Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:21 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए अब इस आज्ञा का प्रचार कर कि वे मनुष्य रोके जाएँ और जब तक मेरी ओर से आज्ञा न मिले, तब तक वह नगर बनाया न जाए।
एज्रा 4:21 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 4:21 समानांतर पद और संबंधित वचन
इस बाइबल अंश से संबंधित समानांतर वचन चित्र अभी उपलब्ध नहीं हैं।
एज्रा 4:21 का महत्व
यह वचन उन समय की राजनीतिक-धार्मिक उथल-पुथल को सामने लाता है जब लौटे हुए यहूदियों पर पड़ोसी समूहों ने नगर-निर्माण और मंदिर के पुनर्निर्माण के रास्ते में रोक-टोक लगाई। परन्तु परमेश्वर की योजनाओं के सामने हर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एक क्षण के लिए भी टिक नहीं पाती। यह Verse हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के काम में व्यावहारिक अवरोध आ सकता है, पर परमेश्वर का आदेश सर्वोपरि है और उसे असहनीय बनाने वाले तत्व भी अंततः उनके नियंत्रण से बाहर नहीं निकलते।
यथार्थ संदर्भ और संदेश
पश्चिमी बंधनों से मुक्त होकर लौटे यहूदियों के इतिहास में, ईरान के शासन के बाद यहूदियों को Yerushalem (येरुशलेम) के पुनर्निर्माण-कार्य की स्वीकृति मिली, पर पड़ोसियों की कूटनीतिक-चालबाजियाँ उसे रोक देती रहीं। एज्रा 4:21 में गैट-चालकों से कहा गया है कि वे रोके जाएँ और जब तक परमेश्वर की ओर से नया आदेश नहीं मिल रहा, तब तक नगर न बनाएं। यह निर्देश प्रयोगात्मक रूप से यहूदियों के सामूहिक-योजनाओं पर नियंत्रण बनाए रखने के episodes को दर्शाता है, और साथ ही यह स्पष्ट करता है कि निर्भरता-आधारित आर्डर जीवन-योजनाओं में कितनी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
मुख्य संदेश
तुर्क-विचारक अध्ययन से समर्थित थीम
- प्रभु के समय-सारिणी में अस्थायी अवरोध आते हैं, पर उनका उद्देश्यपरक प्रभाव परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति के लिए होता है।
- यहूदियों की इतिहास-यात्रा में धारण-परिवर्तन और नयी आज़ाद-रचना के लिए परमेश्वर का आदेश मुख्य रहस्य बनता है।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त परिचय)
देवotional विचार
जीवन के मार्ग में कभी-कभी हमारे सपने और योजनाएँ क्षणभर के लिए रुक जाती हैं, ताकि हम परमेश्वर की दिशा और समय की महत्ता को समझ सकें। एज्रा 4:21 हमें यह प्रेरणा देता है कि हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा परमेश्वर की आज्ञा है, न कि हमारे सरल प्रयास या बाहरी समर्थ। जब भी हम किसी नए कदम के लिए प्रेरित होते हैं, पहले यह पूछना उचित है: क्या यह कदम परमेश्वर के समय और निर्देशानुसार है? इस शुद्ध ध्यान में हम धैर्य, विश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ें।
संक्षेपित निष्कर्ष
एज्रा 4:21 का मूल पाठ यह है कि नगर-निर्माण जैसे कार्यों पर रोक लगना, परमेश्वर के निर्देश मिलने तक जरूरी है। यह ढांचा हमें आज भी याद दिलाता है कि हमारा हर कदम, परमेश्वर की संस्थित योजना के अनुरूप होना चाहिए, और वही सही मार्ग दिखाता है।
सूक्ष्म उद्धरण (सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकार)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे के सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचारों से प्रेरणा ली जा सकती है—
Matthew Henry (संक्षिप्त): “Providence orders delays, to teach reliance upon God’s command.”
Albert Barnes (संक्षिप्त): “Religious activity must await divine sanction, lest it outrun duty.”
Adam Clarke (संक्षिप्त): “God’s governance suspends human schemes until His word confirms.”
इन से सम्बंधित वास्तविक उद्धरण पूर्ण वाक्यों के रूप में नहीं दिए जा रहे; केवल निर्गत विचार रूप में उल्लेखित हैं ताकि पाठक आवश्यक संदर्भ पाएं।