Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
1 शमूएल 1 1 शमूएल 2 1 शमूएल 3 1 शमूएल 4 1 शमूएल 5 1 शमूएल 6 1 शमूएल 7 1 शमूएल 8 1 शमूएल 9 1 शमूएल 10 1 शमूएल 11 1 शमूएल 12 1 शमूएल 13 1 शमूएल 14 1 शमूएल 15 1 शमूएल 16 1 शमूएल 17 1 शमूएल 18 1 शमूएल 19 1 शमूएल 20 1 शमूएल 21 1 शमूएल 22 1 शमूएल 23 1 शमूएल 24 1 शमूएल 25 1 शमूएल 26 1 शमूएल 27 1 शमूएल 28 1 शमूएल 29 1 शमूएल 30 1 शमूएल 31



1 शमूएल 21:4 का संदर्भ और अर्थ
यह पद दाऊद के साथ एक क्षणभंगुर परिस्थिति का वर्णन करता है, जब वह याजक Ahimelech के स्थान पर नसीहत और सहायता लेने के लिए आए थे। दाऊद ने यजकों के साथ जो भोजन पाया, वह पवित्र रोटियाँ थीं—जो केवल पवित्र दूताभिनंदन के लिए तैयार की जाती थीं, अर्थात् वे उन रोटियों से अलग थीं जिन्हें आमंत्रित अतिथियों के लिए रखा जाता था। याजक ने यह स्पष्ट किया कि उनके पास साधारण रोटी नहीं है, और उनकी सेवा पवित्रता के नियमों में बंधी है। इस विवरण से यह प्रश्न उभरता है: क्या परमेश्वर की ओर से वह भोजन, जो धार्मिक पवित्रता के साथ जुड़ा है, दाऊद जैसी निर्गम स्थिति में भी उपलब्ध हो सकता है?
मुख्य समझ और दो केंद्रीय थीम
क्रिस्टियन-सम्बन्ध और अन्य संदर्भ
यह घटना पुराने नियम में पवित्र भोजन के नियमों के साथ मानवीय आवश्यकता की जटिलता को दर्शाती है। अन्य संदर्भों से समझ बढ़ती है:
प्रायोगिक चिंतन
आज के पाठकों के लिए यह दृश्य एक प्रैक्टिकल संदेश देता है: जब हम उद्घोषित नियमों के भीतर जोखिम उठाते हैं, तब भी परमेश्वर की करुणा और व्यवस्था के संतुलन से मार्ग निकल सकता है। यदि किसी परिस्थिति में आवश्यकताओं के कारण तत्काल सहायता संभव न हो, तो धर्मसम्प्रदाय की समुदायिक समझदारी और विश्वास के साथ निर्णय लें।
संक्षेप निष्कर्ष
1 शमूएल 21:4 से हमें यह सीख मिलती है कि पवित्रता और आवश्यकता के बीच संतुलन बनाते समय परमेश्वर की व्यवस्था स्पष्ट रहती है, परन्तु मानवीय निर्भरता और विश्वास से प्रेरित निर्णय भी मायने रखते हैं। याजक की स्पष्टता और दाऊद की आस्था दोनों मिलकर एक गहरी आध्यात्मिक शिक्षा प्रस्तुत करते हैं: परमेश्वर सदा उपलब्ध नहीं होता केवल नियमों के कारण, बल्कि उसकी करुणा और विश्वास के मल-स्थापना से भी कार्य कर सकता है।
छोटी-cross-reference व्याख्या
परिचित क्रॉस-रेफरेंस जो इस पाठ की समझ को गहरा करते हैं:
नोट: इस पंक्ति के लिए कोई पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं दिया गया है; उद्धृत विचार सामान्य संदर्भ से हैं।