Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:22 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और चौकस रहो, इस बात में ढीले न होना; राजाओं की हानि करनेवाली वह बुराई क्यों बढ़ने पाए?”
एज्रा 4:22 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 4:22 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 4:13 (HINIRV) »
अब राजा को विदित हो कि यदि वह नगर बस गया और उसकी शहरपनाह बन गई, तब तो वे लोग कर, चुंगी और राहदारी फिर न देंगे, और अन्त में राजाओं की हानि होगी।

एस्तेर 3:8 (HINIRV) »
हामान ने राजा क्षयर्ष से कहा, “तेरे राज्य के सब प्रान्तों में रहनेवाले देश-देश के लोगों के मध्य में तितर-बितर और छिटकी हुई एक जाति है, जिसके नियम और सब लोगों के नियमों से भिन्न हैं; और वे राजा के कानून पर नहीं चलते, इसलिए उन्हें रहने देना राजा को लाभदायक नहीं है।

एस्तेर 7:3 (HINIRV) »
एस्तेर रानी ने उत्तर दिया, “हे राजा! यदि तू मुझ पर प्रसन्न है, और राजा को यह स्वीकार हो, तो मेरे निवेदन से मुझे, और मेरे माँगने से मेरे लोगों को प्राणदान मिले।
एज्रा 4:22 — तुरंत संदर्भ और संदेश
पथ-निर्देश émissions: इस पद में ईश्वरीय देखरेख में बनी एक चेतावनी है। जब ईरान-राजा के समय इस्राएली समुदाय ने परमेश्वर के भवन雅 के विरुद्ध कदम उठाने की योजना चलायी—या जब उन्होंने विरोध किया—तो मगदी शासन ने जवाबी चाल चलकर नगरों में बाधाओं और रोक-टोक की नीति अपनायी। यही अब आधुनिक पाठ के लिए सुरक्षा-सूचना बनती है: ढीले पड़ना नहीं; जो नुकसान करनेवाली बुराई बढ़ाने दे, वह राजा-प्रशासन की दृष्टि से भी भयावह है।
क्या बताता है यह पाठ ईश्वर या विश्वास के बारे में
यह पद यह बताता है कि परमेश्वर के लोग सत्य-जीवन के रास्ते पर चलें तो भी भीतर-भीतर सावधान रहना आवश्यक है। ईश्वर के लोगों के लिए सुरक्षा के मार्ग के भीतर एक सतर्कता और नैतिक जिम्मेदारी का आह्वान है: बेइमानी, दुराचारी राजनैतिक दबावों के विरुद्ध खड़े होना, और सामाजिक-राजनीतिक दबावों के बावजूद धार्मिक-नैतिकता बनाए रखना। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि विश्वास कभी-अविचलित नहीं, बल्कि विवेकपूर्ण क्रिया-प्रत्यय के साथ जुड़ा है।
मुख्य शब्दों और imagery की स्पष्टता
संयुक्त धार्मिक विचार (संक्षिप्त संकलन)
यह संदेश हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप रहते हुए बाहरी शोर-हमलों में भी आस्था को दृढ़ रखना चाहिए। परमेश्वर की आशीष तब मिलती है जब हम सत्य के अनुसार चलते हैं और अन्याय के विरुद्ध साहस दिखाते हैं।
Related cross-references (संक्षेप में) और उनके लिंक-शब्द
इन संदर्भों के बारे में पाठक यह समझ सके कि रहें सक्रिय धर्म-नैतिकता, न कि केवल व्यक्तिगत आस्था।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक मार्गदर्शन
- विश्वास के साथ एक सजग नागरिक बनें: सार्वजनिक नीति और सामाजिक दबाव के बीच सत्य की आवाज को न खोएं।
- नैतिक हानि-रहित नेतृत्व चुनें: समाज के हित में और ईश्वर-आदेश के अनुरुप निर्णय लें।
- स्थिरता बनाये रखें: टिके रहने का अर्थ है कठिन समय में भी परमेश्वर की दिशा पर भरोसा और अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना।
संक्षिप्त एक-लाइन सार
जो लोग ईश्वर के नियमों के साथ चलते हैं, वे ढीले नहीं पड़ते; क्योंकि जो बुराई बढ़ने दे उसकी क्षति अंततः समाज को भी चुभती है—इसलिए सत्य-चेतना के साथ साहसपूर्वक रहें।
उद्धरण संकेत (ऐतिहासिक टिप्पणी): मथ्यू हेनरी, एलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के समानधर्मी विचारों के अनुसार, यह पाठ नैतिक सतर्कता और धार्मिक दायित्व के बीच संतुलन बनाने को प्रेरित करता है; उनके सूचनात्मक विचार इस पाठ के नैतिक-आरोह के लिए एक संरक्षित संदर्भ बनते हैं।