Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
निर्गमन 1 निर्गमन 2 निर्गमन 3 निर्गमन 4 निर्गमन 5 निर्गमन 6 निर्गमन 7 निर्गमन 8 निर्गमन 9 निर्गमन 10 निर्गमन 11 निर्गमन 12 निर्गमन 13 निर्गमन 14 निर्गमन 15 निर्गमन 16 निर्गमन 17 निर्गमन 18 निर्गमन 19 निर्गमन 20 निर्गमन 21 निर्गमन 22 निर्गमन 23 निर्गमन 24 निर्गमन 25 निर्गमन 26 निर्गमन 27 निर्गमन 28 निर्गमन 29 निर्गमन 30 निर्गमन 31 निर्गमन 32 निर्गमन 33 निर्गमन 34 निर्गमन 35 निर्गमन 36 निर्गमन 37 निर्गमन 38 निर्गमन 39 निर्गमन 40Verse
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निर्गमन 23:32 का संदर्भ और अर्थ
व्याख्या में यह verse इस प्रकार के संदर्भ में आता है: परमेश्वर ने इस्राएलियों से कहा कि वे मिस्र की न बड़ी जातियों के साथ वाचा न करें और उनकी देवताओं की न मानें, ताकि वे सत्य और एकत्व में उनके प्रभु के साथ रहें। यह निर्देश उन क्रिया-कलापों से दूर रहने की चेतावनी है जो पाप-संस्कृति को प्रेरित करते हैं और ईश्वर के विरुद्ध वैर धारण करते हैं। यह प्रावधान यह स्पष्ट करता है कि चूंकि धार्मिक और सामाजिक बंधन एक दूसरे से गहरे जुड़ते हैं, इसलिए आस्था का मार्ग स्पष्ट तथा एक-पत्र होना चाहिए।
मुख्य अभिप्राय
यह वाक्य दो बड़े आयाम देता है: पवित्रता की मांग और अलगाव का आग्रह। परमेश्वर चाहता है कि इस्राएल उन राजनीतिक या धार्मिक समझौतों में न फँसे जो उनकी परमेश्वर-भक्ति के मार्ग में बाध्य बनते हैं, और न ही वे अन्य देवताओं के साथ साझा निष्ठा की गलती करें। यह न केवल पूजा-प्रतिष्ठा के बारे में है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में पूर्ण लौकिक-विषयक बाँधों की शुद्धता का प्रश्न है।
2–3 प्रमुख विषय
संदर्भित अनुभाग और सम्बन्धी पंक्तियाँ
यह शिक्षा त्रिरूप में अन्य भागों से सम्बद्ध है:
इन संदर्भों से समझ में आता है कि निष्पक्ष वाचा और देवताओं के प्रति विशुद्ध निष्ठा कैसे समुदाय के लिए सुरक्षा का आधार बनती है।
आचार-प्रयोग और व्यावहारिक विचार
व्यावहारिक दृष्टिकोण से यह verse यह सिखाता है कि आध्यात्मिक निर्णयों में बाहरी दबाव और सामाजिक दबावों से दूर रहना आवश्यक है, ताकि हम भीतर से एकसूत्रता बनाये रख सकें। यह केवल धार्मिक नियम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली का निर्माण है—जो गलत रास्ते पर चलने से रोकता है और सत्य की खोज में स्थिर रहता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
निर्गमन 23:32 इस चेतावनी के माध्यम से यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के साथ एक निष्ठा-बंध निरंतर रखना है और अन्य देवताओं के साथ समझौतों से दूरी। इससे यह सुरक्षित मार्ग बनता है जिससे इस्राएल का समुदाय ईश्वर की योजना के अनुरूप चलता रहे।
क्रॉस-रेफरेंस
1) यहूसा-युग में समान भावना पर बल देता है कि धर्म-संयम और सामाजिक साथी चुनौतियों के बीच सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
2) पुराने नियम के अन्य अध्यायों में भी पवित्रता-आचरण के आग्रह recur होते हैं, जो बाइबल के एकीकृत नैतिक ध्रुवता का संकेत देते हैं।
3) नए नियम में भी विश्वास के एकत्व और सत्य के साथ रहने की प्रेरणा मिलती है, जो विश्व-प्रसिद्ध आस्था-सम्बन्धों के लिए मार्गदर्शक है।
तकनीकी नोट: इस पंक्ति के बारे में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों की सूक्तियाँ सीधे उद्धृत नहीं की गई हैं, पर उनके समान्य अर्थ-वाक्य और विचारों के अनुरूप संक्षेपित विश्लेषण समाकलित किया गया है।