Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 4:3 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 4:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जरुब्बाबेल, येशू और इस्राएल के पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों ने उनसे कहा, “हमारे परमेश्वर के लिये भवन बनाने में, तुम को हम से कुछ काम नहीं*; हम ही लोग एक संग मिलकर फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनुसार इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के लिये उसे बनाएँगे।”
एज्रा 4:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एज्रा 4:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नहेम्याह 2:20 (HINIRV) »
तब मैंने उनको उत्तर देकर उनसे कहा, “स्वर्ग का परमेश्वर हमारा काम सफल करेगा, इसलिए हम उसके दास कमर बाँधकर बनाएँगे; परन्तु यरूशलेम में तुम्हारा न तो कोई भाग, न हक़ और न स्मारक है।”

2 इतिहास 36:22 (HINIRV) »
फारस के राजा कुस्रू के पहले वर्ष में यहोवा ने उसके मन को उभारा कि जो वचन यिर्मयाह के मुँह से निकला था, वह पूरा हो। इसलिए उसने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया, और इस आशय की चिट्ठियाँ लिखवाई:

एज्रा 6:3 (HINIRV) »
“राजा कुस्रू के पहले वर्ष में उसी कुस्रू राजा ने यह आज्ञा दी, कि परमेश्वर के भवन के विषय जो यरूशलेम में है, अर्थात् वह भवन जिसमें बलिदान किए जाते थे, वह बनाया जाए और उसकी नींव दृढ़ता से डाली जाए, उसकी ऊँचाई और चौड़ाई साठ-साठ हाथ की हो;
एज्रा 4:3 का अर्थ और संदर्भ
सीधे शब्दों में कहा जाए तो यह वचन यह बताता है कि परमेश्वर के भवन के निर्माण के काम में येशू और यहूदियों के पितरों के बारे में जब तक बेबीलोनिया या फारस के चयनित अधिकारी सहमति दे रहे हों, तब तक लोगों ने भागीदारी स्वीकार करने से अपने-अपने हिस्से से दूरी बना ली। यहाँ परमेश्वर के मंदिर के लिए लोगों की सहमति, इनपुट, और नेतृत्व की वरीयता स्पष्ट तरीके से झुकाव दिखाती है कि किन कारणों से कुछ समूह अन्य समूहों के साथ मिलकर नहीं चलना चाहते।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह हरकती के समय का दृश्य है जब यहूदियों ने लौटकर नया मंदिर बनाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन कुछ दस्तावेजी प्रतिरोध सामने आते हैं: फारस के राजा कुस्रू के राजादेश के करीब रहने वाले अधिकारी चाहते हैं कि वे मंदिर निर्माण में भाग न लें। इसका आधार यह है कि वे अपने अधिकार और सुरक्षा चाहते थे। फिर जरूबाबेल, येशू (येशू-याकूब का पुत्र नहीं, एक अन्य नाम) और इस्राएल के पितरों के घरानों के प्रमुखों ने कहा कि वे अपने हिसाब से निर्माण करेंगे—पर वे चाहते थे कि दूसरे सहयोगी दल पीछे रहें।
टीकात्मक पठन और अर्थ
यहाँ दो प्रमुख धारणाएँ सामने आती हैं: एक, सरकार और नीतियों के नियंत्रण में ईश्वर-कार्य का भागीदारी सीमित रखना। दो, समुदायिक सहयोग में बाधाओं के कारण प्रोत्साहन और प्रेरणा घटती है। अगर नेता यह कह रहे हों कि “हम ही करेंगे”, तो इसका संकेत है कि वे संस्थागत नियंत्रण की चाह रखते हैं, परन्तु यह भी दिखाते हैं कि परमेश्वर के घर के निर्माण में बहुलता और सहयोग आवश्यक है।
सूझ-बूझ के संकेत
अन्य प्रासंगिक पाठ और उनके अर्थ
1) एज्रा 3–4:1–5: निर्माण के आरम्भिक चरणों में स्थानीय निवासियों द्वारा प्रतिरोध के संकेत मिलते हैं; यह दर्शाता है कि मंदिर बनवाने की प्रक्रिया में सामाजिक-राजनीतिक दबाव कैसे बनते हैं।
2) दानिय्ये 6:15 और एज्रा 6:14: बाद के समय में पुनःTemple निर्माण योजना सफल होती है, यह स्मारक है कि परमेश्वर की योजना मानव-विरोधों के बावजूद आगे बढ़ती है।
संदर्भ-स्तम्भ (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
- हब 1:4–6: लोगों की प्राथमिकताएँ सांसारिक रीतियों में लगी रहती हैं, जबकि परमेश्वर के घर के लिए सही समय और समर्पण की आवश्यकता को बताता है।
- एस्तेर 4:14: जोखिम और दबाव के बावजूद परमेश्वर की योजना के अनुसार साहस से सेवा करने का संदेश देता है।
- हाक 1:2–11: तीव्र आलोचना के बावजूद भविष्य की आत्म-उन्नति और स्थायित्व के लिए पुनः समर्पण आवश्यक है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (Public-domain commentators)
एज्रा 4:3 के संदर्भ में, एडम क्लार्क और आर्थर केन्स में से कुछ टिप्पणियाँ यह बताती हैं कि समुदायिक सहभागिता और नेतृत्व के बीच संतुलन कितना आवश्यक है; मैथ्यू हेनरी के विचार भी यह संकेत करते हैं कि प्रशासनिक बाधाओं के बावजूद परमेश्वर की योजना आगे बढ़ती है जब विश्वास-योग्य समुदाय मिलकर चलते हैं।
विशिष्ट उद्धरण: “हमारे परमेश्वर के लिये भवन बनाने में, तुम को हम से कुछ काम नहीं; हम ही लोग एक संग मिलकर... उसे बनाएँगे।” (एज्रा 4:3) के आस-पास की संरचना में हेनरी, बर्न्स और क्लार्क के समानार्थी स्पष्टीकरणों को ध्यान में रखा गया है।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
कुल मिलाकर, एज Ezra 4:3 हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर के घर के निर्माण में हर एक का योगदान मायने रखता है, और बाधाओं के बीच भी एकनिष्ठता से आगे बढ़ना चाहिए।