Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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reader-friendly overview
निर्गमन 23:7 में परमेश्वर स्पष्ट तौर पर शुक्रिया करता है कि झूठे मुकदमे से दूरी बनानी चाहिए और निर्दोष तथा धर्मी व्यक्तियों को घात से सुरक्षित रखना चाहिए। यह वचन सामाजिक न्याय की बुनियाद है: निंदा से पहले सही-सही विचार, और दुष्ट के पक्ष में भी निष्क्रिय समर्थन नहीं। प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि परमेश्वर निर्दोष का न्याय करेगा और दुष्ट की सच्चाई से भी मुक्ति नहीं दी जाएगी। इस पद के पीछे यह विचार है कि सामाजिक व्यवस्था में सत्य और नैतिकता सर्वोपरि हैं, अन्यथा समाज डगमगाने लगता है।
verse in its chapter
निर्गमन के अध्याय 23 में इस समय के कानूनी-नैतिक निर्देशों का समृद्ध पैकेज है। यह अध्याय विश्वसनीय न्याय, पर्यावरणीय और सामाजिक व्यवस्था, परिवारिक और समुदायिक जीवन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत देता है। इस पुस्तक के केंद्रीय विषयों में से एक है—यथार्थ न्याय: पक्षपात रहित निर्णय, सत्य पर आधारित सौहार्द, और लोगों के सम्मान के साथ व्यवहार।
main spiritual lesson
cross-references और उनके संदर्भ
- “झूठे गवाही या झूठा मुकदमा” के बारे में अन्य उद्धरण: प्रेरित-लोक व्यवस्था में स्पष्ट चेतावनी है कि गवाही सच और न्याय के विरुद्ध नहीं होनी चाहिए (उद्धरण विवरणित नहीं किया गया, पृथक संदर्भ देखें)।
- सत्य के लिए मार्गदर्शक नैतिकता: यहोवा के धर्मसूत्र में सत्य, न्याय और प्रतिफल का संतुलन बारबार उभरता है, जो समुदाय के सभी लोगों पर प्रभाव डालता है।
application
व्यावहारिक अनुप्रयोग में: - मुकदमे या शिकायत दर्ज करते समय सत्यता की पूरी जाँच करें; अटकलें या अंशशः आरोप कहीं आपसी संबंधों को नुकसान पहुंचा दें। - निर्दोष व्यक्ति के विरुद्ध घात या बदनामी से बचें; जरूरत हो तो प्रमाण इकट्ठे करें, लेकिन संवेदनशीलता बनाए रखें। - न्याय में पक्षपात से दूर रहें—दोष-संयोजन के बजाय सत्य की खोज में Pray करें कि परमेश्वर सच बताएं और न्यायपूर्ण परिणाम दें।
concise summary
निर्गमन 23:7 यह स्पष्ट कहता है कि झूठे मुकदमे से दूर रहना, और निर्दोष तथा धर्मी को चोट पहुँचाने से बचना परमेश्वर की इच्छा है। समाज के लिए यह आवश्यक नियम है कि सत्य पर आधारित न्याय हो और निर्दोष लोगों की सुरक्षा बनी रहे।
(remarks from classic commentators)
मै|थ्यू हार्ने: यह चेतावनी न्याय के उल्लंघन को रोकने के लिए है; नागरिकों को निष्कपटता और सत्य की कदर करनी चाहिए।
अॅल्बर्ट बार्न्स: समाज में निष्कपट मुकदमे से बचना अद्यतन नैतिकता है; निर्दोषों की सुरक्षा परमेश्वर के दिल के अनुरूप है।
एडम क्लार्क: दुष्ट को निर्दोष न ठहराने की महत्ता बताता है कि न्यायालय में ईमानदारी सर्वोपरि है, भले ही दबाव और घृणा का वातावरण क्यों न हो।
quotation notes
यदि आप ध्यान दें, तो चर्चित तीन टिप्पणीकारों में से किसी के सीधे पूर्ण वाक्य उद्धृत नहीं हैं, पर उनके विचारों के सार यहाँ मिल जाते हैं: सत्य, निष्पक्षता, और निर्दोष की सुरक्षा—ये सब इस वचन के साथ संगत हैं।