Old Testament
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जकर्याह 11:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मैंने अपनी दूसरी लाठी जिसका नाम एकता था, इसलिए तोड़ डाली कि मैं उस भाईचारे के नाते को तोड़ डालूँ जो यहूदा और इस्राएल के बीच में है।
जकर्याह 11:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 11:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 9:21 (HINIRV) »
मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरुद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।

यशायाह 11:13 (HINIRV) »
एप्रैम फिर डाह न करेगा और यहूदा के तंग करनेवाले काट डाले जाएँगे; न तो एप्रैम यहूदा से डाह करेगा और न यहूदा एप्रैम को तंग करेगा।

यहेजकेल 37:16 (HINIRV) »
“हे मनुष्य के सन्तान, एक लकड़ी लेकर उस पर लिख, 'यहूदा की और उसके संगी इस्राएलियों की;' तब दूसरी लकड़ी लेकर उस पर लिख, 'यूसुफ की अर्थात् एप्रैम की, और उसके संगी इस्राएलियों की लकड़ी।'
जकर्याह 11:14 का संदर्भ और अर्थ
यशायह-यात्रा जैसी चेतावनियों के बीच जकर्या के समय तक एक नयी भूमिका उठती है। इस पद में भविष्यसूचक प्रतीकों के साथ यह दिखाया गया है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के बीच से विभाजन पर विचार कर रहा है। यहाँ एक दूसरी लाठी का नाम "एकता" है, जिसे तोड़ कर वह यहूद और इस्राएल के बीच के भाईचारे को भंग कर देता है। इसका आशय यह है कि नेतृत्व और सामाजिक विभाजन से देश कटकर बिखर सकता है—और यह चेतावनी है कि यदि परिश्रमी और निष्काम प्रेम से जुड़ा समुदाय टूट जाए, तो परमेश्वर की योजनाओं में विघ्न पड़ सकता है।
केंद्रीय अर्थ
यह वचन प्रतीकात्मक है, जिसमें प्रभु ने अपने उद्धारक प्रयासों के लिए दो लाठियाँ दिखाईं—एकता की लाठी और भाईचारे की एकता का प्रतीक। दूसरी लाठी तोड़ना यह दर्शाता है कि न केवल राजनीतिक इकाइयों में विभाजन संभव है, बल्कि समाज के भीतर की एकता भी खतरे में पड़ती है। यह न्याय की एक चेतावनी है कि जब लोग अपने हितों के कारण आपसी संबंधों को भुलाने लगते हैं, तब भगवान की योजना रुक सकती है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध अंश (cross-references) और संक्षेप स्पष्टीकरण
1) निर्गमन 34:10-11 जैसे उद्धारक के विश्वास पर विभाजन के खतरे के बारे में विचार। छोटे-छोटे समूहों के अंतर्संबंध कैसे बनाए रखें यह दिखाता है।
2) दोहराइयां 28:63-65—अनुदान और बिनय के समय में एकता के मूल्य का उल्लेख, जहां पंक्तियाँ टूटने पर परिणाम दिखते हैं।
3) हबक्कूक 2:3—स्वर्गीय योजना के लिए समय अपेक्षा और विश्वास का महत्त्व, जहाँ प्रतीक्षा में विभाजन भी बन सकता है, परन्तु परमेश्वर की योजना स्थिर रहती है।
प्रयोज्य चिंतन
आज के संदर्भ में यह पाठ बताता है कि समुदायों और रिश्तों में एकता कितनी नाजुक होती है। जब राजनीतिक या सामाजिक हितों के कारण भाईचारा कमजोर पड़ता है, तो सफलता से दूर रहने का खतरा बढ़ता है। परिवार, चर्च और समाज में एकदूसरे की चिंताओं को समझना, क्षमा और सहयोग मानना, तथा नेतृत्व के प्रति जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है।
संक्षिप्त समापन
जकर्याह 11:14 हमें याद दिलाता है कि एकता एक महत्त्वपूर्ण आशीर्वाद है जिसे बनाये रखना जरूरी है। जब एकता की लाठी टूटती है, तो समाज की संरचना और परमेश्वर की योजनाओं के बीच दूरी बढ़ती है। सही नेतृत्व, दयालुता और रिश्तों के प्रति प्रतिबद्धता से हम इस विभाजन के समय में भी ईश्वर की आशा को बनाये रख सकते हैं।
पूर्वानुमान और उद्धरण संकेत
यहाँ प्रस्तुत विश्लेषण स्मृतियों के रूप में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक डोमेन समीक्षा से लिया गया संयुक्त सार है।