निर्गमन 22:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“यदि तू मेरी प्रजा में से किसी दीन को जो तेरे पास रहता हो रुपये का ऋण दे, तो उससे महाजन के समान ब्याज न लेना।

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निर्गमन 22:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य बिंदु: दीन-दुखी ऋणग्रस्तों के प्रति न्याय और करुणा

निर्गमन 22:25 का यह निर्देश निर्देश देता है कि यदि कोई व्यक्ति किसी दीन-गिरवी प्रजा के सदस्य को ऋण देता है, तो उसे ऐसा ब्याज नहीं लेना चाहिए जैसे महाजन लेते हैं। यह बाइबल का समाज-सुलभ न्याय और करुणा का सिद्धांत है: ऋण तभी नैतिक है जब वह दबाव या शोषण को जन्म न दे।

पाठ-कठिनाई और साहित्यिक संदर्भ

यह आयत पुराने नियम के सामाजिक-आर्थिक नियमों के भाग के रूप में आता है, जहाँ दास-प्रथा और ऋण-बंधनों की स्थिति में समाज के कमजोर वर्ग की सुरक्षा पर जोर है। कानून में दीन-जन की बेबसी के समय ऋण में निष्पक्षता और मानवीय सम्मान की स्थापना आवश्यक मानी गई है। यह न्याय के नीतिगत पहलुओं को दर्शाता है कि सम्पत्ति और ऋण का वास्तव में मानवीय आयाम है।

थियोलॉजिकल महत्त्व

इस नियम की आत्मा क्रूरता से मुक्त कर देने की ओर इशारा करती है: ऋण पर अस्थिर और अत्यधिक ब्याज आर्थिक शोषण को बढ़ावा देता है, जो सामाजिक-नैतिक असंतुलन पैदा करता है। परमेश्वर का लक्ष्य समाज में दया, गरिमा और निर्भरता के साथ न्याय स्थापित करना है। यह गुरुत्वपूर्ण सिद्धांत है कि गरीब और दीन को सुरक्षा मिलनी चाहिए—यही परमेश्वर की इच्छा है।

पवित्रशास्त्र से क्रॉस-रेफरेंस

  • लैबिया 25:35-37 — मित्रवत ऋण-उधार की नम्रता और ऋण लेने पर दया के साथ व्यवहार का आह्वान; दीनों के लिए सुरक्षा योजना की पुष्टि।
  • कुलुस्सियों 3:25 — जो गलत तरीके से श्रम का लाभ उठाता है, उसे दंड मिलेगा; सही भाव से कर्म करना परमेश्वर के सामने स्वीकार्य है।
  • फिलिप्पियों 2:4 — न केवल अपने हित की परवाह, बल्कि दूसरों के हितों की भी चिंता करें; समाजिक समतलता में करुणा का योगदान।

वैचारिक-विचार

- क्या ऋण लेने-चुकाने के रिश्ते में वास्तविक गरिमा बनी रहती है जब ब्याज मानक मानव-स्तर पर न हो?

- धार्मिक समुदाय में ऋण-नियम का पालन करते हुए आप कैसे दीन-जन की सुरक्षा कर सकते हैं?

अन्वेषण के लिए प्रश्न

  • आप अपने समुदाय में ऋण के साथ किसी प्रकार के शोषण को कैसे रोकते हैं?
  • क्या आप ऐसे कदम सोच रहे हैं जो गरीबों के लिए राहत बनें—उदाहरण के लिए ब्याज-फ्री ऋण या ऋण-समय-सीमा?

संक्षिप्त निष्कर्ष

निर्गमन 22:25 हमें यह सिखाता है कि सामाजिक-आर्थिक नियमों के भीतर नैतिकता और करुणा का संतुलन महत्वपूर्ण है। ऋण देना तब सार्थक होता है जब वह गरिमा और सम्मान को बनाए रखे, न कि दबाव द्वारा शोषण को बढ़ावा दे। परमेश्वर की दृष्टि में समाज का सही गठन दीन-जन के कल्याण के साथ जुड़ा है।

पूर्ववर्तियों के उद्धरण (संक्षिप्त)

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सूक्तियों के केवल सामान्य सार संकेत यहाँ दिए गए हैं; पूर्ण उद्धरण साइट-स्तर पर उपलब्ध हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 22:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

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