Old Testament
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जकर्याह 11:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए मैं घात होनेवाली भेड़-बकरियों को और विशेष करके उनमें से जो दीन थीं उनको चराने लगा। और मैंने दो लाठियाँ लीं; एक का नाम मैंने अनुग्रह रखा, और दूसरी का नाम एकता। इनको लिये हुए मैं उन भेड़-बकरियों को चराने लगा।
जकर्याह 11:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
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जकर्याह 11:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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जकर्याह 11:4 (HINIRV) »
मेरे परमेश्वर यहोवा ने यह आज्ञा दी: “घात होनेवाली भेड़-बकरियों का चरवाहा हो जा।

यशायाह 11:4 (HINIRV) »
परन्तु वह कंगालों का न्याय धर्म से, और पृथ्वी के नम्र लोगों का निर्णय खराई से करेगा; और वह पृथ्वी को अपने वचन के सोंटे से मारेगा, और अपने फूँक के झोंके से दुष्ट को मिटा डालेगा। (2 थिस्स. 2:8, प्रका. 19:15, इफि. नीति. 31:8-9)

जकर्याह 11:14 (HINIRV) »
तब मैंने अपनी दूसरी लाठी जिसका नाम एकता था, इसलिए तोड़ डाली कि मैं उस भाईचारे के नाते को तोड़ डालूँ जो यहूदा और इस्राएल के बीच में है।
जकर्याह 11:7 पर नयी टिप्पणी
इस पद में याजक-समय की घातक भीड़-भेड के संदर्श में परमेश्वर अपनी कृपा और दया का संकेत देते हैं। उद्धारकचरित्रों के साथ भेड़ों की नियति अभीष्ट रूप से कठिन है, फिर भी परमेश्वर दो लाठियाँ लेकर उनका मार्गदर्शन करता है—अनुग्रह और एकता—जो विभेदित समय में स्थिरता और समाजिक संगति का प्रतीक हैं। यह कालखण्ड प्रकट करता है कि मसीही नेतृत्व और सामुदायिक सद्भाव कैसे एक-दूसरे के भीतर पनपते हैं।
मुख्य अर्थ
नुआवली भेड़-बकरियों के घात-प्रवाह के बीच, यह वक्तव्य एक दयालु ('घात होनेवाली भेड़-बकरियों') की देखरेख का चित्र प्रस्तुत करता है। प्रभु ने दो लाठियाँ लीं—अनुग्रह और एकता—जो दोनों मिलकर पथभ्रष्ट समाज में नई एकता और मार्गदर्शन कीृ भूमिका निभाती हैं। यह संकेत देता है कि नेतृत्व और समुदाय की एकता परमेश्वर की योजनाओं के अधीन होकर ही टिकती है।
तीन प्रमुख विषय
संबद्ध बाइबिल परिपीठ
– मथा 25:34–40: एक समुदाय के भीतर दया और सहायता का वास्तविक परीक्षण, जहां सत्ता और भागीदारी मिलकर enacted होते हैं।
– यूह 13:34–35: एकता और प्रेम का नया commandment, जिसे अनुयायियों ने रखा और जो समुदाय को बाँधने वाली धुरी बनती है।
– 2 कुरं 5:18–19: परमेश्वर की कृपा से मिलने वाले मनुष्यों के बीच मेल-जोड़, जो क्षमा और पुनर्संयोजन को बल देता है।
व्यावहारिक विचार
हमारे समय में भी, विभाजन के दौर में समुदाय कैसे चले, यह यहाँ नोट किया गया है। यदि हम सभी “अनुग्रह” और “एकता” को कार्यरूप में अपनाएं—छोटे-छोटे पथ-प्रवर्तनों से लेकर बड़े सामाजिक पहल तक—तो कैसे भीड़-भाड़ कम होगी और लोग सुरक्षित रहेंगे। नेतृत्व में दया-संवेदना और स्पष्टता लागू की जाए, ताकि टूटे रिश्ते फिर से जुड़ सकें।
संक्षिप्त निष्कर्ष
इस पद के माध्यम से हम समझते हैं कि संकट के बीच परमेश्वर अपने लोगों की देखभाल के लिए दो मार्गदर्शक साधन देता है: अनुग्रह और एकता। यह संयोजन निजी जीवन में भी और समाज के स्तर पर भी स्थिरता बनाता है, और नेतृत्व को दया-प्रेरित बनाता है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप)
यूह 15:12–13 के प्रेम-आदेश से प्रेरणा मिलती है कि कैसे एकता और समर्पण से बड़े संबंध बनते हैं; याकूब 2:14–17 बताता है कि कर्मों के बिना विश्वास व्यर्थ है—यह भी इस संदर्भ में समुदाय के एकजुट रहने के महत्त्व को रेखांकित करता है।
नोट: नीचे कोई सीधे उद्धरण नहीं, बल्कि शब्द-रचना पर विचार और परिप्रेक्ष्य के अनुसार संक्षिप्त संदर्भ दिए गए हैं।
उद्धृत शब्द (मर्यादित स्रोत): इस पंक्ति में एमथ्यू Henry, Barnes या Clarke के प्रत्यक्ष संकलित वाक्य जहां उपलब्ध, केवल आवश्यक क्षणों में ही उद्धृत किए गए हैं।