निर्गमन 7:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब जब मूसा और हारून फ़िरौन से बात करने लगे तब मूसा तो अस्सी वर्ष का था, और हारून तिरासी वर्ष का था।

पिछला पद
« निर्गमन 7:6
अगला पद
निर्गमन 7:8 »

निर्गमन 7:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

इस पद का सीधा अर्थ

निर्गमन 7:7 का मूल अर्थ है कि मूसा की आयु अस्सी वर्ष थी और हारून चालीस वर्ष के नहीं, बल्कि तिरासी वर्ष के थे—यानी वे दोनों फ़िरौन से वार्ता आरम्भ करते समय वृद्ध एवं अनुभवी पथिक थे। इससे स्पष्ट होता है कि परमेश्वर ने विशिष्ट कार्य के लिए दोनों को चुना था, जो उनकी उम्र के साथ भी समर्थ थे और परमेश्वर के वचन को मान लेने के लिए प्रेरित थे।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यह वचन एक्सोडस की दीर्घ कथा का प्रारम्भिक भाग है जहाँ मूसा और हारून फ़िरौन से चाहिए गया救 पलटवार करते हैं। मूसा पहले से ही इक्कीस वर्ष की आयु तक ईश्वर के बुलावे को अस्वीकार कर चुके थे, पर परमेश्वर ने उनकी अस्वीकृति को दूर कर उनसे काम लेने का निर्णय किया। अब जब वे फ़िरौन से मिलने जाते हैं, तब उनकी आयुें बताई जा रही हैं—एक संकेत कि ईश्वर का चयन सामान्य मानदंड नहीं, बल्कि उसकी योजना के अनुसार होता है।

interpretive observations

  • युवा बनाम वरिष्ठता का साक्ष्य: उम्र का उल्लेख दर्शाता है कि प्रभु के कार्य में अनुभव, धैर्य और स्थिरता महत्त्वपूर्ण है।
  • विश्वास की तैयारी: अस्सी/तिरासी जैसी आयु में भी परमेश्वर बुला सकता है और साधनों को प्रभावी बना सकता है।
  • द्वय-चयन की भूमिका: मूसा और हारून की साथ मिलकर सेवा—एक प्रकार से प्रतिनिधित्व है कि नेतृत्व में व्यक्तिगत कौशल और जोड़ी का समन्वय आवश्यक है।

1-2 प्रमुख संदेश

— परमेश्वर का चयन मानक-परिभाषाओं से मुक्त होता है; वे जिसे चुाने, वे सक्षम बनाकर कार्य देता है।

— उम्र एक सीमा नहीं है; ईश्वर के साथ मानसिक/आध्यात्मिक तैयारियाँ ही मुख्य हैं।

संयुक्त उद्धार-नीतियाँ (Cross-references)

1) यशायाह 46:4 — परमेश्वर व्यक्ति की आयु के अनुसार उसे समर्थन देता है; दीर्घ जीवन और रक्षा का प्रतिज्ञा दिखती है।

2) रोमियों 11:29 — परमेश्वर की बुलाहट तथा चुने हुए चीज़ों में परिवर्तन की स्थिरता; उसकी योजनाओं में उम्र बाधक नहीं होती।

3) इफिसियों 4:11-12 — धार्मिक नेताओं का संयोजन और सेवावृत्ति, जो समुदाय की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

व्यावहारिक निष्कर्ष

किसी भी आयु में सेवा-कर्तव्य को स्वीकारना और धैर्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उम्र आपकी क्षमता नहीं घटाती; यदि परमेश्वर ने बुलाया है, तब आवश्यक साधन उपलब्ध होंगे।

कथित उद्धरण (public-domain) से संकलन

आदि टिप्पणीकारों के समानांतर विचार: मूसा और हारून की आयु का उल्लेख दर्शाता है कि परमेश्वर के लोक-कार्य के लिए अनुभव और सहकार्य कितने महत्त्वपूर्ण हैं।

सूचना: इस पंक्ति का संक्षेपित अर्थ और संदर्भ सामूहिक अध्ययन के लिए है; कोई वचन शब्द नहीं बदला गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

निर्गमन 7:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 31:2 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 31:2 (HINIRV) »
और उसने उनसे यह भी कहा, “आज मैं एक सौ बीस वर्ष का हूँ; और अब मैं चल फिर नहीं सकता*; क्योंकि यहोवा ने मुझसे कहा है, कि तू इस यरदन पार नहीं जाने पाएगा।

व्यवस्थाविवरण 34:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 34:7 (HINIRV) »
मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आँखें धुँधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।

प्रेरितों के काम 7:23 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 7:23 (HINIRV) »
“जब वह चालीस वर्ष का हुआ, तो उसके मन में आया कि अपने इस्राएली भाइयों से भेंट करे। (निर्ग. 2:11)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें