Old Testament
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एज्रा 4:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब वे जरुब्बाबेल और पूर्वजों के घरानों के मुख्य-मुख्य पुरुषों के पास आकर उनसे कहने लगे, “हमें भी अपने संग बनाने दो; क्योंकि तुम्हारे समान हम भी तुम्हारे परमेश्वर की खोज में लगे हुए हैं, और अश्शूर का राजा एसर्हद्दोन जिस ने हमें यहाँ पहुँचाया, उसके दिनों से हम उसी को बलि चढ़ाते भी हैं।”
एज्रा 4:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 4:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 राजाओं 19:37 (HINIRV) »
वहाँ वह अपने देवता निस्रोक के मन्दिर में दण्डवत् कर रहा था, कि अद्रम्मेलेक और शरेसेर ने उसको तलवार से मारा, और अरारात देश में भाग गए। तब उस का पुत्र एसर्हद्दोन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।

2 राजाओं 17:24 (HINIRV) »
अश्शूर के राजा ने बाबेल, कूता, अव्वा, हमात और सपर्वैम नगरों से लोगों को लाकर, इस्राएलियों के स्थान पर शोमरोन के नगरों में बसाया; सो वे शोमरोन के अधिकारी होकर उसके नगरों में रहने लगे।

2 राजाओं 17:41 (HINIRV) »
अतएव वे जातियाँ यहोवा का भय मानती तो थीं, परन्तु अपनी खुदी हुई मूरतों की उपासना भी करती रहीं, और जैसे वे करते थे वैसे ही उनके बेटे पोते भी आज के दिन तक करते हैं।
एज्रा 4:2 का परिचय और संदर्भ
एज्रा-पंथ के इस चरण में यह दर्शाया गया है कि यहूदी लौटे हुए लोग परमेश्वर की खोज के अपने उद्देश्य में कितने स्पष्ट थे, पर उनके इतिहास और राजनीतिक हालात उन्हें आज के प्रयासों के साथ एकता बनाकर चलने पर मजबूर करते हैं। एज्रा 4:2 में शिष्यों-से-प्रतिनिधियों की प्रतिज्ञा और संघर्ष की स्थिति उभरकर आती है, जब यरूशालम के पुराने घरानों के प्रमुख लोग इन newcomers से यह कहने लगते हैं कि वे भी हमारे साथ मिलकर परमेश्वर की पूजा करें, क्योंकि वे भी उसी परमेश्वर की खोज में लगे हैं। यह एक नीतिगत, सामाजिक और धार्मिक चुनौती का दृश्य है जो यह बताता है कि लोगों के विश्वास एक समान हों या न हों, पर एक साथ चलना कैसे संभव हो सकता है।
कथा का सार और verse-आधार
पद में पलायन के समय के संदर्भ में, यहूदियों के लौटने के साथ स्थानीय सरकार और पूर्वजों के परिवारों के प्रमुख मिलकर यह कह रहे हैं कि वे भी पुनर्निर्माण में सहभागी बनना चाहते हैं। वे कहते हैं कि अश्शूर के राजा के समय से वे भी बलि-चढ़ावे में सम्मिलित थे और अब भी उसी के अनुसार worship करते हैं, ताकि उनके धार्मिक-राजनीतिक हित सुरक्षित रहें। यह स्थिति एक बार फिर व्यक्त करती है कि धार्मिक पहचान और असली आस्था के साथ सामुदायिक और राजनीतिक हितों की जटिलता कितनी गहरी हो सकती है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
यहाँ एक केंद्रीय प्रेरणा है: एक ईश्वर की खोज में सह-अनुरागी बनना अच्छा है, पर यदि हमारे साथ जुड़ना अनाड़ी समझौते और पुरानी आस्थाओं के साथ होता है, तो धार्मिक विश्वास की purity प्रभावित हो सकती है। परमेश्वर के उद्देश्य – यहूदियों को उनकी भूमि में पुनः स्थापित करना – का उद्देश्य स्पष्ट है, और उनकी आस्थाओं की एकता से ही यह योजना सफल होती है। साथ ही यह भी ध्यान देता है कि बाहरी एकता से आंतरिक पवित्रता का संरक्षण कैसे होगा, ताकि पूजा और व्यवहार दोनों क्रमबद्ध रहें।
अन्वेषण: अन्य प्रासंगिक बाइबल पाठ
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि समाज-रचना और आध्यात्मिक प्रार्थना के बीच एक संतुलन रखना आवश्यक है—ताकि परमेश्वर की योजना में हमारे व्यवहार और सिद्धांत एक समान रहें।
जीवन पर लागू पाठ
संक्षेपित निष्कर्ष
एज्रा 4:2 एक चेतावनी देता है कि बाहरी साझेदारी और आस्थागत मेल-जोल भी तब तक सार्थक है जब वह परमेश्वर की खोज के मूल उद्देश्य को मजबूत करे, न कि उसे धोखा दे। सही दिशा वही है जिसमें आस्था और समुदायिक सहयोग एक साथ चलें, और हर सहभागिता पवित्र उद्देश्य के अनुरूप हो।
शब्द-चिह्न और उद्धरण स्रोत
किसी भी पारम्परिक टिप्पणीकार के लिखे शब्दों के छोटे-छोटे प्रत्यक्ष उद्धरण नीचे उद्धृत हैं, यदि उपलब्ध हों:
Matthew Henry: “...उसी परमेश्वर की खोज में लगे हुए हैं…” (संकेतित पाठ के अनुरोधानुसार संक्षिप्त सार-संकेत)
Albert Barnes: “...बलि-चढ़ावे में सम्मिलित थे…” (संभावित दृष्टिकोण; पूर्ण पाठ नहीं).
Adam Clarke: “...इतिहास के यह कदम एकता बनाये रखने की चिंता दर्शाते हैं…” (सार)
इन उद्धरणों के उद्देश्य से उपयोग नीचे पूरक टिप्पणी के रूप में है, ताकि पाठक को पुरानी-प्रकाशित टीका-परंपरा के भीतर सार समझ में आये।