Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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निर्गमन 22:7 का संक्षिप्त अर्थ और संदर्भ
इस पद में परमेश्वर ने इस्राएली समाज के भीतर चोरी-छिपे हुए दांवपेंच से बचने के लिए कड़े दंड निर्धारित किए हैं। यह कानून अपराधी और पीड़ित दोनों के सुरक्षा-तत्व को संतुलित करता है: चोर को पकड़ने पर उसे दूना भरना होगा, ताकि चोरी से पीड़ित व्यक्ति को क्षति की भरपाई मिल सके और समाज में स्वामित्व की सुरक्षा बनी रहे। यह नीतिगत ढाँचा सख्ती के साथ साथ न्यायपूर्ण पुनःस्थापना की भावना भी रखता है।
मुख्य अर्थ
यदि किसी ने दूसरे की किसी चीज़ को चुरा लिया हो और वह पकड़ा जाए, तो चोर को दूना देना पड़ेगा। यह नियम सुरक्षा और निष्ठा के सिद्धांत को बढ़ावा देता है ताकि संपत्ति के मामलों में धोखा-धड़ी कम हो और समाज Vertrauen (विश्वास) बना रहे।
दो-तीन मुख्य विषय
संबद्ध पदक (क्रॉस-रेफरेंस) और उनका संक्षेप
1) प्रभु के आदेश में संपत्ति के स्वामित्व की सुरक्षा स्पष्ट है; 2) अन्य कानूनों में भी चोरी पर दांडा और भरपाई का प्रावधान मिलता है; 3) निष्कपट व्यवहार और न्याय का सार यह कि नुकसान की भरपाई से अपराधी के हृदय में परिवर्तन हो सकता है।
क्योंकि आपसी संबंधों में विश्वास बनाए रखना मद्देनजर है, इन आयतों के अनुसार चोरी से होने वाले नुकसान की भरपाई सामाजिक जवाबदेही बनाती है, ताकि हर व्यक्ति सम्मानित और सुरक्षित महसूस करे।
दो-तीन ऐतिहासिक-व्यावहारिक प्वाइंट
व्यावहारिक चिंतन
आज के समाज में भी संपत्ति चोरी जैसी बातें विकराल परिणाम ला सकती हैं। इस verse से सीख मिलती है कि न्याय के साथ करुणा भी आवश्यक है: पीड़ित के लिए उचित पुनर्स्थापना और अपराधी के लिए सुधार के रास्ते। परिवार और समुदाय सुरक्षा के लिए पारदर्शी सही-गलत की पहचान और त्वरित समाधान अहम है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
निर्गमन 22:7 में चोर पर दूना भरने की दी गई व्यवस्था न केवल संपत्ति की सुरक्षा को सुनिश्चित करती है, बल्कि समाज में विश्वास और ईमानदारी के मूल्य को भी मजबूत बनाती है। यह कानून निजी संपत्ति के अधिकार और समुदाय के कल्याण के बीच संतुलन बनाता है।
पूर्व-पाठ (Cross-References)
– पुरानी व्यवस्था के भीतर चोरी के लिए दायित्व और भरपाई के सिद्धांत को स्पष्ट करती अन्य कानूनों से संकेत मिलते हैं।
नोट: इस लेख में Matthew Henry, Albert Barnes, या Adam Clarke के सीधे उद्धरण आवश्यक स्थिति में ही उद्धृत किए गए हैं और यदि उपलब्ध हों तो उनके संक्षिप्त कथनों को समाहित किया गया है।