Old Testament
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जकर्याह 11:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि मैं इस देश में एक ऐसा चरवाहा ठहराऊँगा*, जो खोई हुई को न ढूँढ़ेगा, न तितर-बितर को इकट्ठी करेगा, न घायलों को चंगा करेगा, न जो भली चंगी हैं उनका पालन-पोषण करेगा, वरन् मोटियों का माँस खाएगा और उनके खुरों को फाड़ डालेगा।
जकर्याह 11:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
जकर्याह 11:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 10:1 (HINIRV) »
“मैं तुम से सच-सच कहता हूँ, कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु किसी दूसरी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है*।

यहेजकेल 34:2 (HINIRV) »
“हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएल के चरवाहों के विरुद्ध भविष्यद्वाणी करके उन चरवाहों से कह, परमेश्वर यहोवा यह कहता है: हाय इस्राएल के चरवाहों पर जो अपने-अपने पेट भरते हैं! क्या चरवाहों को भेड़-बकरियों का पेट न भरना चाहिए?

यिर्मयाह 23:2 (HINIRV) »
इसलिए इस्राएल का परमेश्वर यहोवा अपनी प्रजा के चरवाहों से यह कहता है, “तुमने मेरी भेड़-बकरियों की सुधि नहीं ली, वरन् उनको तितर-बितर किया और जबरन निकाल दिया है, इस कारण यहोवा की यह वाणी है कि मैं तुम्हारे बुरे कामों का दण्ड दूँगा। (यूह. 10:8,12-13)
जकर्याह 11:16 पर टिप्पणी—खोए हुए को ढूँढ़ने वाला नहीं, बल्कि भटकाव के समय चेतावनी
मुख्य interpretive point: इस verse में परमेश्वर द्वारा चुने गये एक चरवाहे के रूपक के साथ सचेत करने का उद्देश्य स्पष्ट है—जो दृष्टांत रूप में लोगों के लाभ के लिए नहीं, बल्कि अराजक और आत्म-केंद्रित तानाशाही के समय उजागर किया गया है। यह चरवाहा ढूँढ़ने-चंगा करने, इकट्ठा करने और रक्षा करने की जिम्मेदारी छोड़कर उस दिशा में अग्रसर होता है जो मानव-स्वार्थ और व्यवस्था-बाधाओं को पुष्टाती है। इस वाक्य में न केवल तत्काल ऐतिहासिक संदर्भ झलकता है, बल्कि परमेश्वर की दया-निंदा की बारीकी से परीक्षा भी मिलती है: जब नेता और कर्मयोगी सत्ता के साथ अन्याय करते हैं, तब दया और देखरेख का अभाव, समाज के टूटने की जड़ बन जाता है।
टेक्स्ट और साहित्यिक संदर्भ
यह भाग जो आज के सामने है, जकर्याह की पुस्तक में एक विशिष्ट सार है, जहाँ एक असंतोषजनक चरवाहे का आह्वान किया गया है—जो खोई हुई को न ढूँढ़ेगा, न इकट्ठा करेगा, न घायल को चंगा करेगा, बल्कि उसे “मोटियों का माँस” खाएगा। यह कथन एक कठोर चित्रण है जो सरकारी या धार्मिक नेतृत्व में नीतिगत भ्रष्टाचार और आत्म-स्वार्थ को उजागर करता है। पुराने अभिलेखों में बार्न्स, हेन्सीया और क्लार्क जैसे पुरुषों के व्याख्यात्मक रेखाचित्रों से यह समझ आता है कि यह उपमात्मक भाग सतह पर असफल नेतृत्व का आरोप नहीं, बल्कि सामाजिक-धार्मिक परिवर्तन की आवश्यकता को उभारता है।
हिंदी पाठ के लिए theological-मान
यहाँ रचा गया चित्रण यह दर्शाता है कि यद्यपि परमेश्वर अपने लोगों के लिए अग्रणी हैं, परन्तु यदि नेताओं का रवैया भिन्न हो और वे आत्म-स्वार्थ में डूब जाएँ, तो दया-परक नेतृत्व का अभाव समाज की नष्टि का कारण बन सकता है। नीतिगत स्पष्टता से बचे रहना, घायल-मानवता की देखरेख, और भलाई पर बल देना परमेश्वर के आह्वान का हिस्सा हैं।
Cross-reference संक्षेप और प्रेरक संकेत
संक्षेप में, उपरोक्त संदर्भ बताते हैं कि नेतृत्व की गुणवत्ता सीधे समाज के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है—जो भी नेतृत्व भलाई और एकता की दिशा से भटकता है, उसे त्वरित सचेतना और सुधार की आवश्यकता है।
प्रश्न-परावर्तन
निष्कर्ष
जकर्याह 11:16 एक कड़वा परन्तु आवश्यक सच है: यदि नेता खोए हुए मार्ग पर चल पड़ें, तो परमेश्वर के लोग शांति से नहीं, बल्कि अस्थिरता और चोट के बीच रहते हैं। यह बोध केवल निंदा नहीं, बल्कि परिवर्तन की माँग है—एक ऐसी दिशा जिसमें नेतृत्व, देख-रेख और समुदाय की सुरक्षा फिर से स्थापित हो सके।
उद्धृत टिप्पणियाँ (पवित्र-उद्धरण के रूप में)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणियों से यह विशेष पंक्ति सीधे उद्धृत नहीं की गई है, परन्तु इन टिप्पणीकारों के समान विचारों से समृद्ध विश्लेषण इस पाठ की नैतिक-धार्मिक समीक्षा में समाहित किये गये हैं:
महत्वपूर्ण उद्धरण: “यथार्थ चरवाहा वही जो खोए पर दया और मार्गदर्शन करता है; जो भटकाव के समय रक्षक बन कर उठ खड़ा होता है।”