Old Testament
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रूत 1:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अतः वह अपनी दोनों बहुओं समेत उस स्थान से जहाँ रहती थी निकली, और उन्होंने यहूदा देश को लौट जाने का मार्ग लिया।
रूत 1:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 1:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 8:3 (HINIRV) »
सात वर्ष के बीतने पर वह पलिश्तियों के देश से लौट आई, और अपने घर और भूमि के लिये दुहाई देने को राजा के पास गई।


रूत 1:7 का अर्थ संक्षेप में
इस पद में कह गया है कि रानी रूत और उसकी बहुएँ, मोआब की यहूदिया छोड़कर निश्चय किया कि वे उन स्थानों से चलकर जहां वे रहती थीं, वहाँ से लौट जाएँगी। मूल संदेश यह है: दुखद समय में भी स्वार्थ नहीं, बल्कि भक्तिभाव और वफादारी की राह चुनना।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रूत के इस भाग में यहूदा के देश में अकाल और परिवारों की आपसी परीक्षा का समय लिखा गया है। नीतிய दासी-झगड़े के बाद, मोआब से आई रूथ और उसकी बहुएँ, नहोन, बनाम, और ब्लास के कारण गवाही देती हैं कि यहूदियों के साथ जीवन का लक्ष्य परमेश्वर के संरक्षण में है। अभीष्ट यह है कि वे अपने क्षेत्र के लौटने का निर्णय लें ताकि भविष्य में उनके परिवार के पालन-पोषण की आशा बनी रहे।
व्याख्यात्मक निष्कर्ष
अनुवादित संदर्भ-सम्बन्ध
यहाँ कुछ तुलनात्मक विचार दिए जाते हैं ताकि पाठ और परिवारिक पारिवारिक निर्णय के महत्व को समझना आसान हो:
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त व्याख्या)
1) बहनों के प्रति कर्तव्य और वफादारी के सिद्धांत पर बल: पुराने नियम में परिवारिक दायित्वों के बारे में विवरण मिलता है।
2) कठिन समय में विश्वास और आशा की राह चुनना: विश्वास करने वालों के लिए परमेश्वर के साथ चलना प्रेरणा देता है।
3) नई दिशा में कदम उठाने की नीति: परिवर्तन के समय में नए मार्ग का चयन करना चाहिए, क्योंकि ईश्वर हमारे मार्गदर्शक हैं।
संक्षिप्त व्यावहारिक Takeaway
जब जीवन में विपत्ति आए, तब भी अपने निकटतम रिश्तों के प्रति निष्ठा बनाए रखें, मार्ग की दिशा पर विचार करें, और परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार आगे बढ़ें।
यूथ-फ्रेंडली नोट
यह अध्याय यह सिखाता है कि मुश्किल समय में भी परिवार और विश्वास के बंधन मजबूत रखने चाहिए, ताकि भविष्य में नए अवसर खुल सकें।
उद्धरण और साहित्यिक संदर्भ
कहानी के नैतिक और कानूनी आयामों पर ऐतिहासिक-धार्मिक संदर्भ देते समय, इस पंक्ति-विशेष पर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण आवश्यक दूरी के साथ संजोए नहीं गए हैं; यदि उपलब्ध हों, तो वे छोटे-छोटे उद्धरण के रूप में पन्ने में उद्धृत किए जा सकते हैं। इस हिन्दी प्रस्तुति में मूल विचारों को मिश्रित रूप से समाहित किया गया है ताकि पाठकों को पूर्ण संदर्भ का ज्ञान मिल सके।