1 शमूएल 26:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा एक-एक को अपने-अपने धर्म और सच्चाई का फल देगा; देख, आज यहोवा ने तुझको मेरे हाथ में कर दिया था, परन्तु मैंने यहोवा के अभिषिक्त पर अपना हाथ उठाना उचित न समझा।

पिछला पद
« 1 शमूएल 26:22
अगला पद
1 शमूएल 26:24 »

1 शमूएल 26:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 26:23 - वही तत्व जो यहोवा चाहता है

पद 26:23 में दाऊद ने शांति और ईमानदारी के द्वार में एक अत्यंत प्रेरक निर्णय दिखाया। यहोवा ने उसे एक बार फिर अपने धर्म के अनुसार उचित परिणामों के बारे में स्मरण दिलाया। यह अंश यह बताता है कि यहोवा यह न्याय करता है कि वह हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देता है, और सत्य के पथ पर टिके रहने वाले को अंततः आशीष मिलती है।

पद का समेकित प्रभाव – अध्याय में_place

इस अध्याय में दाऊद की स्थिति कठिन है, फिर भी वह नीतिपरक, दयालु और धर्मनिष्ठ रहने का उदाहरण देता है। यहोवा ने उसे चुना नहीं बदला है; बल्कि दाऊद ने धन्यवादपूर्वक और विनम्रता के साथ अपने विरोधियों से दूरी बनाए रखी। इस पवित्रता के साथ, दाऊद प्रमाणित करता है कि प्रभु की आज्ञा के अनुरूप विनय ही सर्वोच्च धर्म है, चाहे बाहरी परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों।

मुख्य आध्यात्मिक पाठ

मुख्य विचार यह है: निष्कपट वैधानिकता और परमेश्वर-भय ही वास्तविक न्याय को जन्म देते हैं। जब दाऊद ने अभिषिक्त के विरुद्ध हाथ नहीं उठाया, तब उसका धर्मich व्यवहार और परमेश्वर के साथ स्थिर विश्वास उजागर हुआ। यह दिखाता है कि भगवान अपने अनुयायियों को उनके सत्य और कठिनाइयों के बीच भी मार्गदर्शन देte हैं, और वही व्यक्ति जो ईमानदारी से धर्म को चुनता है—उसे अंततः सही फल मिलता है।

अन्य पवित्र स्रोतों से संकलित दृष्टिकोण

1) मैथ्यू हेनरी का संकेत: राजा के प्रति दाऊद की नम्रता और परमेश्वर की चुनी हुई बात पर अडिग रहने का आचरण, यह दर्शाता है कि ईश्वर भक्त के सामने कैसे न्याय बनाते हैं।

2) एल्बर्ट बर्न्स का विचार: यहाँ यह सिद्ध होता है कि सत्ता के दबाव में भी धर्म-सत्य को छोड़ना उचित नहीं; सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता ईश्वर के मार्ग में विश्वास को मजबूत बनाती है।

3) एडम क्लार्क का विश्लेषण: यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर के अभिषिक्त के प्रति सम्मान और न्याय की पतली रेखा कैसे श्रेष्ठ चरित्र का प्रमाण बनती है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)

- भज 7:11-12: सही समय पर प्रभु की रक्षा में टिके रहने का प्रमाण।

- भज 37:37: शांति और निष्कपटता से जीवन बिताने का आशीर्वाद।

- रू 12:17-21: शत्रुओं के साथ भी पराई न बने रहते हुए, प्रेम और बुरे के बदले अच्छाई देना।

व्यावहारिक आवेदन

  • कठिन परिस्थितियों में भी धर्म की सच्चाई पर अडिग रहें; सत्ता, विवाद, या व्यक्तिगत शत्रुता आने पर भी आरोपी-प्रेरित हिंसक निर्णय से बचें।
  • अपने उपायों में विनम्रता बनाये रखें और यह याद रखें कि प्रभु ही न्याय करता है; उनके अनुकूल समय में परिणाम मिलते हैं।

संक्षेप

1 शमूएल 26:23 हमें सिखाता है कि परमेश्वर के अभिषिक्त के प्रति सम्मान, धर्म और सत्य के साथ जीवन बिताने से ही सही फल मिलता है। दाऊद ने दिखा दिया कि अस्थायी लाभ के लिए नैतिक पतन नहीं किया जाना चाहिए; ईश्वर समय पर न्याय और इनाम देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 26:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 शमूएल 26:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 26:11 (HINIRV) »
यहोवा न करे कि मैं अपना हाथ यहोवा के अभिषिक्त पर उठाऊँ; अब उसके सिरहाने से भाला और पानी की सुराही उठा ले, और हम यहाँ से चले जाएँ।”

1 शमूएल 24:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 24:6 (HINIRV) »
वह अपने जनों से कहने लगा, “यहोवा न करे कि मैं अपने प्रभु से जो यहोवा का अभिषिक्त है ऐसा काम करूँ, कि उस पर हाथ उठाऊँ, क्योंकि वह यहोवा का अभिषिक्त है।”

1 शमूएल 26:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 26:9 (HINIRV) »
दाऊद ने अबीशै से कहा, “उसे नष्ट न कर; क्योंकि यहोवा के अभिषिक्त पर हाथ चलाकर कौन निर्दोष ठहर सकता है।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें