Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:12 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
राजा को यह विदित हो, कि जो यहूदी तेरे पास से चले आए, वे हमारे पास यरूशलेम को पहुँचे हैं। वे उस दंगैत और घिनौने नगर को बसा रहे हैं; वरन् उसकी शहरपनाह को खड़ा कर चुके हैं और उसकी नींव को जोड़ चुके हैं।
एज्रा 4:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 4:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 5:9 (HINIRV) »
इसलिए हमने उन पुरनियों से यह पूछा, 'यह भवन बनवाने, और यह शहरपनाह खड़ी करने की आज्ञा किस ने तुम्हें दी?'

2 इतिहास 36:13 (HINIRV) »
फिर नबूकदनेस्सर जिसने उसे परमेश्वर की शपथ खिलाई थी, उससे उसने बलवा किया, और उसने हठ किया और अपना मन कठोर किया, कि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर न फिरे।

एज्रा 5:3 (HINIRV) »
उसी समय महानद के इस पार का तत्तनै नामक अधिपति और शतर्बोजनै अपने सहयोगियों समेत उनके पास जाकर यह पूछने लगे, “इस भवन के बनाने और इस शहरपनाह को खड़ा करने की किस ने तुम को आज्ञा दी है?”
एज्रा 4:12 पर टिप्पणी — क्यों यह Verse मायने रखता है
यही एक क्षण नहीं है जब यहूदी वापस यरूशलेम लौटे थे; यह दंगा-रोधक प्रकरण उन्हें वहाँ स्थापित करने के प्रयासों के बीच एक स्पष्ट चेतावनी है। एज्रा 4:12 हमें बताता है कि वैसे लोग दावा करते हैं कि वे श्रम और स्थापना के कर्म में भागीदार हैं, पर वास्तविक उद्देश्य में वे नगर की अधिष्ठान और नीतिगत संरचना को बाधित करना चाहते हैं। यह पद एक एकीकृत संदेश देता है: परमेश्वर के उद्देश्य के सामने मानव-योजना कितनी भी पुख्ता क्यों न हो, उसका अंत वही है जो परमेश्वर के निर्देशों के विरुद्ध हो।
पदार्थ का मूल संदर्भ
बाइबल के यह भाग वह समय-वक्र दर्शाते हैं जब लौटे हुए यहूदी, जो बर्बन काल के बाद Yerushalem लौटे, राजा के शासन के दबाव और स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक प्रतिक्रियाओं से गुजर रहे थे। शासक के पक्ष में यहूदियों के लौटने की सूचना मिलते ही विरोधी समूहों ने यह दावा किया: वे लौटे तो हैं, पर वे नगर की संरचना के लिए खतरा बनेंगे; इसलिए उन्होंने बाधा डालने की योजना बनाई।
मुख्य संदेश
इस verse का प्रधान संदेश यह है कि जब भी परमेश्वर के लोगों के कार्य उन्नति की राह लेते हैं, बुरे विरोधी भी अपनी योजनाओं के साथ सामने आते हैं। पर यहूदियों के विरुद्ध योजना, परमेश्वर के नियोजन के विरुद्ध कभी पूर्ण सफलता नहीं पाती— क्योंकि परमेश्वर ही दिशा देता है और उसकी नींव को ही स्थापित किया जाएगा। यह विरोध-प्रयोजन तब भी आ सकता है जब समाज भली-भांति 'कथित भवन निर्माण' दिखाए, पर परमेश्वर की दृष्टि में असूल-संरचना या नीति-निर्धारण में दोष हो।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
अनुसरणीय क्रॉस-रेफरेंसेस
उच्चारण: ढांचे में नीचे दिए गए संदर्भ विचार के साथ देखें:
धार्मिक-आत्मा को छूने वाले विचार
इस verse से प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार ही निर्माण के निर्देश दिए जाते हैं। यहूदियों के लौटने की कहानी में, विरोध के बावजूद वे स्थिर हुए, क्योंकि उनका आधार परमेश्वर की आज्ञा और बैठक-स्थल के पुनर्निर्माण पर था। भरोसेमंद समुदाय वही है जो दावों और दबावों के बीच भी सत्य के पथ पर रहता है और अपनी नागरिकता के साथ-साथ परमेश्वर के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट रहता है।
व्याख्या समर्थक टिप्पणियाँ—Public-domain टिप्पणीकारों के दृष्टिकोण (संक्षेप)
मार्थो मथ्यू हेनरी, अेल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क की परंपरागत व्याख्या से ये निष्कर्ष मिलते हैं:
• मथ्यू हेनरी: लौटे हुओं के विरुद्ध विरोध का स्वरूप बताता है कि ईश्वर के कार्य में बाधा डालना मनुष्य की नैतिक भ्रमावस्था का संकेत है, पर परमेश्वर का सिद्धांत सर्वोपरि रहता है।
• अेल्बर्ट बार्न्स: यह verse राजनीतिक-धार्मिक दबाव के बीच विश्वास की परीक्षा को दर्शाता है; यहूदियों को सुरक्षा और उद्देश्यों के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना है।
• एडम क्लार्क: निर्माण और नींव के प्रतीकात्मक अर्थ पर बल देते हुए कहते हैं कि बाहरी दिखावा अक्सर आंतरिक उद्देश्य से भिन्न हो सकता है—परन्तु परमेश्वर की योजना असत्य को परास्त करती है।
संकेतार्थी आकर्षण — Devotional reflection
जीवन में कभी-कभी हमारी पहचानी हुई राह पर अचानक दबाव बनते हैं। ऐसे क्षणों में यह पाठ याद दिलाता है कि सत्कार और सत्य के बीच संघर्ष होते हैं, पर ईश्वर की नींव अडिग रहती है। अगर हम अपने कार्यों के पीछे परमेश्वर की मंजूरी खोजते हैं, तो विरोध चाहे कितना भी हो, हमारा निर्माण सुरक्षित रहता है।