Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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reader-friendly overview
निर्गमन 23:10 में परमेश्वर इस्राएलियों के लिए एक व्यवस्थित कृषि-विधान देता है, ताकि वे यथार्थतः अपनी भूमि के साथ जीवन के चक्र में जुड़ें। यह निर्देश सिर्फ एक कृषि नियम नहीं है, बल्कि समय और अवसर के साथ मानवीय जीवन के प्रभुत्व-नियमन, श्रम-उत्पादन और सामाजिक न्याय का प्रतीक बनता है। छः वर्ष के बोने—उपज इकट्ठी करने के साथ—पृथ्वी के साथ एक संतुलित संबंध की मांग है; सातवें वर्ष में विश्राम और निर्संचित प्रभु-विश्वास के लिए भूमि को मुक्त छोड़ना एक स्मरण है कि सब कुछ परमेश्वर का है और मानव दायित्व भी उससे सम्बद्ध है।
verse in its chapter
इस अध्याय में प्रभु ने श्रम, वर्ष की गति, सामाजिक समरसता और स्वार्थ-रहित अनुपात स्थापित किया है। हर छः वर्ष में कृषि-धाराओं के क्रम को व्यवस्थित कर देना यह दिखाता है कि समुदाय का जीवन प्रकृति-चक्र के अनुरूप चलता है—उत्पादन, विश्राम, और पुनः आरंभ।
main spiritual lesson
मुख्य संदेश यह है कि जीवन के स्रोत केवल मनुष्य की मेहनत नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा और नियंत्रण है। पांच-वर्षीय योजना या भूमि के साथ सतत प्रतिबद्धता एक आध्यात्मिक आचरण है: समय को समझना, संसाधनों का न्यायपूर्ण विभाजन करना, और समुदाय के सभी के लिए स्वतंत्रता और राहत की व्यवस्था करना।
cross-references
नोट: उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेज़ के पाठ पूर्ण उद्धरण नहीं हैं; वे तात्पर्य का संकेत देती हैं और विषय-वस्तु से जोड़ती हैं।
careful application
- समाज में साझा संसाधनों के उपयोग के लिए संतुलन बनाए रखें: छः वर्षों में उपज सही मात्रा में इकट्ठी करें ताकि सातवें साल में भूमि को आराम मिले।
- दुर्बल और आवश्यकता-श्रेणी के लोगों के लिए विश्राम और राहत की व्यवस्था करें; यह समुदाय की स्थिरता बढ़ाता है।
- फल-उपज के साथ आचार-व्यवहार में ईमानदारी रखें; प्रकृति के चक्र के अनुसार कार्य करना परमेश्वर के नियंत्रण की acknowledgment है।
summary
निर्गमन 23:10 एक व्यावहारिक-आध्यात्मिक निर्देश है जो यह बताता है कि कैसे समय, संसाधन और नौकर-श्रम एक संतुलन में हों। छः-वर्षीय खेती और सातवें वर्ष की विश्राम-योजना सामाजिक न्याय, समुदाय-कल्याण, और परमेश्वर के अधिकार के प्रति निर्धारण का संकेत देती है। इसे पढ़कर हमें यह सिख मिलती है कि प्रकृति-चक्र के अनुसार जीवन जीना और समाज के सबसे कमजोर के लिए व्यवस्था करना एक साथ संभव है, और यही आस्था की व्यवहारिक अभिव्यक्ति है।
उद्धरण तत्व
इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सटीक उद्धरण आवश्यक होने पर ही सीमित मात्रा में प्रयुक्त होंगे। यदि किसी स्रोत के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हों, तो उन्हें उद्धृत किए बिना ही संकेत दिया जाएगा।