रूत 1:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उसने कहा, “देख, तेरी जिठानी तो अपने लोगों और अपने देवता के पास लौट गई है; इसलिए तू अपनी जिठानी के पीछे लौट जा।”

पिछला पद
« रूत 1:14
अगला पद
रूत 1:16 »

रूत 1:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

रूत 1:15 का संदर्भ और अर्थ

पृष्ठभूमि: इस पद में नाओमी की बहन-इन-law रूत और उसका पति कीलॉना के मारे जाने के बाद यात्रा का निर्णय दिखाई देता है। नाओमी यह कहती है कि रूत अपने जिठानी-उमेर्श और अपने देवताओं के पास लौट जाए, क्योंकि उसकी अपनी परिवर्तित स्थिति अब वैसी नहीं रही जैसी पहले थी। यह संवाद न केवल स्थानिक चयन को दर्शाता है, बल्कि धार्मिक और सामाजिक बंधनों के बीच एक गहरे आंतरिक संघर्ष को उभारता है—किस दिशा में जाना उचित है, और किसे जीवन के केंद्र में रखना चाहिए।

केंद्रीय अर्थ

यह वाक्य रूत के प्रति नाओमी के निष्कर्ष की तीव्रता का अध्ययन कराता है: एक तरफ रोते-रोते समाज की मान्यताओं के अनुरूप लौटना आसान लगता है, परन्तु रूत दृढ़ निश्चय के साथ अपने-अपने देवताओं के साथ नहीं जाना चाहती। नाओमी की सलाह hija है क्योंकि वह स्वयं दुख और अनिश्चितताओं से जूझ रही है, और जीवन के निर्णयों में अधिक दर्द निवारण चाहती है; पर रूत के विश्वास-चयन में नये कदमों की आशा है—जो विदेशी भूमि में भी अपने वचन के साथ खड़ी रहने का निर्णय लेती है।

मुख्य थीम

  • विधवा और परिजन-निर्भरता बनाम व्यक्तिगत विश्वास: नाओमी की कटुता में भी एक प्रकार का उल्लेख है कि परिवार और देव संस्कृति का दबाव किस प्रकार व्यक्ति के निर्णयों को प्रभावित करता है।
  • निष्ठा बनाम सामाजिक दबाव: रूत का उत्तरदायित्व अपने जिठानी के साथ है, पर उसके अपने विश्वास भी उसे आगे बढ़ाते हैं।
  • स्थान परिवर्तन के साथ आस्था की स्थिरता: विदेशी भूमि में रहने से भी आस्था के केंद्र में परिवर्तन नहीं आता; परमेश्वर के चमत्कार वहाँ भी सामने आ सकते हैं।

अनुसंधान संदर्भ

कई पुराने टिप्पणीकारों के विचारों में यह देखा गया है कि नाओमी की टिप्पणी यही संकेत देती है कि वह अपने परिवेश के अनुसार निर्णय लेने को कहती है, जबकि रूत की बाध्यकारी वचन-निष्ठा उसे चुनौतियों के बीच भी ईमानदार बनाती है।

पाठ से जुड़े विचार

- दृश्य-आँखों से देखें तो यह वाक्य रूत के प्रति एक प्रचार नहीं, बल्कि एक कड़वा सत्य है कि जीवन में निर्णय अन्य लोगों की स्थिति के अनुसार बनते हैं, पर आस्था के मार्ग पर कदम अकेले भी उठाने पड़ते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेस

1) बरनियों की कथा में पृथक्करण के समय लोग विश्वास के साथ चलते हैं ताकि परमेश्वर के मार्ग खुलें। 2) भीज़ुल की कथा में प्रतिकूल परिस्थितियों में भी विश्वास और निष्ठा क्रमशः विकसित होते हैं। 3) ल्यूक 9:62 के अनुरूप, नई शुरुआत स्थिर आस्था के साथ निभती है।

व्याख्या note: ऊपर के क्रॉस-रेफरेंसेस केवल संकेतात्मक हैं; पूर्ण ग्रंथ उद्धरण नहीं दिए गए हैं, ताकि पाठ का मूल पाठ ही पढ़ा जा सके।

व्यावहारिक सुझाव

संक्षेप निष्कर्ष

यह पद यह बताता है कि जीवन के निर्णय अक्सर अनुभवजन्य दबावों के कारण होते हैं, पर निष्ठा और आस्था के साथ चलना वही राह दिखाती है जो परमेश्वर के उद्देश्य से जुड़ी हो। रूत का चयन दिखाता है कि साहस और विश्वास मिलकर अपार परिवर्तन ला सकते हैं, भले ही रास्ता कठिन क्यों न हो।

संक्षिप्त उद्धरण (जहां उपलब्ध)

यह खंड से जुड़ी कोई पूरा उद्धरण पूर्व-विधमान नहीं है; अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के छोटे-छोटे स्पष्ट विचारों के सीधे उद्धरण चाहते हैं, तो उद्धरण-संग्रह से चयनित पंक्तियाँ पाठ में मिल सकती हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रूत 1:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

न्यायियों 11:24 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 11:24 (HINIRV) »
क्या तू उसका अधिकारी न होगा, जिसका तेरा कमोश* देवता तुझे अधिकारी कर दे? इसी प्रकार से जिन लोगों को हमारा परमेश्‍वर यहोवा हमारे सामने से निकाले, उनके देश के अधिकारी हम होंगे।

सपन्याह 1:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
सपन्याह 1:6 (HINIRV) »
और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्होंने न तो यहोवा को ढूँढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूँगा।”

यहोशू 24:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहोशू 24:15 (HINIRV) »
और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो* कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें