मेरे नियमों के अनुसार न चलें,

यशायाह 49:21 (HINIRV) »
तब तू मन में कहेगी, 'किसने इनको मेरे लिये जन्माया? मैं तो पुत्रहीन और बाँझ हो गई थीं, दासत्व में और यहाँ-वहाँ मैं घूमती रही, इनको किसने पाला? देख, मैं अकेली रह गई थी; फिर ये कहाँ थे'?”
रूत 1:5 — संदर्भ और संक्षिप्त व्याख्या
रूत 1:5 में कहा गया है: "जब महलोन और किल्योन दोनों मर गए, तब नाओमी अपने दोनों पुत्रों और पति से वंचित हो गई।" यह वचन नाओमी के जीवन के संकट का संक्षेप है। पृष्ठभूमि में हम देखते हैं कि इब्राहीमी धरातल पर फसली हुई परिवार की कहानी है: नाओमी, उसका पति तथा उसके दो पुत्र मूआब के धरती में गए थे; वहां पुत्रियाँ-वधुएँ ली गईं—रूत और ऑरफा। अब पति और दोनों पुत्र मर चुके हैं और नाओमी अकेली रह जाती है। यह पद दुःख, परित्याग और निश्चित जीवन परिवर्तन का संकेत देता है।
मुख्य अर्थ
वचन का केन्द्र: नाओमी का सामाजिक और आर्थिक अकेलापन। उस समय एक विधवा स्त्री, जिसके पुत्र भी नहीं रहे, सामाजिक सुरक्षा और आश्रय खो देती थी। यह स्थिति केवल व्यक्तिगत शोक नहीं बल्कि अस्तित्वगत संकट थी—विरासत, पहचान और आश्रय का अभाव। लेखक यह भी दिखाता है कि इतिहास में छोटे-छोटे निर्णय (प्रवास, विवाह) किस तरह अप्रत्याशित परिणाम ला सकते हैं।
मुख्य विषय
संबंधित पद और उनके सम्बन्ध
1) रूत 1:16 — रूत की नाओमी के प्रति वचनबद्धता; यह 1:5 में दिखाए गए वियोग का भावनात्मक उत्तर है।
2) निर्गमन 22:22 — विधवाओं और परित्यक्तों की संवेदना से सम्बन्धित कानून; पुराने नियम का सामाजिक नयाय-परिप्रेक्ष्य दिखाता है कि विधवाओं की सुरक्षा समुदाय की जिम्मेदारी थी।
3)ルोत 2 (रूत 2) — आगे चलकर रूत की क्रियाएँ और वह किस तरह नाओमी के लिए आशा बनती है, यह 1:5 के संकट से निकले फल को दर्शाता है।
व्यावहारिक परावर्तन
यह पद हमें यह सिखाता है कि जीवन में अचानक आने वाले नुकसान किस तरह पहचान और आश्रय को प्रभावित करते हैं। व्यक्तिगत संकट के समय समुदाय, सहानुभूति और वफादारी का महत्व बढ़ जाता है। आज के संदर्भ में यह इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि कई लोग आर्थिक, पारिवारिक या भावनात्मक वियोग का सामना करते हैं; ऐसे समय में नाओमी और रूत की कहानी हमें दिखाती है कि वफादारी और साथ किसी को नया रास्ता दे सकती है।
कहानीगत और व्याख्यात्मक नोट्स — पुराने टिप्पणीकारों का सान्दर्भिक अंश
मैथ्यू हेनरी का ध्यान इस पर था कि नाओमी का परित्याग समाजिक तथा आत्मिक दोनों तरह से था; उन्होंने दुख के नैतिक और आध्यात्मिक पक्ष पर प्रकाश डाला। अल्बर्ट बार्न्स ने परिवारिक संबंधों और विधवास्था के सामाजिक अर्थों को उभारा। एडम क्लार्क ने ऐतिहासिक-पारंपरिक परिप्रेक्ष्य में प्रवासन के प्रभावों को विश्लेषित किया। (ये संक्षिप्त संदर्भ हैं; उद्धरणों के लिए मूल ग्रन्थ देखे जा सकते हैं।)
संक्षेप
रूत 1:5 नाओमी के जीवन के उस मोड़ को दिखाता है जहाँ पुरानी सुरक्षा छिन चुकी है और नया मार्ग अनिश्चित है। यह वचन शोक के काले परत को उजागर करता है पर साथ ही आगे के अध्यायों के लिए आधार रखता है जहाँ वफादारी, पुन:स्थापना और ईश्वर की कार्य-योजना प्रकट होती है।