Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:8 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अर्थात् रहूम राजमंत्री और शिमशै मंत्री ने यरूशलेम के विरुद्ध राजा अर्तक्षत्र को इस आशय की चिट्ठी लिखी।
एज्रा 4:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 4:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 4:9 (HINIRV) »
उस समय रहूम राजमंत्री और शिमशै मंत्री और उनके अन्य सहयोगियों ने, अर्थात् दीनी, अपर्सतकी, तर्पली, अफ़ारसी, एरेकी, बाबेली, शूशनी, देहवी, एलामी,

2 शमूएल 8:17 (HINIRV) »
प्रधान याजक अहीतूब का पुत्र सादोक और एब्यातार का पुत्र अहीमेलेक थे; मंत्री सरायाह था;

इस आयत का महत्व
एज्रा 4:8 में रहूम राजमंत्री और शिमशै मंत्री द्वारा यरूशलेम के विरुद्ध राजा अर्तक्षत्र को लिखी गई चिट्ठी उसका संकेत है कि परम पिता परमेश्वर के पुनर्निर्माण के समय भी संसार के शक्तिशाली और राजनीतिक हस्तक्षेप भयभीत कर देते हैं। यह सामग्री दर्शाती है कि ईश्वर की योजना के लिए पथro में मानव विद्वान और राजनीतिक नेताओं के निर्णय कैसे संघर्ष में प्रवेश करते हैं, और कैसे परमेश्वर की सुरक्षा और तात्कालिक चपलताओं के बीच विश्वास बनाए रखना पड़ता है।
पारितः मूल संदर्भ क्या बताता है?
यह पंक्ति एजेके - बाइबल के इतिहास में तब प्रकट होती है जब यहूदी वापसी के समय विरोधी सत्ता और प्रशासनिक विरोधाभास सामने आते हैं। चिट्ठी लिखना यह दर्शाता है कि राजा अर्तक्षत्र के शासन के विरुद्ध यहूदियों की स्थिति कितनी संवेदनशील थी और कैसे स्थानीय अधिकारी भी सत्ता के दबाव में रहे। स्पष्ट संदेश है: जब परमेश्वर के लोगों कीगर ज्यादा कठिनाइयों से गुजरते हैं, तो उनके विरुद्ध ताकतें उभरती हैं और राजनीतिक दबाव बढ़ जाते हैं।
मुख्य संदेश
यह आयत स्पष्ट करती है कि संसार की शक्तियाँ कभी-कभी ईश्वर के लोगों को रोकने के प्रयास में आ जाती हैं, पर परमेश्वर की योजना के विरुद्ध वे प्रयास टिक नहीं पाते। प्रेरित करती है कि विश्वासियों को सतह पर दिख रहे राजनीतिक-प्रभाव के बजाय परमेश्वर की परियोजना पर स्थिर रहना चाहिए।
विषय-वस्तु और themes
सूत्र-संरेख (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
निगाह 1: एस्तेर 4:14 के संदर्भ में—दास्तां में जोखिम उठाने और ईश्वर की सहायता की आशा। यह दिखाता है कि इतिहास के निर्णायक क्षणों पर लोगों को डर नहीं बल्कि विश्वास उपयोगी होता है।
निगाह 2: नीतियों और कानूनों के संघर्ष के वक्त हो सकता है कि भक्तिः-परिस्थितियाँ परीक्षण में डाल दें; परंतु परमेश्वर की योजना पहले रहे तो भयसम कोई चोट नहीं दे सकता।
निगाह 3: दानिय्येल 6:10-11 की तरह, दुआ और विश्वास ने शासन-तंत्र के दबाव के बीच भी विश्वासियों को स्थिर रखा।
प्रमुख बाइबिल आयाम से जुड़ा संकल्प
यद्यपि चिट्ठी लिखी गई, पर यह स्पष्ट है कि परमेश्वर के उद्देश्य ऊपर हैं। राजकीय दबाव के बावजूद, वापसी की रेखाओं को जीवित रखने के लिए यहूदियों ने अपनी धार्मिक प्रतिबद्धता और समुदाय-समर्थन बनाए रखा। हमारे लिए तात्विक पाठ यह है कि कठिन राजनीतिक दबावों में भी ईश्वर की सच्चाई का साथ न छोड़ें और समुदाय के भीतर एकता बनाए रखें।
व्यावहारिक devotional विचार
जब समाज या सरकार हमारे विश्वास के विरुद्ध कदम उठाती है, तो नम्रता और स्पष्टता के साथ संवाद करें, पर भय के बजाय विश्वास के मार्ग को चुनें। परमेश्वर की योजना में हमारा भाग है—हम उसी के द्वारा बल पाते हैं और काम करते हैं।