Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:15 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तेरे पुरखाओं के इतिहास की पुस्तक में खोज की जाए; तब इतिहास की पुस्तक में तू यह पाकर जान लेगा कि वह नगर बलवा करनेवाला और राजाओं और प्रान्तों की हानि करनेवाला है, और प्राचीनकाल से उसमें बलवा मचता आया है। इसी कारण वह नगर नष्ट भी किया गया था।
एज्रा 4:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 4:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 25:4 (HINIRV) »
तब नगर की शहरपनाह में दरार की गई, और दोनों दीवारों के बीच जो फाटक राजा की बारी के निकट था उस मार्ग से सब योद्धा रात ही रात निकल भागे यद्यपि कसदी नगर को घेरे हुए थे, राजा ने अराबा का मार्ग लिया।

2 राजाओं 24:20 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा के कोप के कारण यरूशलेम और यहूदा की ऐसी दशा हुई, कि अन्त में उसने उनको अपने सामने से दूर किया।

एज्रा 4:12 (HINIRV) »
राजा को यह विदित हो, कि जो यहूदी तेरे पास से चले आए, वे हमारे पास यरूशलेम को पहुँचे हैं। वे उस दंगैत और घिनौने नगर को बसा रहे हैं; वरन् उसकी शहरपनाह को खड़ा कर चुके हैं और उसकी नींव को जोड़ चुके हैं।
Reader-friendly Overview
एज्रा 4:15 में राजा और प्रशासनिक अधिकारी इतिहास के अनुरोध के साथ यह चेतावनी देते हैं कि वह नगर बलवा करनेवाला है। यह संकेत करता है कि नगर के विरोध और आक्रमणों के पीछे पुरानी घटनाओं का एक क्रम विद्यमान है, जिसे समझकर ही सही निर्णय लिया जा सकता है। तुलनात्मक संदर्भ से यह स्पष्ट हो जाता है कि पुख्ता इतिहास ज्ञान क्यों आवश्यक है ताकि वर्तमान निर्णयों में ईमानदारी और धर्मसत्य की कसौटी रहे।
Verse in its Context
यह पाठ इतिहास-पुस्तक के एक भाग के रूप में आता है जहाँ यह कहा गया है कि उनके पुरखाओं के इतिहास की पुस्तक में खोज करने पर पता चलता है कि नगर बलवा-कारी और राजाओं को नुकसान पहुँचाने वाला है; इसलिए नगर नष्ट किया गया था। इसका तात्पर्य यह है कि इतिहास से सीख लेकर ही वर्तमान और भविष्य के निर्णय लिए जाएँ, ताकि दुष्ट योजनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Main Spiritual Lesson
सबसे बड़ी सीख यह है कि बाइबल के अनुसार इतिहास चेतावनी और मार्गदर्शन का स्त्रोत है। जो समझ नहीं पाते, वे पुराने उदाहरणों से नहीं सीखते और परिणामस्वरूप वही गतियाँ दोहराते हैं जिनसे सचेत रहते तो बच सकते थे। ईश्वर द्वारा दिए गए इतिहास के ज्ञान से समुदाय सही रास्ते पर रहता है और असत्य-यत्नों से बचता है।
Verse-by-Verse Insight
इस verse में नीति-निर्णय की चाबी यह है कि हमारे कदमों का नेतृत्व कैसे किया जाए। नगर को बचाने या नष्ट करने के निर्णय में इतिहास के प्रामाणिक प्रमाणों की जाँच आवश्यक थी ताकि कोई योजना न केवल राजनीतिक ताकत पर, बल्कि नैतिक और धर्मसत्य के आधार पर हो।
Cross-References and Connections
Application for Today
युग-युग के अनुभव यह बताते हैं कि राजनीतिक या सामाजिक निर्णयों में ईश्वर की चेतावनियों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक होता है। अपने समुदाय के लिए भी यह जरूरी है कि हम इतिहास से सीखें—गलतियाँ दोहराने से बचें, और आसुरी योजनाओं से सुरक्षा के लिए सत्य और न्याय की कसौटी पर निर्णय लें। साथ ही, किसी भी विरोध या संदेह की स्थिति में पवित्र शास्त्र के प्रमाणों और पवित्र-परामर्श से मार्गदर्शन लें।
Brief Summary
एज्रा 4:15 इतिहास के ज्ञान की महत्ता पर जोर देता है—पुराने घटनाओं की किताब में खोज से स्पष्ट होता है कि क्यों नगरों में उथल-पुथल और विनाश हुआ, ताकि वर्तमान समय में हम भी उसी सीख को अपनाकर विश्वास और नैतिकता के साथ निर्णय ले सकें।
Note on Quotations
इस पन्ने में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के संकेत-योग्य विचारों से संक्षेप में प्रेरणा ली गई है; उनके स्वरों के पूर्ण उद्धरण कभी-कभी मूल पाठ में मिलते हैं, परन्तु यहाँ हमने स्वतंत्र, सुसंगत हिन्दी व्याख्या प्रस्तुत की है। यदि किसी स्थान पर उनके विचार सीधे उल्लेखित हों, तो वह पाठ में संक्षेप और संदर्भ-वाक्य के साथ दिया जाएगा।