Old Testament
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एज्रा 5:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिए जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्होंने इनको न रोका।
एज्रा 5:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 5:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 33:18 (HINIRV) »
देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करुणा की आशा रखते हैं, बनी रहती है,

एज्रा 7:6 (HINIRV) »
यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विषय जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुँह माँगा वर दे दिया।

एज्रा 7:28 (HINIRV) »
और मुझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मैंने हियाव बाँधा, और इस्राएल में से मुख्य पुरुषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें।
ये वाक्य क्यों मायने रखता है?
एज्रा 5:5 में पाठक को यह संदेश मिलता है कि परमेश्वर के भक्तों का कर्म और उनकी आस्थाएं कभी भी निष्क्रिय नहीं रहते; बल्कि परमेश्वर की योजना के अनुसार उनका सहयोग और मार्गदर्शन स्थिर रहता है। प्रवर्तकों के सामने जब परिस्थितियाँ कठिन हों, तब भी परमेश्वर अपनी दृष्टि उन पर बनाए रखता है और उनके क्रमिक कदमों को सुरक्षित बनाता है। यह verse आज के पाठकों के लिए एक प्रोत्साहन है कि ईश्वरीय योजना के प्रति विश्वास बनाए रखें, भले ही मान्यता और जवाब समय ले लें।
मुख्य संदर्भ और तस्वीर
यह उद्धरण ईजरा के समय का है, जब यहूदियों को बर्बन शासन से लौटकर मंदिर-निर्माण की जिम्मेदारी मिली थी। दारा द्वारा भेजी गई चिट्ठी की प्रतीक्षा के दौरान, यहूदियों के पुरनिए यह मानते थे कि उनके कदम स्थिर हैं — क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि उन पर है। निर्माता का उद्देश्य यह है कि यह प्रतीक्षा परमेश्वर के समय-निर्धारण पर टिके, न कि मानवीय दबावों पर। परिणामस्वरूप, कार्य बाधाओं के बावजूद आगे बढ़ता रहा।
प्रमुख संदेश
आध्यात्मिक बनावट और थीम्स
— परमेश्वर की योजनाओं में विश्वास।
— प्रतिक्षा और विश्वास के कारण आगे बढ़ना।
— मार्गदर्शन के लिए सही संस्थाओं से संवाद बनाए रखना।
कुछ उपयोगी cross-references (संक्षिप्त नोट)
- हबक्कुक 2:3: समय पर उत्तर मिलने की अपेक्षा रहते हुए धीरज रखने का विचार। - निम्नलिखित संदर्भ: दान 10:12–13, नीतिवचन 3:5–6 — विश्वास में प्रभु की दिशा को मानना; यह संकेत देता है कि मार्ग स्पष्ट रूप से तब मिलता है जब हम परमेश्वर की योजना पर भरोसा रखते हैं।
व्यावहारिक प्रभाव और नैतिक पाठ
इस वाक्य से सीख मिलती है कि परमेश्वर के लोग अपने संदेश के दायित्वों के प्रति सचेत रहें, और प्रशासनिक-चिट्ठियों या आदेशों के अनुसार समय उठाने में धैर्य रखें। यदि प्रतीक्षा असुविधाजनक हो, तो भी एकजुट होकर कार्य को आगे बढ़ाने का साहस बनाये रखें, क्योंकि ईश्वर की दृष्टि इन कठिन क्षणों में भी उनके साथ है।
संक्षिप्त devotional reflection
हम अक्सर नतीजे चाहते हैं—परन्तु ईश्वर कहता है, धैर्य के साथ आगे बढ़ो। जब तक मार्ग साफ नहीं हो, तब भी उनका विश्वास यह है कि परमेश्वर की दृष्टि उनपर बनी रहती है। जैसे यहूदियों के पुरनिए बारीकी से निर्देश के लिए प्रतीक्षा कर रहे थे, वैसे ही हम भी ईश्वर के समय की प्रतीक्षा करें, यह जानते हुए कि वह अपने लोगों के लिए सर्वोत्तम मार्ग तय कर रहा है।