Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीएज्रा 5:4 बाइबल पद की व्याख्या
एज्रा 5:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उन्होंने लोगों से यह भी कहा, “इस भवन के बनानेवालों के क्या नाम हैं?”
एज्रा 5:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 5:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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पाठ का संक्षेप परिचय
एज्रा 5 अध्याय में यह दृश्य सामने आता है कि ईरायन साम्राज्य के समय यहूदियों के भवन-निर्माण पर नजर रखी जा रही है। वृहत आस्था के साथ उनके बीच पूछताछ और निरीक्षण की प्रक्रिया चल रही है, ताकि यह दिखे कि परमेश्वर के भवन के निर्माण में जिन लोगों के नाम हैं, वे कौन-से लोग हैं। इस वचन में यहूदियों के समुदाय के भीतर उनके नेताओं और निर्माणकर्ता समूह की पहचान जानने की चाह का संकेत मिलता है, जो आगे चलकर उनके कार्य की मान्यता और वितरण में मदद करती है।
आध्यात्मिक पाठ के लिए पंक्ति का संदर्भ
एज्रा 5:4 का मूल भाव यह है कि भवन के ठेकेदारों और उनके नाम की जानकारी मांगी गई, ताकि परियोजना की पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित हो सके। यह इब्रानी प्रचलन में भी एक सामान्य सामाजिक-आर्थिक प्रक्रिया के रूप में देखने को मिलता है, जब किसी बड़े निर्माण पर पंजीकरण और प्रमाणन की आवश्यकता होती है।
पैदायशी अध्याय में पाठ का स्थान
यह आयत 5वें अध्याय के कथन के बीच में है, जहाँ यहूदियों के री-निर्माण-यात्रा पर बाहरी दबाव और आंतरिक निर्णयों की गर्माहट दिखती है। यह अध्याय यहूदियों की दृढ़ता, परमेश्वर की अनुमति, और प्राचीन इतिहास की पुनर्स्मृति का संकेत देता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
इस आयत से हमें यह पाठ मिलता है कि उपरोक्त निर्माण के योग्य ठेकेदारों के नाम पूछना एक प्रकार से समाज में पारदर्शिता, ईमानदारी, और उत्तरदायित्व को स्थापित करने का कदम था। परमेश्वर के घर के निर्माण में मानवीय संगठन और रिकॉर्ड-कीपिंग आवश्यक है, ताकि परियोजना की नैतिकता और समर्पण स्पष्ट रहे। यह भी कि समुदाय अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ एकजुट रहे, ताकि उद्देश्य स्पष्ट रहे।
अनुसंधानपूर्ण तुलनात्मक विचार
- यिर्मयाह 22:13-16 में कहां जाता है कि एक न्यायप्रिय शासन और रक्षक लोग कितनी गहराई से शासन-निर्वह कर लेते हैं, यह दर्शाता है कि नाम-परिचय और जिम्मेदारी का बोध समाज के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
- नीतिवचन 27:23-24 यह बताता है कि अपने चरित्री और संपत्ति की देखरेख कैसे करनी चाहिए ताकि समुदाय में विश्वास बना रहे।
- हबक्कूक 2:2-3 में कहा गया है कि स्पष्ट लेखा-जोखा और धन्यवाद से विश्वास मजबूत होता है; यहीं पर पहचान और सूचना साझा करना महत्त्वपूर्ण है।
उपयोगी क्रॉस-रेफरेंसेज़
इन संदर्भों से ज्ञात होता है कि समुदायिक परियोजनाओं में पुख्ता रिकॉर्ड, स्पष्ट नामांकन और ईमानदार नेतृत्व का महत्व क्या है, ताकि परमेश्वर के कार्य में एकता और विश्वसनीयता बनी रहे।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षेप
एज्रा 5:4 में नामों के प्रश्न की मुद्रा एक साधारण से दृश्य से आगे बढ़कर एक नैतिक-समाजिक मूल्य की ओर इशारा करती है: पारदर्शिता, जिम्मेदारी, और समुदाय-निष्ठा परमेश्वर के घर के निर्माण की आधारशिला हैं। यह आयत यह सिखाती है कि बृहद-कार्य भी सुव्यवस्थित रिकॉर्ड और साझा पहचान से सुदृढ़ होता है, और यह विश्वास-यात्रा में एकता को प्रकट करता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के समान्योक्त संकलनों से प्रासंगिक टिप्पणियाँ उपयोग में लाने के लिए उद्धृत नहीं किए गए हैं, पर उनके विचारों के अनुरूप यह प्रस्तुति निर्माण-नैतिकता और सामुदायिक जवाबदेही के महत्व को उजागर करती है।