Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरूत 1:9 बाइबल पद की व्याख्या
रूत 1:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा ऐसा करे कि तुम फिर अपने-अपने पति के घर में विश्राम पाओ।” तब उसने उनको चूमा, और वे चिल्ला चिल्लाकर रोने लगीं,
रूत 1:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 1:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रूत 3:1 (HINIRV) »
उसकी सास नाओमी ने उससे कहा, “हे मेरी बेटी, क्या मैं तेरे लिये आश्रय न ढूँढ़ू कि तेरा भला हो?

उत्पत्ति 45:15 (HINIRV) »
वह अपने सब भाइयों को चूमकर रोया और इसके पश्चात् उसके भाई उससे बातें करने लगे।

रूत 1:9 का समुच्चय-पाठ
यह पद वह संदेश देता है जो नाओमन के परिवार के लिए एक विशिष्ट भावनात्मक और सामाजिक बंधन को दर्शाता है। रूत 1:9 में यहोवा यह संकेत देता है कि वह पुत्र-पतिनिर्भर महिलाओं की रक्षा और विश्राम की जगह बनाए रखता है, ताकि वे आगे बढ़ सकें। यह वचन एक अंतिम आशीर्वचन के रूप में आता है, जब नाओमन की बहुएँ रोते-रोते अपने घर लौटने की राह पर हैं और उन्होंने एक-दूसरे के लिए प्रेम और सम्मान दिखाया है।
पद का पाठ और संदर्भ
यहोवा ऐसा करे कि तुम फिर अपने-अपने पति के गृह में विश्राम पाओ,” फिर उसने उन्हें चूमा और वे रो उठीं। यह पाठ यह बताता है कि कर्म-केन्द्रित दुःख के बीच भी सुरक्षा, स्थिरता और परिवार के भीतर की पहचान कैसे लौट सकती है। नाओमन की बहुएँ यह सोचकर जा रही हैं कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मान किस प्रकार मिल सकता है; यहोवा उनके लिए एक सुरक्षित स्थान सुनिश्चित कर रहा है ताकि वे पुनः स्थिर हों और भविष्य की योजना बना सकें।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस वाक्य में तीन प्रमुख विचार उभरते हैं:
अनुकरणीय पारस्परिक साक्ष्य (Cross-references)
नीचे तीन संक्षिप्त संदर्भ हैं जो इस पाठ के साथ सहानुभूति बनाते हैं:
विगत अध्ययनों के संकेत (मिथक-तुलना)
यह पद Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे पवित्र-अर्थशास्त्र-लेखकों के विभिन्न दार्शनिक बिंदुओं का सम्मिश्रण अनुभव देता है। उनके निष्कर्ष सामान्यतः यह दर्शाते हैं कि कठिन समय में ईश्वर की कृपा से विश्राम और सुरक्षा मिलती है, और परिवारिक संबंधों की पुनःस्थापना की उम्मीद बनी रहती है। Martha Henry, Barnes और Clarke के स्पष्ट उद्धरण यहाँ आवश्यक नहीं हैं, पर उनके संकेतित सिद्धांतों का संप्रेषण समझाने में सहायक हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- कठिन समय में भी विश्वास बनाए रखें; ईश्वर आपकी सुरक्षा का आश्वासन देता है।
- परिवारिक बंधनों को मजबूत बनाएं, भले ही परिस्थितियाँ अस्थिर क्यों न हों।
- आवश्यक सहायता के लिए समुदाय और मित्रों से संपर्क बनाए रखें ताकि जीवन के नए चरण में स्थिरता मिल सके।
छोटा सार
रूत 1:9 में एक स्पष्ट संदेश है: जैसे-जैसे वे अपने-अपने घरों की ओर लौटती हैं, ईश्वर उनके लिए विश्राम और सुरक्षा का स्थान निर्धारित करता है। यह पाठ यह स्मरण कराता है कि दुःख के समय भी समुदाय, परिवार और ईश्वर की कृपा सब मिलकर आगे बढ़ने के लिए मार्ग दिखाते हैं।