उत्पत्ति 11:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और रू के जन्म के पश्चात् पेलेग दो सौ नौ वर्ष और जीवित रहा, और उसके और भी बेटे-बेटियाँ उत्‍पन्‍न हुईं।

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उत्पत्ति 11:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

उत्पत्ति 11:19 — संदर्भ और मूल अर्थ

यह पद नूह की चौथी पीढ़ी के संदर्भ में आता है, जब आराधना और जीवन की लंबी आयु के चित्रण के बीच अपने पूर्वजों की संतति का विवरण जारी रहता है। रू नामक पुत्र के जन्म और फिर उसकी जीवित रहने के उल्लेख के साथ ‘पेलेग’ का समय-चक्र जुड़ता है, जो आगे के इतिहास के लिए लिंक बनाता है।

पाठ का तात्पर्य: भगवान के इतिहास संकल्प में जीवन की निरंतरता

यह वाक्य संकेत करता है कि परमेश्वर के योजनाबद्ध चक्र में युग-युग से मानव समूह बढ़ते रहे, और जीवन-रेखा बरकरार रही। पेलेग के वर्षों की गिनती और बेटे-बेटियों की उत्पत्ति यह दर्शाती है कि परमेश्वर ने मानव जाति के साथ अपने बन्धन को बनाए रखा, भले ही संसार ने विविधताओं के साथ अपने पथ पर कदम बढ़ाए हों।

गंठन और शब्दार्थ

- रू: परिवार-समूह का एक सदस्य, जो आगे के वंशावली को प्रेरित करता है।

- पेलेग: एक विशिष्ट आयु-अभिलक्षण दर्शाने वाला नाम; पुरानी पीढ़ियों के जीवन-काल का संकेतक हो सकता है जो आगे बढ़ती धारा के प्रतीक बनता है।

- और जीवित रहा: दैवीय संरक्षण और जीवन की निरंतरता का संकेत है; यह इतिहास के क्रम में एक स्थिरता बताता है कि किसी भी समय भगवान ने मनुष्यों के बीच जीवन बनाये रखा।

धर्मीय पाठ से संबद्ध प्रकाश

यह verses, जैसे अन्य पुरानी शाब्दिक सूचियों की तरह, यह स्मरण कराते हैं कि जीवित रहना केवल भौतिक आयु नहीं, बल्कि परमात्मा की संरक्षण-योजना में एक भूमिका है। परमेश्वर के वाक्यों में दीर्घायु ही नहीं, बल्कि संतति और सामाजिक-आयोजन भी एक पथ पर चलते रहते हैं।

अन्य पड़ाव और संगत संदर्भ

- संदर्भ: उत्पत्ति 5 और 10 की वंशावली में दीर्घायु और परिवार-उत्पत्ति के क्रम को जोड़कर देखा जा सकता है; यह बताता है कि प्रारम्भिक पीढ़ियाँ कैसे पृथ्वी पर प्रभुत्व बनाती रहीं।

- संदर्भ: दाऊद/यशायाह जैसी पुस्तकें जहाँ जीवन की योजना और generations के क्रम की प्रासंगिकता बार-बार उभरती है।

- संदर्भ: हबकुक और अन्य ऐतिहासिक-वर्षों के लेखन में समय के चक्र और परमेश्वर की योजना के साथ मनुष्यों की बढ़ोतरी का चित्रण मिलता है।

आज के संदर्भ में लागू करना

  • परमेश्वर जो भी आयु दे, उसे मानकर जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाएं और परिवार-समूह के साथ प्रेम और स्नेह का संचार करें।
  • कठिन समय में भी God का संरक्षण मूल्य है; छोटे-छोटे जीवन-चालक भी इतिहास के बड़े चक्र में योगदान करते हैं।

क्रॉस-रेफरेंसेज़

1) उत्पत्ति 5:1–32 — एक ही पाठ में जीवन-आयु और वंशावली की क्रमबद्धता मिलती है; परिवार की प्रसार-यात्रा कैसे ईश्वर के योजनाबद्ध क्रम का हिस्सा है, यह स्पष्ट होता है।

2) उत्पत्ति 10:1–32 — नाकामे और अन्य वंशों के साथ दुनिया भर में फैलाव की अवधारणा को जोड़ता है, जो इस अध्याय के जीवन-काल के क्रम को व्यापक धरातल पर देखता है।

3) उत्पत्ति 11:10–18 — पंद्रह-पंद्रह पीढ़ियों के क्रम और परिवार-धारणा का अधिक स्पष्ट चित्र प्रस्तुत करता है।

सारांश

यह पद हमें यह स्मरण कराता है कि परमेश्वर की योजना में जीवन की निरंतरता एक चिह्न है—युग-युग मानवता बढ़ती है, बीच-बीच में संतानें उभरती हैं, और परमेश्वर अपने लोगों के साथ बने रहते हैं। यह अंश हमारे दिन-प्रतिदिन के विश्वास को भी प्रकट करता है: जीवन का हर क्षण, चाहे आयु कितना भी हो, परमेश्वर की देखरेख में है और वह आगे के इतिहास को आकार देता है।

नोट: नीचे उद्धृत एक भीषण उद्धरण यदि मिलता है, तो केवल Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के उपलब्ध शॉर्ट-शीर्ष उद्धरण ही संक्षेप में शामिल किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

उत्पत्ति 11:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

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