Old Testament
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एज्रा 5:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उन्होंने हमें यह उत्तर दिया, 'हम तो आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बनाकर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं।
एज्रा 5:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 5:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 24:15 (HINIRV) »
और यदि यहोवा की सेवा करनी तुम्हें बुरी लगे, तो आज चुन लो* कि तुम किस की सेवा करोगे, चाहे उन देवताओं की जिनकी सेवा तुम्हारे पुरखा महानद के उस पार करते थे, और चाहे एमोरियों के देवताओं की सेवा करो जिनके देश में तुम रहते हो; परन्तु मैं तो अपने घराने समेत यहोवा ही की सेवा नित करूँगा।”

1 राजाओं 6:1 (HINIRV) »
इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के चार सौ अस्सीवें वर्ष के बाद जो सुलैमान के इस्राएल पर राज्य करने का चौथा वर्ष था, उसके जीव नामक दूसरे महीने में वह यहोवा का भवन बनाने लगा।

2 इतिहास 3:1 (HINIRV) »
तब सुलैमान ने यरूशलेम में मोरिय्याह नामक पहाड़ पर उसी स्थान में यहोवा का भवन बनाना आरम्भ किया, जिसे उसके पिता दाऊद ने दर्शन पाकर यबूसी ओर्नान के खलिहान में तैयार किया था : (प्रेरि. 7:47)
एज्रा 5:11 पर टिप्पणी — संदर्भ और अर्थ
यह वाक्य उन घटनाओं के प्रसंग में आता है जब यह्रायियों के दूसरे समूह ने बाबेल के बाद यरूशलेम के मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया। वे फिर से राज्य और मंदिर के प्रशासनिक नियंत्रण के लिए काम कर रहे थे, किन्तु यहूदियों को दबाने वाले बादशाहों के समय में भी संस्थागत स्मारक और विधि-नियमों का पालन जारी रहा। वे कहते हैं कि वे परमेश्वर के दास हैं और पुराने, एक बड़े राजा द्वारा बनवाये गये मंदिर की बना-टेक पर ही अगला भवन बना रहे हैं।
मुख्य अर्थ
वाक्य का मूल भाव यह है कि भक्तजन अपने पूर्वजों के मंदिर-निर्माण की परंपरा को मानते हैं और वह काम करने के अधिकार को परमेश्वर के पवित्र उद्देश्य के अनुरूप देखते हैं। वे यह भी जानते हैं कि वे अपनी शक्तियों और संसाधनों के स्वामी नहीं हैं, पर वे परमेश्वर के उद्देश्य के लिए एक संरचना बना रहे हैं, जो उनके विश्वास और समर्पण की प्रत्यक्ष अभिव्यक्ति है।
तीन प्रमुखTheme
संबद्ध पाठ
1) एक पिछले मंदिर के स्मारक के बारे में स्मरण: पुराने मंदिर का उल्लेख एक ऐतिहासिक मानक के रूप में किया गया है ताकि नया निर्माण उसी उच्च मानक और पवित्र उद्देश्यों के साथ किया जाए।
2) परमेश्वर के दासत्व की पहचान: यह पाठ एक बार फिर बताता है कि दासत्व, यदि सही कारण के लिए हो, परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति में संगत है।
3) राज्य-प्रशासन और धार्मिक कार्य का संतुलन: भले earthly rulers की भूमिका हो, यहाँ परमेश्वर-आस्थापन्न कार्य का केंद्र धार्मिक-तत्व है।
दो-तीन व्यावहारिक विचार
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके तात्पर्य
संक्षिप्त अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में इसका संदेश यह है: जब हम किसी धार्मिक या समुदाय-उद्धार के काम में लगते हैं, तो अपने अधिकार-सीमाओं को जानकर, परमेश्वर की महिमा को केंद्र में रखकर, पुराने विश्वास के सच को नए समय के अनुरूप प्रकट करें।
क्यों यह प्रेरणादायक है
यह वाक्य यह स्मरण कराता है कि प्रार्थना, लगन और जिम्मेदारी के साथ किया गया कार्य कैसे परमेश्वर की दृष्टि में मूल्यवान बन सकता है। पुराने मंदिर-परंपरा से प्रेरणा पाकर नया निर्माण श्रेष्ठता और पवित्रता के मार्ग पर चलता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
उन्होंने कहा: हम आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं और उसी के आलेखन के अनुसार यह भवन बना रहे हैं। यह वक्तव्य एक संतुलन का संकेत है—विश्वास-समझ के साथ कर्म-निर्माण, जिसमें प्रभु के उद्देश्य और पवित्र स्मृतियाँ centerpiece बनी रहती हैं।
युक्त मार्गदर्शन: यह commentary पुरानेEmitters की तपस्या को नई दिशा देता है—विश्वासपूर्ण दासत्व, और परमेश्वर के निर्देश के अनुसार निर्माण का अभ्यास।